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UAE में भारतीयों को बड़ी राहत, फिर शुरू हुई पासपोर्ट-वीजा सेवाएं

यूएई में भारतीयों के लिए पासपोर्ट, वीजा और दस्तावेज सत्यापन सेवाएं फिर शुरू हो गई हैं. सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम निर्देशों के बाद अब ये सेवाएं 16 नए कांसुलर केंद्रों के जरिए दी जा रही हैं.

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सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश से यूएई में रह रहे प्रवासियों को मिली राहत. (Reparation photo)
सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश से यूएई में रह रहे प्रवासियों को मिली राहत. (Reparation photo)

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रहने वाले भारतीयों के लिए बड़ी राहत की खबर है. सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम निर्देशों के बाद पासपोर्ट, वीजा और दस्तावेज सत्यापन की सेवाएं फिर से शुरू हो गई हैं. अब ये सभी सेवाएं 16 नए कांसुलर केंद्रों के जरिए दी जाएंगी. इसके लिए लोगों को पहले ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेना होगा.

यूएई में भारतीय पासपोर्ट, वीजा और दस्तावेज सत्यापन की सेवाएं अब नए सेवा प्रदाता अल हिंद टूर्स एंड ट्रैवल्स के जरिए दी जा रही हैं. नई व्यवस्था 22 जुलाई से लागू हो गई है. इसके तहत पूरे यूएई में बने 16 भारतीय कांसुलर आवेदन केंद्र (ICAC) काम करेंगे.

दुबई में भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने बताया है कि पासपोर्ट रिन्यू, नया पासपोर्ट, वीजा से जुड़े आवेदन और दस्तावेज सत्यापन अब इन्हीं केंद्रों के जरिए होंगे. किसी भी केंद्र पर जाने से पहले Consular Seva in UAE पोर्टल पर अपॉइंटमेंट लेना जरूरी होगा.

क्यों करना पड़ा बदलाव?

यह बदलाव इसलिए हुआ क्योंकि 30 जून 2026 को पहले के आउटसोर्सिंग अनुबंध समाप्त हो गए थे. इससे पहले पासपोर्ट और वीजा सेवाएं BLS International संभाल रही थी, जबकि दस्तावेज सत्यापन का काम SGIVS Global Services के पास था.

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इसके बाद विदेश मंत्रालय ने यूएई में 16 नए कांसुलर केंद्र चलाने का काम 'अल हिंद टूर्स एंड ट्रैवल्स' को सौंप दिया. मकसद था कि भारतीय नागरिकों को जरूरी सेवाएं बिना रुकावट मिलती रहें.

नई व्यवस्था लागू होने से पहले टेंडर प्रक्रिया कानूनी विवाद में फंस गई थी. इसके बाद 15 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने विदेश मंत्रालय की तकनीकी मूल्यांकन प्रक्रिया रद्द कर दी. अदालत ने कहा कि बोली लगाने वाली कंपनियों के मूल्यांकन में पारदर्शिता की कमी थी. साथ ही सरकार को एक महीने के भीतर नई टेंडर प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया. इस फैसले के बाद यूएई में रहने वाले भारतीयों के बीच चिंता बढ़ गई थी, क्योंकि हर महीने बड़ी संख्या में लोग पासपोर्ट, वीजा, पावर ऑफ अटॉर्नी सत्यापन और दूसरे कांसुलर कामों के लिए इन सेवाओं पर निर्भर रहते हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने दी अंतरिम राहत

इसके बाद केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची. 21 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया, लेकिन यह भी कहा कि नई टेंडर प्रक्रिया पूरी होने तक सेवाएं बंद नहीं होनी चाहिए. अदालत ने विदेश मंत्रालय को अंतरिम व्यवस्था जारी रखने की अनुमति दी, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो. रिपोर्टों के मुताबिक, अदालत ने सरकार से तीन महीने के भीतर नई प्रक्रिया पूरी करने को भी कहा है.

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आवेदकों को क्या करना होगा?

अगर आपको यूएई में पासपोर्ट, वीजा या दस्तावेज सत्यापन से जुड़ा कोई काम कराना है, तो अब Consular Seva in UAE पोर्टल पर जाकर पहले अपॉइंटमेंट बुक करनी होगी. इसके बाद तय केंद्र पर जरूरी दस्तावेज लेकर पहुंचना होगा.

जिन लोगों की पहले से अपॉइंटमेंट तय है, उन्हें भी अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास और दुबई स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास की ओर से जारी नए निर्देश जरूर देख लेने चाहिए. नई टेंडर प्रक्रिया पूरी होने तक यही अंतरिम व्यवस्था लागू रहेगी.
 

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