रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे लंबे युद्ध को खत्म करने की कोशिशें रंग लाती नजर आ रही हैं. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वॉशिंगटन और कीव के साथ त्रिपक्षीय वार्ताओं को फिर से शुरू करने के लिए तैयार हो गए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ के साथ सेंट पीटर्सबर्ग में हुई मुलाकात के बाद पुतिन ने ये रजामंदी जताई है.
साढ़े चार साल से ज्यादा समय से जारी इस भीषण संघर्ष को थमाने के लिए अमेरिकी प्रशासन लगातार कोशिश कर रहा है. इसी कड़ी में स्टीव विटकॉफ की पुतिन के साथ ये बैठक करीब तीन घंटे तक चली.
पुतिन के विदेशी मामलों के सलाहकार यूरी उशकोव ने बताया कि राष्ट्रपति ने विटकॉफ के साथ बैठक के बाद यूक्रेन वॉर पर बातचीत की मेज पर आने के लिए सहमति दी. वो 10 नवंबर के बाद कीव और अमेरिका के साथ फिर से बातचीत शुरू करेंगे.
ये त्रिपक्षीय वार्ता मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित होगी कि संघर्ष खत्म होने के बाद रूस और यूक्रेन के लिए एक मजबूत सिक्योरिटी सिस्टम कैसे तैयार किया जाए.
ओस्लो बैठक के बाद आई नई तेजी
रूस की यात्रा से एक दिन पहले विटकॉफ ने नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की और कई यूरोपीय नेताओं से मुलाकात की थी. इन बैठकों से संकेत मिलता है कि अंतरराष्ट्रीय नेता अमेरिकी नेतृत्व वाले शांति प्रयासों को एक नई गति देने के लिए बेकरार हैं.
हालांकि, जानकारों का मानना है कि रूस और कीव के बीच शांति की शर्तों को लेकर अभी भी काफी मतभेद हैं, क्योंकि दोनों देशों की सेनाएं युद्ध के मैदान में डटी हुई हैं और लगातार हमले जारी हैं. इसके बावजूद, ओस्लो बैठक में शामिल रहे फिनलैंड के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर स्टब ने मंगलवार देर रात कहा कि इस बैठक में 'वास्तविक प्रगति' हुई है.
वहीं, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक इंटरव्यू में कहा कि युद्ध को खत्म करने के लिए संघर्ष को फिलहाल रोकना रूस की ओर से उठाया जाने वाला सबसे छोटा कदम होना चाहिए.
डीजल प्रतिबंध हटाने पर आभार
सेंट पीटर्सबर्ग के कांस्टेंटाइन पैलेस में हुई इस बैठक में अमेरिकी दूत विटकॉफ ने ओस्लो बैठक को 'उत्पादक' बताते हुए कहा कि शांति प्रयासों में कुछ गति देखने को मिल रही है. इस दौरान विटकॉफ ने रूस के डीजल निर्यात पर से बैन हटाने के लिए पुतिन को धन्यवाद दिया.
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जवाब में राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि वो अमेरिका के साथ आर्थिक संबंधों को फिर से बहाल करने की संभावनाओं पर विचार करने के लिए तैयार हैं. इसके अलावा, उन्होंने अमेरिका के नेतृत्व वाले ईरान संघर्ष पर भी चर्चा करने की इच्छा जताई और कहा कि मास्को तेहरान के साथ अपने विशेष संबंधों का इस्तेमाल शांति स्थापित करने में मदद के लिए कर सकता है.
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