लकड़ी के दरवाजे देखने में सुंदर और मजबूत लगते हैं. लेकिन ये दरवाजे उतने ही सेंसिटिव होते हैं. लकड़ी के दरवाजे दीमक से लेकर नमी तक से खराब हो सकते हैं. नमी की वजह से दरवाजा फूलने का सबसे ज्यादा खतरा बाथरूम के दरवाजे में देखने को मिलता है. बाथरूम में पानी और भाप की वजह से सिर्फ दीवारें या फर्श ही खराब नहीं होते, बल्कि दरवाजे पर भी इसका असर पड़ता है.
अगर आपके घर में लकड़ी या प्लाई का दरवाजा लगा है, तो आपने देखा होगा कि कुछ समय बाद उसका निचला हिस्सा फूलने लगता है. कभी किनारों की परत निकलने लगती है, तो कभी दरवाजा चौखट से रगड़ खाने लगता है और बंद करने में जोर लगाना पड़ता है. दरअसल, इसके पीछे कोई बड़ी खराबी नहीं, बल्कि बाथरूम की लगातार नमी जिम्मेदार हो सकती है. खास बात ये है कि शुरुआत में ही कुछ बातों का ध्यान रख लिया जाए तो दरवाजे को ज्यादा खराब होने से बचाया जा सकता है. चलिए जानते हैं कैसे आप अपने बाथरूम के दरवाजे को फूलने से बचा सकते हैं.
1. सबसे पहले दरवाजे तक पानी पहुंचना रोकें: अगर दरवाजे का नीचे वाला हिस्सा बार-बार गीला होता है, तो सबसे पहले इसी समस्या को रोकना चाहिए. नहाने के बाद फर्श पर जमा पानी तुरंत साफ कर दें और कोशिश करें कि पानी दरवाजे की तरफ न जाए.
अगर बाथरूम में शॉवर है, तो शॉवर एरिया और दरवाजे के बीच छोटा पार्टिशन या ड्राई एरिया बनाना भी मददगार हो सकता है. इससे पानी सीधे दरवाजे तक पहुंचने से बचेगा.
2. नीचे के किनारे की सीलिंग जरूर कराएं: बाथरूम के दरवाजे का सबसे ज्यादा खतरे वाला हिस्सा उसका निचला किनारा होता है. यहां पेंट, पॉलिश या लैमिनेट की परत थोड़ी भी खराब हुई, तो पानी अंदर जाने का रास्ता बना सकता है. इसलिए नीचे के किनारे को अच्छी क्वालिटी के वाटर-रेसिस्टेंट सीलेंट से सील करवाएं.
जरूरत के मुताबिक PVC एज बैंडिंग, PU या सिलिकॉन सीलेंट का इस्तेमाल किया जा सकता है. दरवाजे और चौखट के आसपास अगर छोटे गैप हैं, तो उन्हें भी सील करना फायदेमंद रहता है.
3. पेंट या पॉलिश उखड़ने लगे तो तुरंत संभल जाएं: कई लोग दरवाजे के थोड़े-से उखड़े पेंट या लैमिनेट को नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन यही छोटी खराबी आगे चलकर बड़ी परेशानी बन सकती है. जहां से कोटिंग निकल रही है, वहां नमी आसानी से अंदर पहुंच सकती है. इसलिए शुरुआत में ही खराब हिस्से को रिपेयर करवाएं और जरूरत पड़ने पर दोबारा वॉटर-रेसिस्टेंट फिनिश करवाएं.
4. बाथरूम में भाप को ज्यादा देर न टिकने दें: दरवाजा बचाने के लिए सिर्फ पानी रोकना काफी नहीं है. बाथरूम के अंदर की नमी कम करना भी उतना ही जरूरी है. नहाने के बाद कुछ देर एग्जॉस्ट फैन चलने दें. अगर बाथरूम में खिड़की है, तो उसे भी कुछ समय के लिए खोल दें, ताकि भाप बाहर निकल सके. अगर वेंटिलेशन अच्छा होगा तो दरवाजे समेत बाथरूम की दूसरी चीजों को भी नमी से बचाने में मदद मिलती है.
दरवाजा पहले से फूल चुका है तो क्या करें?
अगर दरवाजा फूल चुका है, तो सबसे पहले दरवाजे को लगातार पानी और नमी से बचाएं. इसके बाद इसकी जांच जरूर करें कि खराबी सिर्फ ऊपर की लेयर तक है या अंदर का मटेरियल भी नमी सोख चुका है.
अगर खराबी हल्की है, तो प्रभावित हिस्से की मरम्मत, सैंडिंग, सीलिंग और नई फिनिश से फायदा हो सकता है. लेकिन अगर दरवाजा ज्यादा टेढ़ा हो गया है, उसकी लेयर्स अलग होने लगी हैं या अंदर का हिस्सा बुरी तरह फूल चुका है, तो सिर्फ पेंट या पॉलिश लगाने से काम नहीं चलेगा. ऐसी कंडीशन में किसी कार्पेटर को को बुलाकर मरम्मत करवाना या दरवाजा बदलना बेहतर हो सकता है.
नया दरवाजा लगवाते समय इन बातों का रखें ध्यान
अगर पुराना दरवाजा पूरी तरह खराब हो चुका है और नया लगवाने की सोच रहे हैं, तो सिर्फ डिजाइन देखकर दरवाजा न चुनें. बाथरूम में ऐसे मटेरियल का दरवाजा लगवाना अच्छा रहता है जो नमी को कम सोखे. WPC, PVC जैसे मैटीरियल के दरवाजे लगवाना सही रहता है. अगर लकड़ी या इंजीनियर्ड वुड का दरवाजा लगवा रहे हैं, तो उसकी एज सीलिंग और वॉटर-रेसिस्टेंट फिनिश पर खास ध्यान दें.