कृषि मंत्रालय की ओर से चलाए जा रहे 'खेत बचाओ' अभियान का उद्देश्य मिट्टी की उपजाऊ क्षमता को बचाना है. पिछले दशकों में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग ने मिट्टी को बंजर कर दिया है. सवाल यह है कि क्या गलत नीतियों की वजह से किसानों के खेत खराब हुए हैं?
जून के महीने में सही सब्जियों का चुनाव और समय पर खेती किसानों को कम लागत में बेहतर पैदावार और बाजार में मजबूत दाम दिलाने का अच्छा मौका दे सकता है, जिससे उनकी आमदनी में लगातार बढ़ोतरी संभव है.
कम लागत और लंबे समय तक लगातार उत्पादन देने वाली यह फसल किसानों के लिए स्थायी आय का मजबूत विकल्प बन सकती है, जिसमें एक बार निवेश के बाद सालों तक मुनाफे का सिलसिला चलता रहता है.
ये पेड़ न सिर्फ सीमित स्पेस के लिए परफेक्ट हैं, बल्कि कम पानी और नियमित प्रूनिंग में भी लंबे समय तक फल देते रहते हैं. घर की बालकनी या छोटे आंगन को भी ये एक मिनी गार्डन में बदल सकते हैं, जहां हर मौसम में ताजगी और स्वाद भरे फल मिलते हैं.
किचन वेस्ट को फेंकने की बजाय अगर सही तरीके से गार्डन में इस्तेमाल किया जाए, तो यह आपकी मिट्टी को प्राकृतिक रूप से मजबूत और उपजाऊ बना सकता है. गर्मियों के मौसम में सब्जियों के छिलके, फलों के बचे हिस्से और अन्य जैविक कचरा धीरे-धीरे सड़कर मिट्टी में जरूरी पोषक तत्व जोड़ता है, जिससे पौधों की ग्रोथ तेज होती है और वे ज्यादा हरे-भरे दिखते हैं.
Litchi Production Down: बिहार के मुजफ्फरपुर की मशहूर शाही लीची इस बार मौसम की मार झेल रही है. जिले में बदलते मौसम, भीषण गर्मी और बढ़ते पारे का सीधा असर लीची की फसल पर देखने को मिल रहा है. हालत ऐसे हैं कि लीची की फसल को 70 फीसदी तक नुकसान हो रहा है.
खरीफ सीजन शुरू होने से पहले किसान धान की नर्सरी की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन तेज गर्मी और लू ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं. अगर इस समय सही तरीके से नर्सरी तैयार नहीं की गई, तो इसका असर पूरे खरीफ सीजन के उत्पादन पर पड़ सकता है. आइए जानते हैं धान की नर्सरी और बुवाई को लेकर एक्सपर्ट्स की सलाह.
गुजरात के अमरेली जिले के एक किसान ने एक ही आम के पेड़ पर 14 तरह के आम उगाकर सबको हैरान कर दिया है. ग्राफ्टिंग तकनीक की मदद से उगाए गए इन आमों में कई पुरानी और खास किस्में शामिल हैं. किसान उकाभाई भट्टी की यह अनोखी खेती अब लोगों और दूसरे किसानों के लिए आकर्षण और प्रेरणा का केंद्र बन गई है.
अगर आपने अभी तक e-KYC पूरा नहीं किया है या बैंक-आधार लिंकिंग में कोई गलती रह गई है, तो PM किसान की 23वीं किस्त आपके खाते तक पहुंचने से पहले ही अटक सकती है. सरकार की अगली किस्त से पहले ये छोटे से कदम आपकी ₹2000 की मदद को सुरक्षित रख सकते हैं.
क्या आप जानते हैं कि बाजार में महंगे मिलने वाले चिया सीड्स को आसानी से घर पर गमले में उगाया जा सकता है. चिया के पौधे न सिर्फ सुंदर दिखते हैं बल्कि इनकी कोमल पत्तियां, माइक्रोग्रीन्स और बीज सेहत के लिए फायदेमंद हैं. आइए जानते हैं चिया सीड्स उगाने का तरीका.
