हरी मिर्च का मसालों में अपना एक महत्वपूर्ण स्थान है. भारत में खरीफ और रबी दोनों सीजन में मिर्च की खेती होती है. आज कल लोग मिर्च की आधुनिक खेती में सिंचाई के लिए ड्रिप तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं. वहीं, मल्चिंग तकनीक का इस्तेमाल करके मिर्च की बेहतर उपज हासिल कर सकते हैं. आइए जानते हैं तरीका.
mausamsankalp.imd.gov.in: मौसम की मार से किसानों को हर साल भारी नुकसान होता है. ज्यादा बारिश, सूखा, तेज हवा या ओलावृष्टि फसल को बर्बाद कर देते हैं. अब किसान भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के डिजिटल प्लेटफॉर्म 'संकल्प' (SANKALP) के जरिए घर बैठे मौसम की सटीक जानकारी और खेती से जुड़ी सलाह ले सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे.
ईरान में युद्ध और अमेरिका-इज़राइल के हमलों के कारण भारत की चीनी निर्यात प्रभावित हो रहा है. इस वजह से चीनी की मात्रा घरेलू बाजार में बढ़ेगी, जिससे दाम स्थिर रह सकते हैं. 2025-26 के सीजन में भारत का चीनी उत्पादन 12% बढ़ा है और मिलों के पास पर्याप्त स्टॉक है. ऐसे में युद्ध के कारण निर्यात कम होने से घरेलू बाजार को फायदा होगा और आम लोगों को चीनी की कीमतों में राहत मिल सकती है.
Iran Dry Fruits Export: खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण भारत में सूखे मेवों की आपूर्ति बाधित हो रही है. जिससे पिस्ता, अंजीर और किशमिश की कीमतों में ₹40 से ₹100 प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है. ईरान के बंदरगाह बंद होने से सप्लाई रुक गई है और अफगानिस्तान से आने वाली अंजीर की सप्लाई भी प्रभावित हुई है.
आजकल बहुत से लोग गार्डन, घर की छत या बालकनी में गमलों में फूल, सब्जियां और फलदार पौधे लगाते हैं. लेकिन इसके लिए सबसे जरूरी है सही मिट्टी. पौधों की ग्रोथ इस बात पर निर्भर करती है कि आपने उसे किस तरह की मिट्टी में लगाया है. आइए जानते हैं गमलों में पौधे लगाने के लिए कैसे तैयार करें मिट्टी.
योजना में पहले से रजिस्टर्ड किसानों के लिए Farmer ID अनिवार्य नहीं है, लेकिन नई रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों को कुछ राज्यों में Farmer ID बनवाना जरूरी है.
Yellow Hibiscus Flower: पीले गुड़हल का पौधा कम देखभाल में भी खूब बढ़ता है और गर्मियों में आकर्षक फूल देता है. नेशनल सीड्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (NSC) के ऑनलाइन स्टोर से गमले सहित पीले गुड़हल का पौधा घर बैठे खरीदा जा सकता है.
पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त की तारीख नजदीक है, जिसमें पात्र किसानों को ₹2000 की राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी. पिछले वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, यह किस्त फरवरी के आखिरी सप्ताह में जारी होने की संभावना है.
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर फरवरी-मार्च में किसान सिंचाई, खाद, कीट नियंत्रण और सही देखभाल पर ध्यान दें तो आम की पैदावार में जबरदस्त बढ़ोतरी हो सकती है. आइए जानते हैं किसान कैसे करें देखभाल और किन बातों का रखें ध्यान.
Hibiscus Plant: गुड़हल का पौधा घर पर कलम या टहनी से आसानी से लगाया जा सकता है. फरवरी-मार्च और अगस्त-सितंबर के महीने में गुड़हल का पौधा लगाना सबसे उपयुक्त होता है. आइए जानते हैं कटिंग या टहनी से गुड़हल का पौधा लगाने का सही तरीका.
गुलाब का पौधा जितना खूबसूरत होता है, उतना ही नाजुक भी.सही देखभाल न होने पर इसमें कई तरह की बीमारियां लग जाती हैं.
