पंजाब के संगरूर में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ किसानों ने बड़ा मोर्चा खोल दिया है. सैकड़ों किसान अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ डीसी दफ्तर पहुंच गए हैं और दोनों मुख्य रास्तों को घेरकर लंबे धरने की पूरी तैयारी कर ली है. किसानों ने धरना स्थल को ही अपना पूरा आशियाना बना लिया है. ट्रॉलियों के भीतर चारपाइयां बिछ चुकी हैं, राशन का पूरा बंदोबस्त है और चूल्हे भी चढ़ा दिए गए. लंबे समय तक डटे रहने के इरादे से जरूरत का हर सामान पहले ही जुटा लिया गया है.
तजाकिस्तान में प्याज का इतिहास हजारों साल पुराना है. इंसान कम से कम 7,000 साल से प्याज की खेती कर रहा है और मध्य एशिया, जिसमें आज का ताजिकिस्तान भी शामिल है, प्याज की शुरुआती उत्पत्ति और खेती के प्रमुख क्षेत्रों में माना जाता है.
जब तक नीतियां उपभोक्ता और किसान के हितों के बीच संतुलन नहीं बनाएंगी, तब तक कृषि क्षेत्र में असमानता बनी रहेगी और किसान की आय पर दबाव बढ़ता रहेगा.
बाजार में बढ़े दामों का असर सिर्फ ग्राहकों की खरीदारी पर नहीं, बल्कि होलसेल, कारोबारियों के कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है. महंगाई से परेशान लोग जहां कम मात्रा में प्याज खरीदने को मजबूर हैं, वहीं व्यापारी भी बिक्री घटने की बात कह रहे हैं.
चीन के शहद के दाम भी करीब 4 फीसदी घट सकते हैं, जबकि ब्राजील, यूक्रेन और अर्जेंटीना से एक्सपोर्ट होने वाले शहद की कीमतों में बढ़ोतरी की उम्मीद है.
किसानों को अब साधारण धान की जगह ऐसी विशेष फसलों की खेती के लिए तैयार किया जा रहा है, जिनकी भारी मांग फूड इंडस्ट्री से लेकर हेल्थ और मेडिकल सेक्टर तक है.
लगातार बारिश के बीच गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से पूर्वी उत्तर प्रदेश के चंदौली में तटवर्ती इलाकों पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. फिलहाल रिहायशी क्षेत्र सुरक्षित हैं, लेकिन सहजौर गांव में गंगा किनारे कछार में की गई सैकड़ों बीघे की सब्जी की खेती पानी में डूब गई है. किसानों की परवल की फसल बर्बाद होने लगी है. कई किसान बची हुई फसल को निकालने की कोशिश कर रहे हैं. जलस्तर बढ़ा तो नुकसान और बढ़ने की आशंका है.
दिनेश सिंह ने कहा कि योगी सरकार किसानों की आय बढ़ाने, उनके हितों की रक्षा करने और उन्हें पूरा सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है. इन तीनों योजनाओं का संचालन नए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और आसान बनेगी.
उद्यान मंत्री ने आलू किसानों से आग्रह किया है कि वे किसी भी भ्रम में न पड़ें और केवल सरकार की प्रामाणिक सूचनाओं और आधिकारिक फैसलों पर ही भरोसा करें. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों के कल्याण के लिए उठाए जा रहे ठोस कदमों की जमीनी हकीकत को समझना बेहद जरूरी है.
जो केमिकल यूरोप के नागरिकों की सेहत और पर्यावरण के लिए खतरनाक मानकर बैन कर दिया गया हो, क्या उसे भारतीय कृषि और ग्रामीण आबादी के हवाले किया जा सकता है? भारत सरकार ने इस सवाल का सख्त जवाब देते हुए दिग्गज केमिकल कंपनी सिंजेंटा के आवेदन को ठंडे बस्ते में डाल दिया है.
बाजार से फल और सब्जियां खरीदते वक्त हर आम आदमी के मन में यह डर जरूर होता है कि कहीं इनमें खतरनाक कीटनाशक तो नहीं मिले हैं. लोकसभा में केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा दिए गए आंकड़ों ने इस चिंता को और हवा दे दी है.
