Stevia Farming Tips: स्टीविया की खेती किसानों के लिए कमाई का नया विकल्प बन सकती है. मीठी तुलसी के नाम से पहचाने जाने वाले इस पौधे की पत्तियों से प्राकृतिक मिठास देने वाले उत्पाद तैयार किए जाते हैं. अनुकूल परिस्थितियों में एक बार पौधे लगाने के बाद कई साल तक उपज ली जा सकती है.
पपीता ऐसा फल है, जिसकी खपत घरों से लेकर बाजारों तक होती है. इसकी खासियत है कि अनुकूल परिस्थितियों में 8 से 9 महीने में फल मिलने शुरू हो सकते हैं. सही किस्म और वैज्ञानिक तरीके से खेती की जाए, तो 100 पौधों से लाखों रुपये की बिक्री संभव है. हालांकि, असली मुनाफा लागत और बाजार भाव पर निर्भर करेगा.
PM Kisan 24th Installment Update: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों को कुछ जरूरी काम समय रहते पूरे कर लेने चाहिए. ई-केवाईसी, बैंक खाते से आधार लिंकिंग और जमीन के रिकॉर्ड का सत्यापन अधूरा होने पर ₹2,000 की किस्त मिलने में परेशानी आ सकती है.
इस समझौते के तहत जरूरत पड़ने पर सेना एफसीआई के तय गोदामों, वहां काम करने वाले कर्मचारियों और सामान ढोने वाले उपकरणों का इस्तेमाल कर सकेगी.
अगर आप खेती करते हैं, लेकिन आपको खेती से कुछ भी हासिल नहीं होता है, तो यहां कुछ ऐसी चीजों की खेती के बारे में बताया गया है, जिसके तहत आप मोटी कमाई हर सीजन कर सकते हैं. यहां विस्तार से मुनाफे का गणित समझाया गया है...
अगर खेती से होने वाली आमदनी बढ़ानी है, तो जरूरी नहीं कि किसान सिर्फ गेहूं और धान जैसी पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहें. जमीन के एक हिस्से में औषधीय फसलों की खेती भी अतिरिक्त कमाई का विकल्प बन सकती है. तुलसी, अश्वगंधा, शतावरी, पुदीना, एलोवेरा और हल्दी जैसी फसलों की बाजार में मांग रहती है. कुछ फसलों में पानी की जरूरत भी सीमित होती है. हालांकि, खेती शुरू करने से पहले मिट्टी, लागत, बाजार और खरीदार की जानकारी लेना जरूरी है.
मुंबई के चकाचौंध से दूर नाना पाटेकर अपने 27 एकड़ में फैले फार्म हाउस पर सादगी भरा जीवन व्यतीत करना पसंद करते थे. उनके फार्म हाउस पर गाय, बैल से लेकर कुत्ते तक पाले गए थे. नाना पाटेकर खुद फार्म हाउस पर छुट्टियों के दौरान खेती करना पसंद करते थे.
Nana Patekar No More: नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे, किसानों की मदद के लिए उन्होंने बड़े काम किए. महाराष्ट्र के गांवों में जलसंकट और किसानों की सुसाइड के मामलों को देखते हुए उन्होंने 'NAAM' फाउंडेशन के जरिए मदद पहुंचाई.
Nana Patekar Passes Away: 'क्रांतिवीर' से लेकर 'तिरंगा' और 'अब तक छप्पन' जैसी फिल्मों के जरिए बॉलीवुड में अलग पहचान बनाने वाले दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया. वे हमेशा किसानों की आवाज उठाते रहते थे.
भोपाल के दशहरा मैदान में गोपालक सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमित शाह ने सहकारी डेयरी, आधुनिक तकनीक और नस्ल सुधार के जरिए पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने पर जोर दिया. उन्होंने 75,000 नई सहकारी डेयरियों, 50 एकड़ जमीन और नए डेयरी प्रोजेक्ट्स का जिक्र करते हुए कहा कि इससे मध्य प्रदेश में किसानों और महिलाओं को सीधा फायदा मिलेगा.