Parval Farming: परवल एक बार लगाकर 4-5 साल तक उपज देने वाली बारहमासी सब्जी है, जो कम लागत और मेहनत में किसानों को अच्छा मुनाफा देती है. आइए जानते हैं परवल की उन्नत किस्में कौन सी हैं और किस मौसम में परवल की रोपाई करनी चाहिए.
सांप घनी झाड़ियों, नमी और छिपने की जगहों वाले वातावरण में रहते हैं. कनेर के पौधे की घनी बनावट ऐसी है कि इसके नीचे छायादार जगह बन जाती है, जो सांपों के लिए अनुकूल हो सकती है.
कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक, मॉनसून आने से पहले खेत की गहरी जुताई करना किसानों के लिए 'गेम चेंजर' साबित हो सकता है. मॉनसून की बारिश से पहले खेत की 12-18 इंच गहराई तक जुताई से न सिर्फ मिट्टी की ताकत बढ़ेगी, बल्कि फसल उत्पादन में 25-30 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है.
How to grow Brinjal: आजकल लोग अपने घर में हाइब्रिड वैरायटी की सब्जियां उगाना पसंद करते हैं. गर्मियों में आप अपने घर की छत या बालकनी में गमले में बैंगन उगाकर ऑर्गेनिक सब्जी का लुत्फ उठा सकते हैं. राष्ट्रीय बीज निगम (NSC) ‘पूसा उत्तम’ वैरायटी के बीज ऑनलाइन उपलब्ध करा रहा है. जिन्हें आप घर बैठे आसानी से ऑर्डर कर सकते हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रासायनिक उर्वरक घटाने की अपील से यूरिया और DAP आयात में बड़ी कमी, मिट्टी सुधार, विदेशी मुद्रा बचत और भारत के उर्वरक निर्यातक बनने की संभावना जताई गई है.
PM Kisan Samman Nidhi योजना के तहत इस बार किसानों को ₹2000 की 23वीं किस्त मिलेगी. कई किसान सिर्फ छोटी-छोटी गलतियों की वजह से लाभ से वंचित रह जाते हैं.
भारत धान और इथेनॉल उत्पादन पर जोर दे रहा है, जबकि चीन पानी को सेमीकंडक्टर और बैटरी जैसे हाई-टेक उद्योगों में लगा रहा है. जानिए दोनों देशों की अलग रणनीति.
गेंदा भारतीय फूलों में बेहद लोकप्रिय है और इसका इस्तेमाल पूजा की थाली, घर की सजावट और कई तरह के प्रोडक्ट बनाने में किया जाता है. गेंदे के फूल मच्छरों को दूर भगाने में भी मददगार हैं. राष्ट्रीय बीज निगम (NSC) ‘पूसा नारंगी’ के उन्नत बीज ऑनलाइन उपलब्ध करा रहा है. जिन्हें आप घर बैठे आसानी से ऑर्डर कर सकते हैं.
भारत और चीन के बीच जल संसाधन को लेकर तीव्र प्रतिस्पर्धा चल रही है, जहां भारत धान उत्पादन बढ़ाकर इथेनॉल उत्पादन पर जोर दे रहा है जबकि चीन पानी को हाई-टेक उद्योगों जैसे सेमीकंडक्टर और बैटरी निर्माण में लगा रहा है.
Subsidy Scheme: खरीफ सीजन में किसानों को धान, उड़द, मूंग, तिल और मोटे अनाजों के बीज 50 प्रतिशत सब्सिडी पर उपलब्ध कराए जाएंगे. दलहन और तिलहन फसलों के मिनी किट भी वितरित किए जाएंगे. कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि सबसे पहले 15 मई से 80 हजार क्विंटल धान के बीजों का वितरण शुरू किया जाएगा.
Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana (PMKSY): खेत में सिंचाई की लागत को कम करने और अधिक उत्पादन हासिल करने के लिए कृषि विभाग ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई को बढ़ावा दे रहा है. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (सूक्ष्म) के तहत बिहार सरकार ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई पर 90 फीसदी तक सब्सिडी देगी.