scorecardresearch
 

आलू किसानों को राहत! योगी सरकार देगी ₹1/किग्रा स्टोरेज सब्सिडी, बैंक खातों में सीधे आएंगे पैसे

उद्यान मंत्री ने आलू किसानों से आग्रह किया है कि वे किसी भी भ्रम में न पड़ें और केवल सरकार की प्रामाणिक सूचनाओं और आधिकारिक फैसलों पर ही भरोसा करें. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों के कल्याण के लिए उठाए जा रहे ठोस कदमों की जमीनी हकीकत को समझना बेहद जरूरी है.

Advertisement
X
भामाशाह भाव स्थिरता कोष' से मिलेगा ₹1.50/किग्रा का भावांतर भुगतान (Photo-ITG)
भामाशाह भाव स्थिरता कोष' से मिलेगा ₹1.50/किग्रा का भावांतर भुगतान (Photo-ITG)

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के आलू किसानों को बड़ी राहत देते हुए कोल्ड स्टोरेज भंडारण शुल्क में 1 रुपये प्रति किलोग्राम की छूट देने का ऐलान किया है. राज्य के उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के अनुसार, इस सब्सिडी की राशि सीधे प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी. इसके लिए सरकार की ओर से 1,000 करोड़ रुपये के बजट का आवंटन किया गया है.

आलू के बाजार भाव में होने वाले उतार-चढ़ाव से किसानों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए योगी सरकार ने 'भामाशाह भाव स्थिरता कोष' की व्यवस्था की है. इसके तहत बाजार में सही मूल्य न मिलने की स्थिति में किसानों को 1.50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से भावांतर (कीमतों के अंतर का) भुगतान किया जाएगा. इस योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का अलग से प्रावधान किया गया है, जिसकी राशि भी सीधे किसानों के खातों में भेजी जाएगी.

उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता केवल आलू के उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को भंडारण और उपज की बिक्री में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों से बचाना भी है. इसी रणनीति के तहत, उद्यान विभाग ने इस वर्ष फसल की कटाई से पहले ही आलू के मार्केटिंग और नए बाजारों की खोज की कवायद शुरू कर दी थी.

Advertisement

ओडिशा के बाजार पर नजर

उत्तर प्रदेश के आलू किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम दिलाने और दूसरे राज्यों में नए बाजार तलाशने की रणनीति के तहत 30 जनवरी 2026 को भुवनेश्वर में एक विशेष क्रेता-विक्रेता सम्मेलन आयोजित किया गया था. इस कार्यक्रम में यूपी के उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने ओडिशा के उप मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के साथ मिलकर दोनों राज्यों के किसानों और व्यापारियों से सीधी बातचीत की. इस पहल का मुख्य उद्देश्य ओडिशा में उत्तर प्रदेश के आलू की सप्लाई बढ़ाना और स्थानीय किसानों को उनकी फसल के लिए बड़ा बाजार उपलब्ध कराना है.

उद्यान मंत्री ने बताया कि ओडिशा के अलावा उत्तर प्रदेश के उद्यान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की टीमों ने कई अन्य राज्यों का दौरा कर वहां आलू की मांग और आपूर्ति की संभावनाओं का जमीनी आंकलन किया है. सरकार का मानना है कि अंतरराज्यीय व्यापार को बढ़ावा देने से किसानों को फसल बेचने के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे, जिससे कृषि विपणन व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement