अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक बार फिर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं. एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को ईरान के भीतर मौजूद कई ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए गए. इसके साथ ही सैन्य कार्रवाई में लगा संक्षिप्त विराम खत्म हो गया है.
अमेरिका की यह ताजा सैन्य कार्रवाई ईरान की ओर से इस हफ्ते जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने के बाद हुई है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा था कि सभी आने वाली मिसाइलों को रोक लिया गया और हमला नाकाम कर दिया गया.
CENTCOM के मुताबिक, मिसाइलें ईरान की जमीन से दागी गई थीं और इसे मिडिल ईस्ट में अमेरिकी बलों के खिलाफ अचानक हमला करने की कोशिश बताया गया. कमांड ने हमले के संभावित लक्ष्य की पुष्टि नहीं की, लेकिन एक्सियोस समेत अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मिसाइलों का निशाना जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डा था.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक्स पोस्ट में बताया कि अमेरिका ने आज रात 8 बजे (ET) से ईरान के खिलाफ हवाई हमले शुरू किए. ये हमले मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी सेना पर कल ईरान द्वारा किए गए हमलों की कोशिश का कड़ा जवाब है.
इससे कुछ घंटे पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अमेरिकी सैनिकों पर किसी भी हमले का जोरदार जवाब दिया जाएगा. फॉक्स न्यूज के मुताबिक, ट्रंप ने कहा, 'हम उन्हें हराएंगे. हम उन पर बहुत जोरदार हमला करेंगे. उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी.'
इराक में अमेरिका-सऊदी अरब की संयुक्त कार्रवाई
उधर, अमेरिका और सऊदी अरब ने मंगलवार देर रात इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के खिलाफ संयुक्त हवाई हमले भी किए. पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) के मुताबिक, इन हमलों में कम से कम 20 लोगों की मौत हुई है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि कार्रवाई में पूर्वी इराक में मिलिशिया के लॉजिस्टिक केंद्रों और हथियारों के ठिकानों को निशाना बनाया गया.
अमेरिका के मुताबिक, पिछले तीन दिनों में अमेरिकी बलों और सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों के खिलाफ 30 से अधिक ड्रोन हमले किए गए थे, जिनके पीछे ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का हाथ होने का आरोप लगाया गया.
यह कार्रवाई सऊदी अरब की उस घोषणा के बाद हुई, जिसमें उसने कहा था कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने देश के पूर्वी प्रांत में तेल प्रतिष्ठानों की ओर बढ़ रहे ड्रोन को रोक दिया है. रियाद ने इन हमलों के लिए इराक से सक्रिय ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों को जिम्मेदार ठहराया.
कूटनीति के बीच फिर बढ़ा तनाव
अमेरिका के ताजा हवाई हमले ऐसे समय में हुए हैं जब वॉशिंगटन और तेहरान के बीच क्षेत्रीय मध्यस्थों के जरिए अप्रत्यक्ष कूटनीतिक संपर्क जारी रहने की खबरें हैं. अमेरिका ने पिछले हफ्ते ईरान के खिलाफ बमबारी अभियान को अस्थायी रूप से रोक दिया था. अमेरिकी अधिकारियों ने कहा था कि सैन्य कार्रवाई रोककर हालात का आकलन करने और कूटनीतिक रास्ते तलाशने की कोशिश की जा रही है.
इस हफ्ते की शुरुआत में ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच अच्छी बातचीत चल रही है और समझौते की संभावना भी है. हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी थी कि बातचीत नाकाम रहने पर सैन्य कार्रवाई फिर शुरू की जा सकती है.
ट्रंप ने पत्रकारों से कहा था, 'हमारी अच्छी बातचीत हो रही है. मुझे लगता है कि कुछ होने की अच्छी संभावना है और अगर ऐसा नहीं होता है, तो हम दो दिन पहले जो कर रहे थे, वही फिर शुरू कर देंगे.'
नेतन्याहू से मुलाकात के बाद बढ़ा तनाव
अमेरिका के नए हमले ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की व्हाइट हाउस में हुई मुलाकात के बाद भी सामने आए हैं. बैठक में ईरान प्रमुख मुद्दों में शामिल था. व्हाइट हाउस ने दोनों नेताओं की बातचीत को सकारात्मक और रचनात्मक बताया था. मंगलवार को हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में ईरान मुख्य मुद्दा रहा. एक्सियोस के मुताबिक, दोनों नेताओं ने ईरान से निपटने के तीन संभावित विकल्पों पर चर्चा की. इसमें कूटनीति, आर्थिक प्रतिबंध और सैन्य कार्रवाई पर विस्तार से विचार किया गया.