संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में अपने भाषण से ठीक पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की है.
मंगलवार को भाषण से ठीक पहले डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'मुझे लगता है, जहां तक पाकिस्तान भारत के साथ बातचीत करना चाहता है, मैं चाहता हूं कि मैं मदद करूं. लेकिन तभी, जब वे इसके लिए तैयार हों. उन दोनों के अलग-अलग विचार हैं. मैं इस पर बहुत चिंतित हूं.'
राष्ट्रपति ट्रंप का बयान ऐसे वक्त में सामने आया है जब ह्यूस्टन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ट्रंप ने हाउडी मोदी कार्यक्रम में हिस्सा लिया था. दोनों संयुक्त रूप से हजारों की संख्या में सभा को संबोधित किया था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 74वें सेशन में यूएनजीए में ट्रंप के साथ मुलाकात भी करेंगे. इससे पहले इमरान खान के साथ हुई बैठक में ट्रंप ने कहा था कि वे कश्मीर पर मध्यस्थता करना चाहते हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की थी और भारत को अपना अच्छा दोस्त बताया था.
दरअसल जम्मू-कश्मीर के मसले पर इमरान खान ने डोनाल्ड ट्रंप से मध्यस्थता की अपील की, लेकिन ट्रंप ने कह दिया कि ये दोनों की रजामंदी से संभव होगा. इसके साथ ही डोनाल्ड ट्रंप ने ‘हाउडी मोदी’ में दिए गए नरेंद्र मोदी के बयान को काफी एग्रेसिव बताया और कहा कि वहां बैठे लोगों को ये काफी पसंद आया.New York: US President Donald Trump says, "I think as far as Pakistan is concerned, India, their talking, I'm certainly willing to help. I think they would in a certain way like my help. But they've to both want it. They have very different views & I'm concerned about it."
— ANI (@ANI)
दरअसल, सोमवार को जब न्यूयॉर्क में इमरान खान और डोनाल्ड ट्रंप की प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई तो वहां भारत से जुड़े कई सवाल हुए. इसी दौरान जब जम्मू-कश्मीर पर मध्यस्थता का सवाल हुआ तो डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह इसके लिए तैयार हैं, लेकिन तभी जब दोनों पक्ष राजी हों. अभी पाकिस्तान इसके लिए तैयार है, पर जबतक भारत नहीं मानता है तो कुछ नहीं होगा.