देशभर के 6,000 से ज्यादा कृषि छात्रों के लिए स्कॉलरशिप और फेलोशिप भुगतान की प्रक्रिया आसान होने जा रही है. NSP-DBT व्यवस्था के तहत ₹21.35 करोड़ की राशि सीधे छात्रों के बैंक खातों में भेजी जाएगी. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ICAR-IARI, पूसा में इसकी शुरुआत की.
किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की लोन लिमिट ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दी गई. इससे किसान खेती के अलावा पशुपालन और मछली पालन जैसी गतिविधियों के लिए भी ज्यादा वित्तीय सहायता ले सकेंगे. समय पर लोन चुकाने पर ब्याज में अतिरिक्त राहत का प्रावधान भी है. जानिए केसीसी पर कितना ब्याज लगेगा, कौन आवेदन कर सकता है और इसके लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी.
जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले की आसिया अकबर ने सीमित जगह में खेती को कमाई के मॉडल में बदलने की मिसाल पेश की है. बड़े खेत की कमी के बावजूद उन्होंने घर के अंदर मशरूम उत्पादन से शुरुआत की और बाद में छत पर सब्जियां, मसाले और पौध तैयार करने का काम शुरू किया. आसिया इन उत्पादों की बिक्री से हर महीने करीब ₹35,000 से ₹40,000 तक कमाई कर रही हैं.
देश में लगातार बढ़ती चीनी की कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है. आगामी अक्टूबर से शुरू हो रहे नए सीजन में एथेनॉल बनाने के लिए गन्ने के इस्तेमाल को सीमित किया जा सकता है.
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में 10 रुपये प्रति लीटर की दर से गोमूत्र खरीद का पायलट प्रोजेक्ट शुरू हुआ है. एफपीओ के जरिए 15 गांवों से रोजाना 500 लीटर गोमूत्र एकत्र कर दवाएं बनाई जा रही हैं. इस योजना में 300 महिलाओं को शेयरहोल्डर बनाकर रोजगार से जोड़ा गया है.
हालिया रिपोर्ट से साफ होता है कि भले ही पिछले साल की तुलना में इस बार खाने-पीने की चीजें नियंत्रण में हैं, लेकिन जुलाई में टमाटर की आवक घटने और कीमतों में अचानक आए उछाल ने थाली का स्वाद बिगाड़ दिया है.
हिमाचल प्रदेश सरकार ने मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए कोल्ड स्टोरेज, फ्रीज-ड्राई यूनिट, रेफ्रिजरेटेड वैन, फिशिंग बोट और कास्ट नेट-गिल नेट की खरीद पर 70 फीसदी से 90 फीसदी तक सब्सिडी वाली कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनका लाभ एफपीओ, सहकारी समितियां, बेरोजगार युवा, मछुआरे, विक्रेता और मछली पालक ले सकेंगे. सरकार का कहना है कि डीबीटी, सत्यापन, सात साल तक परिसंपत्तियां चालू रखने और लाइसेंस जैसी शर्तों के साथ यह कदम भंडारण, परिवहन, सुरक्षा, टिकाऊ मछली पकड़ने, रोजगार, उद्यमिता और राज्य की ब्लू इकॉनमी को मजबूत करने के मकसद से लाया गया है.
केंद्रीय कैबिनेट ने ₹23,731 करोड़ की गोबरधन स्कीम को मंजूरी दी है. योजना के तहत पराली, गोबर, कृषि अवशेष और नगर निकायों के जैविक कचरे से कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) तैयार की जाएगी. सरकार का लक्ष्य 2036 तक घरेलू CBG उत्पादन को करीब 10 गुना बढ़ाना है. योजना में CBG की अनिवार्य ब्लेंडिंग, उत्पादकों के लिए तय कीमत और प्रोजेक्ट्स को पूंजी सहायता का प्रावधान है.
सहजन की खेती से एक किसान आज के समय में 80 लाख रुपये सालाना की कमाई कर रहा है. यह एक तरह की ऐसी खेती है, जो 5 महीने में ही तैयार हो जाती है और लागत भी कम लगती है.
उत्तर प्रदेश में डेयरी क्षेत्र सिर्फ दूध उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया जीवन देने और युवाओं को अपने गांव में ही सम्मानजनक आजीविका प्रदान करने का मजबूत आधार बन चुका है.