महाराष्ट्र में पानी का संकट अब किसानों के लिए सिर्फ फसल बचाने की चुनौती नहीं रह गया है, बल्कि बागों और पेड़ों के अस्तित्व पर भी संकट मंडरा रहा है. कई इलाकों में बारिश की कमी और गिरते भूजल स्तर ने हालात बिगाड़ दिए हैं.
गया में दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय ने दो एकड़ जमीन पर एकीकृत खेती का मॉडल तैयार किया है, जहां गाय, बकरी, मुर्गी, बतख, मछली, फल और सब्जियां साथ में शामिल हैं. यह तरीका किसान को एक फसल पर निर्भरता घटाकर कमाई के कई रास्ते बनाने में मदद दिखाता है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार यूरिया के प्रति बोरी के पीछे 2700 रुपये की सब्सिडी दे रही है और किसानों को सिर्फ 300 रुपये में एक बोरी यूरिया प्रोवाइड करा रही है.
Tree Plantation for Income: अगर खेती से हर साल होने वाली कमाई के साथ कुछ साल बाद एकमुश्त रकम भी जुटानी हो, तो खेत में पेड़ों की खेती एक विकल्प बन सकती है. इनमें कुछ पेड़ 5 से 7 साल में तैयार हो जाते हैं, जबकि कुछ लंबा समय लेते हैं. हालांकि, ज्यादा समय लेने वाले पेड़ बिकते भी लाखों में हैं.
UP Dairy Scheme: अगर आप खेती के साथ पशुपालन से कमाई बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं, तो ये सरकारी योजना आपके काम की हो सकती है. 10 देसी गायों की डेयरी यूनिट की लागत करीब 23 लाख रुपये बताई गई है, जिसमें 11.80 लाख रुपये तक की सरकारी मदद मिल सकती है. योजना में साहीवाल, गिर और थारपारकर नस्ल की गायें शामिल हैं.
दलहन-तिलहन उत्पादक किसानों के हित में उठाए गए इस कदम से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और बाजार में कीमतों में गिरावट के दौरान उन्हें आर्थिक सुरक्षा भी मिलेगी.
Modi Cabinet May Hike Rabi MSP: मोदी कैबिनट और सीसीईए की बैठक में छह रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की संभावना है.
खेती के लिए नया कृषि यंत्र खरीदने की सोच रहे किसानों के लिए काम की खबर है. श्रेडर, मल्चर, बेलर, स्लेशर, स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम, हे रेक, स्ट्रॉ रेक और रोटोकल्टीवेटर जैसे यंत्रों पर सब्सिडी पाने का मौका है. पात्र किसानों को अधिकतम 50% तक अनुदान मिल सकता है.
Winter Vegetable Farming: सर्दियों का मौसम किसानों के लिए सब्जियों की खेती से कमाई बढ़ाने का मौका लेकर आता है. इस मौसम में कई ऐसी फसलें हैं, जो कम तापमान में अच्छी तरह तैयार होती हैं और कम समय में बाजार तक पहुंचाई जा सकती हैं. हालांकि, फसल चुनने से पहले बाजार की मांग, पानी, मजदूरी और लागत का हिसाब समझना जरूरी है.
Bharat Vistar Yojna देश के किसानों के लिए कई तरीके से मददगार सरकार स्कीम है. इस ऐप के जरिए किसान अपनी समस्याओं का तत्काल समाधान पर सकते हैं, बल्कि मंडी में फसलों की रेट भी ट्रैक कर सकते हैं.
धान की फसल तेजी से बढ़ रही है और अब बाली निकलने का वक्त आ चुका है, लेकिन इस समय सबसे ज्यादा कीड़ों का असर होता है, जो बाली पर लगते हैं. यहां इन कीड़ों को भगाने का देसी नुस्का बताया गया है.