ट्रेन नई दिल्ली से चल चुकी थी. मंजिल थी जयनगर. ट्रेन का नाम था स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस. सफर लंबा था. लिहाजा कुछ यात्री सीट पर आराम कर रहे थे, कुछ मोबाइल में लगे थे और कुछ खिड़की के बाहर भागते शहरों और गांवों को देख रहे थे. लेकिन इसी ट्रेन में एक ऐसा सफर भी था, जिस पर समस्तीपुर पहुंचते-पहुंचते आरपीएफ की नजर पड़ने वाली थी.
ट्रेन का AC फर्स्ट क्लास कोच. दो सूटकेस. एक युवती. और उसके साथ सफर कर रहा हरियाणा का एक युवक. फिर समस्तीपुर स्टेशन आया. आरपीएफ की टीम पहुंची. कोच में तलाशी शुरू हुई. और फिर... दो सूटकेसों से कथित तौर पर 75 लीटर ब्रांडेड शराब बरामद हुई. नई दिल्ली से AC फर्स्ट क्लास में सफर कर रहे ये दोनों लोग कौन थे? शराब लेकर दोनों साथ कहां जा रहे थे? इन दोनों का आपस में कनेक्शन क्या था?
यहां देखें Video
दरअसल, समस्तीपुर रेल मंडल की आरपीएफ टीम को सूचना मिली थी. सूचना ये थी कि स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस में एक युवती शराब लेकर यात्रा कर रही है. ट्रेन नई दिल्ली से जयनगर जा रही थी. और बताया गया कि युवती AC फर्स्ट क्लास में सफर कर रही है. अब शराब की सूचना थी, इसलिए मामला गंभीर था. आरपीएफ और सीआईबी की टीम अलर्ट हो गई.
ट्रेन को रास्ते में पकड़ने की बजाय टीम ने समस्तीपुर स्टेशन पर इंतजार किया. फिर ट्रेन स्टेशन पर पहुंची. टीम सीधे AC फर्स्ट क्लास कोच H1 की तरफ बढ़ी. और शुरू हुई तलाशी.
AC फर्स्ट क्लास... और दो सूटकेस
कोच में जांच चल रही थी. टीम को उस युवती तक पहुंचना था, जिसके बारे में सूचना मिली थी. तलाशी के दौरान युवती के सामान की जांच की गई. बताया गया कि उसके पास दो सूटकेस थे. आरपीएफ की टीम ने सूटकेस खोले. अंदर शराब की बोतलें भरी हुई थीं. एक-दो नहीं. बरामद शराब की मात्रा करीब 75 लीटर बताई गई.

यह भी पढ़ें: ऊंट के जरिए हो रही थी हरियाणा में बनी शराब की तस्करी, जंगल के रास्ते खेप लेकर पहुंचते थे दिल्ली
युवती को सामान समेत ट्रेन से उतारा गया. इसके बाद सूटकेस स्टेशन पर लाए गए. शराब की बोतलों की गिनती हुई. और फिर मामले में आगे की कार्रवाई शुरू हुई.
कहानी में एक और किरदार था... एक युवक. वह युवती के साथ AC फर्स्ट क्लास में यात्रा कर रहा था. युवती की पहचान समस्तीपुर जिले की रहने वाली नेहा के रूप में हुई है. वहीं, युवक की पहचान हरियाणा के करनाल निवासी ईशान के रूप में हुई. दोनों नई दिल्ली से एक ही ट्रेन में सफर कर रहे थे. दोनों AC फर्स्ट क्लास में थे. समस्तीपुर पहुंचने पर कार्रवाई हुई. और अब दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया.

सवाल है कि नेहा और ईशान का कनेक्शन क्या था? क्या दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे? क्या दोनों एक साथ ही नई दिल्ली से चले थे? क्या युवक को सूटकेस में मौजूद कथित शराब के बारे में जानकारी थी? या फिर दोनों की भूमिका अलग-अलग थी? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही साफ होंगे.
लग्जरी सफर, लेकिन सामान ने खोल दिया मामला
AC फर्स्ट क्लास को आमतौर पर ट्रेन के सबसे आरामदायक सफर में गिना जाता है. आरामदायक सीट. कम भीड़. शांत माहौल. लेकिन समस्तीपुर में AC फर्स्ट क्लास का ये सफर सुर्खियों में आ गया. आरोप है कि शराब की खेप को नई दिल्ली से बिहार तक ट्रेन के सबसे लग्जरी कोच में लाया जा रहा था. वह भी सूटकेसों में भरकर.

समस्तीपुर पहुंचने से पहले ही आरपीएफ को इसकी सूचना मिल गई. और फिर स्टेशन पर पूरी प्लानिंग का खुलासा हो गया. आरपीएफ की कार्रवाई के बाद युवती और उसके साथ मौजूद युवक को ट्रेन से उतार लिया गया. दोनों को आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी के हवाले कर दिया गया. जीआरपी थाने में मामला दर्ज किया गया. दोनों को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया गया है.
आखिर शराब पहुंचनी कहां थी?
75 लीटर शराब कोई ऐसी चीज नहीं है, जिसे कोई शख्स गलती से अपने सूटकेस में रखकर सफर कर ले. जाहिर है, पुलिस अब इस तस्करी के पूरे नेटवर्क को समझने की कोशिश कर रही है. शराब कहां से खरीदी गई? नई दिल्ली से ही इसे ट्रेन में चढ़ाया गया था या कहीं और से लाई गई? समस्तीपुर पहुंचने के बाद शराब किसके पास जानी थी? क्या इसे स्थानीय स्तर पर बेचा जाना था? और क्या नेहा और ईशान के अलावा इस काम में और लोग भी शामिल थे? आरपीएफ और जीआरपी अब इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने में जुटी है.
इस कार्रवाई के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे. और देखते ही देखते मामला चर्चा का विषय बन गया. लोगों ने तस्वीरों और वीडियो पर अलग-अलग कमेंट शुरू कर दिए. बिहार में शराबबंदी लागू है. इसके बावजूद अलग-अलग रास्तों से शराब की कथित तस्करी के मामले सामने आते रहते हैं. कभी सड़क मार्ग से. कभी ट्रकों से. कभी निजी गाड़ियों से. और कभी ट्रेनों से. समस्तीपुर का मामला इसलिए अलग है, क्योंकि शराब की खेप को AC फर्स्ट क्लास से बिहार लाया जा रहा था.