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अमेरिका ने ईरानी ब्लॉकेड किया और सख्त, 55 कमर्शियल जहाजों का बदला रास्ता

अमेरिकी सेंटकॉम (CENTCOM) ने रविवार को सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि मिडिल ईस्ट में तैनात 20 से अधिक अमेरिकी युद्धपोतों ने ईरान नाकेबंदी को सख्ती से लागू करते हुए 55 व्यावसायिक जहाजों को रिडायरेक्ट किया है, दो को निष्क्रिय कर दिया है और दो अन्य पर चढ़कर जांच की है.

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नाकेबंदी के बीच अमेरिकी नेवी ने बदला 22 जहाजों का रास्ता. (Photo: Reuters)
नाकेबंदी के बीच अमेरिकी नेवी ने बदला 22 जहाजों का रास्ता. (Photo: Reuters)

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने रविवार को घोषणा की कि अमरीकी नौसेना ने ईरान के खिलाफ जारी अमेरिकी नाकेबंदी का कड़ाई से पालन कराते हुए 9 अगस्त तक 55 कमर्शियल जहाजों का रुट रिडायरेक्ट कर दिया है.

अमेरिकी सेना ने इस दौरान दो जहाजों को निष्क्रिय किया और दो अन्य पर चढ़कर जांच की. सेंट्रल कमांड का कहना है कि ये कार्रवाई मिडिल ईस्ट में तैनात 20 से अधिक अमेरिकी युद्धपोतों, जिनमें यूएसएस रॉस (DDG 71) शामिल है, द्वारा सैन्य मिशनों के समर्थन में की गई.

दो जहाजों पर की चढ़कर चेकिंग

सेंटकॉम ने अमेरिकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिकी नाविक यूएसएस रॉस (डीडीजी 71) के पुल पर पहरा दे रहे हैं. रॉस उन 20 से ज़्यादा अमेरिकी युद्धपोतों में से एक है, जिन्हें मिडिल ईस्ट में सैन्य अभियानों के समर्थन में तैनात किया गया है. इन अभियानों में ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकेबंदी को सख्ती से लागू करना भी शामिल है.

पोस्ट में आगे दावा करते हुए सेंटकॉम ने बताया कि 9 अगस्त तक, CENTCOM ने नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए 55 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला है, 2 को रोका है और 2 जहाजों पर चढ़कर जांच की है. हालांकि, कमांड ने अपनी पोस्ट में जहाजों के नाम या परिस्थितियों से जुड़े जानकारी नहीं दी है.

फरवरी में शुरू हुआ था संघर्ष

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अमेरिका और ईरान के बीच फरवरी में संघर्ष शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इजराइल ने तेहरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभियान चलाया था. इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देश में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और संपत्तियों पर ड्रोन-मिसाइल अटैक किया था. हालांकि, अप्रैल में दोनों देशों ने सीजफायर पर सहमति जताई थी और जून में पाकिस्तान की मध्यस्थता से एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे. इस समझौते का उद्देश्य सैन्य संघर्ष को खत्म कर शांति स्थापित करना था.

अमेरिका-ईरान के बीच हुआ ये शांति समझौता पिछले महीने ध्वस्त हो गया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच लगभग दो हफ्ते तक हमले जारी रहे. बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष समाधान की बातचीत की रिपोर्टों के बीच बमबारी को अचानक रोक दिया था.

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