30 जुलाई 1971 को जापान में एक बोइंग 727 और एक फाइटर जेट के बीच हवाई टक्कर हो गई थी. इस घटना में 162 लोग मारे गए थे. सैन्य विमान रडार के बिना उड़ान भर रहा था. यह टक्कर 28,000 फीट की ऊंचाई पर हुई थी. जब जापानी आल्प्स के ऊपर अचानक यात्री विमान के सामने दो फाइटर जेट आ गए थे.
ऑल निप्पॉन एयरवेज की फ्लाइट 58 होक्काइडो के चिटोसे हवाई अड्डे से टोक्यो जा रही थी, जिसमें अधिकतर युद्ध पीड़ितों की सहायता के लिए समर्पित एक समूह के सदस्य सवार थे. उड़ान भरने में कोई परेशानी नहीं हुई और विमान जल्द ही 28,000 फीट की ऊंचाई पर पहुंच गया. जापानी आल्प्स के ऊपर से गुजरते हुए, फ्लाइट 58 का अचानक दो सैन्य जेट विमानों से सामना हुआ.
जापानी एफ-86 सेबर जेट में से एक को कैप्टन कुमा उड़ा रहे थे. दूसरे को उनके छात्र, सार्जेंट इचिकावा उड़ा रहे थे, जिन्हें उड़ान का कुछ ही घंटों का अनुभव था. दोनों जेट में रडार नहीं लगा था. इस वजह से फाइटर जेट को बोइंग 727 की मौजूदगी का पता नहीं चल पाया. इसी वजह से इचिकावा के लड़ाकू जेट ने बोइंग 727 को टक्कर मार दी.
इस टक्कर के बाद दोनों विमान पहाड़ों में जा गिरे. यात्री विमान से टकराने के बाद इचिकावा किसी तरह अपने फाइटर जेट से इजेक्ट होकर पैराशूट की मदद से सुरक्षित नीचे उतर आए. वहीं फ्लाइट 58 में सवार सभी 162 लोग हादसे में मारे गए. इस घटना के बाद योशिमी इचिकावा पर अदालत में मुकदमा चला. इस मामले में इचिकावा पर गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया. हालांकि, काफी सुनवाई के बाद मुकदमे में उन्हें बरी कर दिया गया.