फ्रांस में बढ़ती महंगाई, स्कूलों की बदहाली और जीवन-यापन की बढ़ती लागत के खिलाफ शुरू हुए राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों ने भीषण हिंसा और आगजनी का रूप ले लिया है. शनिवार को हुए इन उग्र प्रदर्शनों के बाद रविवार को भी पूरे फ्रांस में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं.
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने फ्रांस की इस स्थिति के लिए बड़े पैमाने पर हो रहे इमिग्रेशन और पश्चिमी उदारवादी नीतियों को दोषी ठहराया है. उन्होंने फ्रांस से अपनी सीमाएं बंद करने और हालात पर नियंत्रण करने की अपील की है.
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “फ्रांस जल रहा है! एक बिल्कुल अलग दुनिया से आए लोगों के इमिग्रेशन और उनके दिलों में भरी नफरत ने उस देश को तहस-नहस कर दिया है, जो कभी महान था. अपने बॉर्डर बंद करो और नियंत्रण हासिल करो, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए.”

प्रदर्शन में साढ़े पांच लाख लोगों के शामिल होने का अनुमान
फ्रांस में 17 अक्टूबर को हुए प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे. फ्रांस के गृह मंत्रालय के मुताबिक, प्रदर्शन में करीब 5.5 लाख लोगों ने हिस्सा लिया, जबकि श्रमिक संगठन सीजीटी ने यह संख्या लगभग 8 लाख बताई. प्रदर्शनकारियों में छात्र, ट्रेड यूनियन और सोशल वर्कर शामिल थे.
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ये प्रदर्शन बढ़ती जीवन-यापन लागत, सार्वजनिक सेवाओं के बिगड़ते हालात और बदलहाल शिक्षा व्यवस्था के विरोध में आयोजित किए गए थे. कई जगहों पर मार्च शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुए, लेकिन कुछ शहरों में हालात बिगड़ गए और हिंसा भड़क उठी.
लिमोज में 143 साल पुराना सिटी हॉल आगजनी में क्षतिग्रस्त
फ्रांस के लिमोज शहर में आगजनी की एक घटना में प्रदर्शनकारियों ने 143 साल पुराने टाउन हॉल में आग लगा दी. घटना के बाद कर्मचारियों ने इमारत को हुए नुकसान का आकलन किया. प्रदर्शनों के बाद हुई हिंसा में गिरफ्तारियों और पुलिसकर्मियों तथा आपातकालीन सेवाओं के कर्मचारियों के घायल होने की भी खबरें सामने आईं.
रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार तक गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या करीब 1800 बताई गई. हालांकि, हिंसा की वजहों को लेकर ट्रंप का बयान मुख्य रूप से इमिग्रेशन पर केंद्रित रहा, जबकि प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें महंगाई, सार्वजनिक सेवाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी थीं.
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जेडी वेंस भी इमिग्रेशन पर उठा चुके हैं सवाल
ट्रंप से पहले अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी फ्रांस में अशांति को पश्चिमी देशों की उदारवादी नीतियों, आव्रजन और बहुसंस्कृतिवाद से जोड़कर देखा था. वेंस ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि विविधता और सहानुभूति के नाम पर पश्चिमी उदारवादियों ने दूसरे देशों से लोगों को फ्रांस और अन्य देशों में आने दिया, लेकिन समाज में उनके रहने और सांस्कृतिक अनुकूलता से जुड़े बुनियादी सवालों की अनदेखी की.
इससे पहले ट्रंप ने फ्रांस में जारी अशांति पर तंज कसते हुए वहां क्रांति में शामिल होने की बात भी कही थी. फ्रांस में प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी नेतृत्व की ये टिप्पणियां आव्रजन, सामाजिक एकीकरण और पश्चिमी देशों की नीतियों को लेकर जारी बहस को फिर चर्चा में ले आई हैं.