कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के माता-पिता ने दावा किया है कि उनके बेटे को बीजेपी में शामिल होने या परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई थी. धमकी मिलने के बाद महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में रहने वाले दीपके के माता-पिता को कुछ समय के लिए अपना घर छोड़कर रिश्तेदार के यहां शरण लेनी पड़ी.
इंडिया टुडे की खबर मुताबिक अभिजीत दीपके की मां अनीता दीपके ने बुधवार को एक मराठी न्यूज चैनल से बातचीत में यह दावा किया. उन्होंने बताया कि उनके बेटे ने व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन शुरू करने के कुछ समय बाद कथित तौर पर एक वीडियो के जरिए मिली धमकी के बारे में परिवार को जानकारी दी थी. अनीता के मुताबिक, वीडियो में अभिजीत को बीजेपी में शामिल होने के लिए कहा गया था और ऐसा नहीं करने पर उसके माता-पिता को निशाना बनाने की धमकी दी गई थी.
उन्होंने कहा कि अभिजीत ने शुरुआत में परिवार को इस धमकी के बारे में नहीं बताया था. बाद में उसने उन्हें घटना की जानकारी दी और वीडियो नहीं देखने की सलाह दी. उसने अपने माता-पिता से कुछ दिनों के लिए घर से दूर चले जाने को भी कहा.
'16 दिनों तक कोंकण में रिश्तेदार के घर रहे'
अनीता दीपके के मुताबिक, उनके बेटे ने कहा था कि वह ऐसी धमकियों से डरने वाला नहीं है, लेकिन उसे चिंता इस बात की थी कि उसके माता-पिता इस तरह की परिस्थितियों से निपटने के आदी नहीं हैं. इसके बाद अनीता और उनके पति भगवान दीपके कुछ दिनों के लिए कोंकण क्षेत्र में एक रिश्तेदार के घर चले गए और करीब 16 दिनों तक वहीं रहे.
उन्होंने बताया कि अभिजीत उस समय घर से दूर था और उसके पिता भगवान दीपके का ब्लड प्रेशर कम रहता है. इसी वजह से वह अपने माता-पिता की सुरक्षा को लेकर चिंतित था.
दीपके के माता-पिता ने यह बातचीत ऐसे समय में की, जब उनका बेटा कथित तौर पर विभिन्न परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ दिल्ली में 36 दिनों तक चले आंदोलन का नेतृत्व करने के बाद छत्रपति संभाजीनगर अपने घर वापस लौटा है. इस आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा.
सार्वजनिक जीवन में आलोचना स्वाभाविक: पिता
भगवान दीपके ने कहा कि सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में काम करने वाले लोगों की आलोचना होना स्वाभाविक है. कुछ लोग किसी के काम की आलोचना करते हैं, जबकि कुछ लोग उसकी सराहना करते हैं. उनके मुताबिक, कुछ लोग किसी घटना को एक तय मानसिकता के साथ देखते हैं, जबकि दूसरे लोग पहले पूरी स्थिति को समझने की कोशिश करते हैं और उसके बाद अपनी राय बनाते हैं.
बातचीत के दौरान अनीता दीपके ने अपने बेटे के बचपन का एक मजेदार किस्सा भी साझा किया. उन्होंने बताया कि अभिजीत बचपन में किसी और से नहीं, बल्कि अपने पिता से ज्यादा डरता था.
उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि एक बार अभिजीत ने घर में मरम्मत के लिए प्लंबर को बुलाया था. पाइप में खराबी के कारण घर में पानी भर गया. अभिजीत को डर था कि उसके पिता इस घटना से नाराज होंगे. इसलिए वह तय यात्रा से कई घंटे पहले ही कुछ कपड़े लेकर चुपचाप घर से निकल गया.
अनीता ने मुस्कुराते हुए कहा कि मरम्मत का काम तुरंत पूरा कर लिया गया, लेकिन उन्होंने करीब छह महीने तक इस घटना के बारे में अपने पति को नहीं बताया.