बात जब किफायती और सुरक्षित यात्रा की होती है, तो फिर भारतीय रेलवे का सफर सबसे ऊपर रहता है. करोड़ों लोग डेली ट्रेन से सफर करते हैं. यात्रियों के सफर को और ज्यादा आरामदायक बनाने के लिए इंडियन रेलवे लगातार नई लग्जरी ट्रेनों को ट्रैक पर उतार रही है. इस मामले वंदे भारत ट्रेन (Vande Bharat Train) खासी पॉपुलर है और इनकी संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. हाल ही में यशवंतपुर से मंगलुरु सेंट्रल के बीच एक नई सफेद नीले रंग की वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का ट्रायल रन किया गया. जिसका वीडियो डीआरएम बेंगलुरु ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है.
बेंगलुरु के खाते में एक और वंदे भारत
भारतीय रेलवे की ओर से बेंगलुरु को एस नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन मिल रही है. इसका ट्रायल रन नए ट्रैक पर शुरू हो चुका है. ये यशवंतपुर और मंगलुरु सेंट्रल के बीच किया जा रहा है. नई सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन से बेंगलुरु और कर्नाटक के बीच कनेक्टिविटी और भी मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी. जिस रेल रूट पर ये Vande Bharat Trial Run किया जा रहा है, वो साउथ वेस्टर्न रेलवे का करीब 360 किलोमीटर लंबा ट्रैक है.
16 डिब्बों वाली लग्जरी वंदे भारत
डीआरएम बेंगलुरु द्वारा यशवंतपुर-मंगलुरु सेंट्रल ट्रैक पर ट्रायल रन के दौरान का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर शेयर किया गया है. इसमें 16 डिब्बों वाली नई सफेद और नीले रंग की लग्जरी वंदे भारत ट्रेन पटरियों पर दौड़ती हुई नजर आ रही है. इस ट्रायल रन का मकसद इस रेट ट्रैक पर वंदे भारत से लगने वाले समय और सर्विस का आकलन करना है.
A trial run of the 16-car Vande Bharat Express from Yesvantpur to Mangaluru Central commenced from Yesvantpur today to assess the timings of the run. pic.twitter.com/sgqm0EGHlB
— DRM Bengaluru (@drmsbc) September 5, 2026
राज्य की 13वीं Vande Bharat
वंदे भारत ट्रायल रन का वीडियो शेयर करते हुए बताया गया है कि इस परीक्षण के दौरान ऑपरेशन, TRO/TRD (इलेक्ट्रिकल), इंजीनियरिंग और मेकेनिकल विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी विभिन्न ऑपरेशनल और सेफ्टी फैक्टर्स की निगरानी करेंगे. बता दें कि अभी कर्नाटक में 12 जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों चल रही है और यशवंतपुर-मंगलुरु ट्रैक पर सेवा देने वाली ये राज्य की 13वीं Vande Bharat Express Train होगी.
2019 में शुरुआत, अभी देश में इतनी वंदे भारत
वंदे भारत सीरीज की ट्रेनों ने 2019 में अपनी शुरुआत के बाद से लंबा सफर तय किया है और इनकी संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी की गई है. प्रीमियम चेयर-कार सर्विस के तौर पर शुरू हुई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन अब ओवरनाइट जर्नी की दिशा में भी विस्तार कर रही है. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के जरिए लंबी दूरी की सेमी-हाई-स्पीड रेल जर्नी आसान-आरामदायक हुई है.
जनवरी 2026 में Vande Bharat Sleeper ने अब तक 100% से अधिक की ऑक्यूपेंसी रेट बनाए रखा. वर्तमान में, देश भर में 162 वंदे भारत सेवाएं संचालित हैं और इनकी डिमांड के चलते ही भारत में वंदे भारत योजनाओं को गति भी मिल रही है.
अब रेलवे वंदे भारत ट्रेनों की संख्या भी लगातार बढ़ाने पर फोकस कर रही है. बीते सप्ताह आई रिपोर्ट की मानें, तो रेलवे की मौजूदा योजना कुल 260 वंदे भारत स्लीपर रेक तैयार किए जाने हैं. इससे लंबी दूरी के रात वाले सफर के लिए तेज और आधुनिक ट्रेनों का नेटवर्क बढ़ सकता है.
इसका मकसद उन रूट्स पर तेज सेवा उपलब्ध कराना है, जहां यात्रियों को रातभर का सफर करना पड़ता है. प्लान के तहत भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) 10, चेन्नई इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) 50, किनेट रेलवे सॉल्यूशंस (KRS) 120 और टीटागढ़-भेल (Titagarh-BHEL 80) रेक बनाएंगे.