भारत विस्तार योजना के तहत किसानों को अब केवल अपने मोबाइल फोन की मदद से 11 भाषाओं में मदद मिल सकेगी. इस योजना की मदद से किसान मौसम की जानकारी, मंडी भाव, सरकारी योजनाएं और कई अन्य जरूरी सूचनाएं आसानी से पा सकेंगे.
अगर आप चाहते हैं कि आपका गार्डन सुंदर फूलों से चमक उठे, तो आप गार्डन में प्यारे और आकर्षक फूलों के बीज बो सकते हैं. आपको बेस्ट क्वालिटी के बीज नेशनल सीड्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (NSC) की मदद से ऑनलाइन मिल जाएंगे. उच्च क्वालिटी के बीजों की मदद से आप सिर्फ 100 रुपये में बगीचे को शानदार फूलों से सजा सकते हैं.
वर्मी कंपोस्ट (केंचुआ खाद) सबसे बेहतरीन और सस्ता जैविक खाद है. यह मिट्टी को पोषक तत्वों से भरता है. इसके उपयोग से फसलें स्वस्थ और ज्यादा पैदावार वाली होती हैं. अच्छी बात यह है कि किसान वर्मी कंपोस्ट अपने खेत या घर पर ही आसानी से बना सकते हैं.
अगर आप चाहते हैं कि आने वाली गर्मियों में आपका गार्डन फूलों की खुशबू और खूबसूरती से गुलजार रहे तो सही समय पर बीज बो देने चाहिए. सूरजमुखी और गेंदे से लेकर जीनिया तक, कई ऐसे फूल वाले पौधे हैं, जिनके बीज फरवरी के आखिर में बोए जाएं तो गर्मियों में खूब फूल खिलते हैं. आइए जानते हैं सही तरीका.
सरकार ने सभी पंजीकृत किसानों के लिए KYC (Know Your Customer) पूरा करना अनिवार्य कर दिया है. यह एक सरकारी प्रक्रिया है. योजना की 21वीं किस्त 19 नवंबर 2025 को जारी की गई थी.
नींबू का पौधा घर पर लगाना आसान है और सही देखभाल से यह सालभर ताजा नींबू देता है. नर्सरी से पौधा खरीदना, बीज से उगाना या कटिंग से लगाना तीन मुख्य तरीके हैं. गमला, मिट्टी, पानी और खाद की सही तैयारी से पौधा स्वस्थ रहता है. आइए जानते हैं घर पर नींबू उगाने का प्रोसेस.
सरकारी आंकड़े दिखाते हैं कि कई फसलों में MSP घोषित होने के बावजूद किसानों को बाजार में कम कीमत मिली. सोयाबीन, तूर, मक्का, कॉटन और बाजरा जैसी फसलें MSP से नीचे बिक रही हैं. वहीं भारत खाद्य तेल और दालों पर बड़े पैमाने पर आयात कर रहा है.
गुजरात सरकार ने 2026-27 के लिए चना और सरसों की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदने का फैसला किया है. इसके लिए किसान 13 फरवरी से 5 मार्च तक ई-समृद्धि पोर्टल पर मुफ्त ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. कृषि मंत्री जीतू वाघाणी ने बताया कि चने के लिए MSP 5,875 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों के लिए 6,200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है.
मक्का की खेती खरीफ, रबी और जायद तीनों मौसम में की जा सकती है. इसके सुपर-82 हाइब्रिड बीज बंपर पैदावार के लिए बेहतर विकल्प है, जो 125-130 दिनों में 30-40 क्विंटल प्रति एकड़ उपज देते हैं. नेशनल सीड्स कॉर्पोरेशन की ऑनलाइन वेबसाइट पर 4 किलो बीज का पैकेट 6% छूट के साथ उपलब्ध है.
किशमिश और मुनक्का दोनों ही ड्राई फ्रूट्स अंगूर से ही बनते हैं लेकिन इनमें कई महत्वपूर्ण अंतर होते हैं. किशमिश छोटे, बीज रहित अंगूरों से बनती है और इसका रंग हल्का भूरा या सुनहरा होता है जबकि मुनक्का बड़े, काले या लाल अंगूरों से बनती है. आइए जानते हैं किशमिश और मुनक्का में में क्या फर्क है और कैसे बनते हैं.