अल-नीनो का झटका, गन्ने से चीनी तक संकट! पानी की कमी बढ़ाएगी मुश्किल

अल-नीनो के बीच बारिश की कमी ने भारत में चीनी उत्पादन को लेकर चिंता बढ़ा दी है. गन्ने में सुक्रोज की मात्रा घटने से लेकर चीनी मिलों तक पानी की किल्लत का खतरा है. जानिए, कैसे बिगड़ सकता है मिठास का पूरा गणित.

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अल-नीनो से बारिश कम, बारिश से गन्ने में मिठास कम और अब चीनी पर पड़ेगा असर. (File Photo: Reuters) अल-नीनो से बारिश कम, बारिश से गन्ने में मिठास कम और अब चीनी पर पड़ेगा असर. (File Photo: Reuters)

आजतक साइंस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 10 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 8:00 AM IST

भारत में बारिश की कमी का असर अब गन्ने की फसल और चीनी के उत्पादन पर पड़ने की आशंका है. अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) ने अक्टूबर 2026 से शुरू हुए 2026-27 सीजन में भारत के चीनी उत्पादन का अनुमान 3.36 करोड़ मीट्रिक टन से घटाकर 2.95 करोड़ मीट्रिक टन कर दिया है. पहले के अनुमान से करीब 41 लाख मीट्रिक टन कम चीनी पैदा होने की उम्मीद है. इसकी मुख्य वजह 2026 में बारिश की भारी कमी बताई गई है.

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USDA के मुताबिक, कम बारिश के कारण गन्ने में चीनी की मात्रा घट सकती है. गन्ने में मौजूद इसी चीनी से मिलों में चीनी बनाई जाती है. इसके अलावा, गन्ने की फसल भी कम होने का अनुमान है. पानी की कमी से चीनी मिलों के कामकाज पर भी असर पड़ सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, 2027 की शुरुआत में सूखे जैसे हालात के कारण गन्ने की पेराई करना मुश्किल हो सकता है.

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गन्ने की पैदावार भी घटने का अनुमान

USDA ने भारत में गन्ने की पैदावार का अनुमान भी कम किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले सीजन में देश में करीब 45.5 करोड़ मीट्रिक टन गन्ना पैदा हुआ था. 2026-27 सीजन में इसके घटकर 43.4 करोड़ मीट्रिक टन रहने का अनुमान है. यानी इस बार गन्ने की पैदावार करीब 2.1 करोड़ मीट्रिक टन कम हो सकती है.

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बारिश कम होने से गन्ने की फसल को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता. इससे गन्ने की बढ़त और उसमें चीनी की मात्रा पर असर पड़ सकता है. ऐसे में चीनी मिलों को पेराई के लिए कम गन्ना मिल सकता है. इसका असर चीनी के कुल उत्पादन पर भी पड़ने की आशंका है.

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पानी की कमी से चीनी मिलों की बढ़ेगी परेशानी

USDA के मुताबिक, पानी की कमी चीनी मिलों के लिए भी बड़ी समस्या बन सकती है. 2027 की शुरुआत में सूखे जैसे हालात रहे, तो गन्ने की पेराई में परेशानी आ सकती है. चीनी बनाने के काम में पानी की जरूरत होती है. ऐसे में पानी कम मिलने पर मिलों का काम प्रभावित हो सकता है. 

इसके अलावा, अगर खेतों में गन्ना कम पैदा होता है, तो मिलों को जरूरत के मुताबिक गन्ना मिलना भी मुश्किल हो सकता है. यानी कम गन्ना और पानी की कमी, दोनों का असर चीनी उत्पादन पर पड़ सकता है.

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अल-नीनो के बीच चीनी उत्पादन पर नजर

अल-नीनो प्रशांत महासागर के तापमान में बदलाव से जुड़ी मौसमी स्थिति है, जिसका असर दुनिया के कई हिस्सों के मौसम पर पड़ सकता है. हालांकि, USDA के दिए गए अनुमान में भारत में चीनी उत्पादन घटने की वजह 2026 में बारिश की भारी कमी और गन्ने की फसल पर उसके असर को बताया गया है.

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अब 2026-27 सीजन में चीनी का वास्तविक उत्पादन कितना रहता है, यह गन्ने की पैदावार, उसमें चीनी की मात्रा और पानी की उपलब्धता पर निर्भर करेगा. फिलहाल USDA ने इस सीजन में भारत में 2.95 करोड़ मीट्रिक टन चीनी उत्पादन का अनुमान लगाया है.

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