होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते खतरे के बीच यूरोप एक नए रक्षा गठबंधन की तैयारी कर रहा है. “European NATO” के तहत जहाजों की सुरक्षा, माइन हटाने और निगरानी पर जोर होगा. ये पहल अमेरिका से अलग यूरोपीय कमांड के तहत चलेगी और वैश्विक सुरक्षा समीकरण बदल सकती है.
US-Israel-Iran War LIVE Updates: होर्मुज़ स्ट्रेट में अमेरिकी नाकेबंदी लागू होते ही US-ईरान तनाव और ज्यादा बढ़ गया है, ईरान ने इसे गैरकानूनी बताया है. तेल कीमतों में उछाल आया है और वैश्विक शक्तियां समुद्री रास्तों की सुरक्षा और कूटनीति पर जोर दे रही हैं.
पुडुचेरी भारत का एकमात्र ऐसा केंद्र शासित प्रदेश है जहां दो बार स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है. 15 अगस्त के अलावा 1 नवंबर को ‘Liberation Day’ के रूप में फ्रांस से आजादी का जश्न मनाया जाता है. जानें इसका इतिहास और खास वजह.
फ्रांस और जर्मनी ने ईरान युद्ध में सीजफायर का स्वागत किया.
अमेरिका-ईरान सीजफायर के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों का आना-जाना सही करने के लिए पश्चिमी देशों ने प्लान-बी सक्रिय कर दिया है. फ्रांस की अगुवाई में 15 देश इस डिफेंसिव मिशन के लिए तैयार हैं. मिशन का मकसद व्यावसायिक जहाजों को एस्कॉर्ट देकर सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करना है. ईरान के साथ मिलकर काम होगा.
अमेरिका के करीबी सहयोगी फ्रांस ने ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका का साथ नहीं दिया है. अब ईरान ने फ्रांस के दो पूर्व बंदियों को ईरान से रिहा कर दिया है. इससे पहले फ्रांस के एक जहाज को होर्मुज से गुजरने की इजाजत मिली थी.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से पाबंदियां हटाने के लिए 48 दिनों की समय सीमा दी है. इस धमकी पर पूर्व IAEA महानिदेशक मोहम्मद अलबरदेई ने वैश्विक नेताओं और संस्थाओं से उन्हें रोकने की मांग की है.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की पत्नी ब्रिगिट मैक्रोन अक्सर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में रहती हैं, लेकिन इस बार वे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से दिए गए अजीब कमेंट के बाद सुर्खियों में आ गई हैं. उनकी सिर्फ पर्सनल लाइफ ही नहीं बल्कि शिक्षा और प्रोफेशनल बैकग्राउंड भी उतना ही मजबूत है. एक टीचर से फ्रांस की फर्स्ट लेडी बनने तक का उनका सफर कैसा है आइए जानते हैं.
ईरान युद्ध के दौरान फ्रांस ने अमेरिका का समर्थन करने से साफ इनकार कर दिया है. इसके बाद ईरान ने फ्रांस के एक जहाज को होर्मुज से गुजरने की इजाजत दे दी है. फ्रांस का यह जहाज मार्च से ही खाड़ी क्षेत्र में फंसा था.
ईरान युद्ध से किनारा करने वाले यूरोपीय देशों पर डोनाल्ड ट्रंप का कोप दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है. चेतावनी, धमकी, और निजी हमले. उनके बयानों और भाषणों में यूरोप को कतई बख्शा नहीं जा रहा है. ट्रंप ने नाटो से हमले की बात कहकर एक ऐसी कॉल्ड वॉर को जन्म दे दिया है, जिसकी दुनिया ने कल्पना नहीं की थी.
सऊदी और संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों का मानना है कि ईरान की वजह से जो खतरा पैदा हुआ है उसे अब केवल कूटनीति के जरिए ही सुलझाया जा सकता है. वहीं बहरीन लंबे समय से ईरान पर अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप और असंतोष भड़काने का आरोप लगाता रहा है.
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों की पत्नी को लेकर दिया गया ट्रंप का बयान सियासी चर्चा का विषय बन गया है. फ्रांस में ट्रंप के इस बयान पर पक्ष-विपक्ष एक हो गया है. मैक्रों के कट्टर विरोधियों ने भी कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप का बयान कतई शालीन नहीं है.
Macron rejects US military option for Hormuz: फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों होर्मुज के मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान से बिल्कुल विपरीत विचार साझा कर रहे हैं. उनका कहना है कि होर्मुज का रास्ता मिलिट्री ऑप्शन के ज़रिए नहीं खुलेगा. अगर यह रास्ता खोलना है तो बातचीत के ज़रिए खोला जा सकता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिजिट मैक्रों पर तीखा व्यक्तिगत हमला किया है. ट्रंप ने कहा कि मैक्रों अब भी जबड़े पर पड़े थप्पड़ की चोट से उबर नहीं पाए हैं और उनकी पत्नी उनके साथ खराब व्यवहार करती हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि वो बहुत महान हैं और उन्होंने अपने राज में बहुत अच्छे काम किए हैं. उन्होंने कहा कि अगर वो नहीं होते तो इजरायल, मिडिल-ईस्ट और परमाणु हथियार नहीं होते. ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए चीन, जापान, साउथ कोरिया जैसे कई देशों को जिम्मेदारी उठाने की सलाह दी.
NATO की भूमिका पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. फ्रांस ने साफ कर दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट में सैन्य ऑपरेशन के लिए गठबंधन नहीं बना है. वहीं, डोनाल्ड ट्रंप के बयान और यूरोपीय देशों की नाराजगी ने इस सैन्य गठबंधन के भीतर दरार को गहरा कर दिया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एख बार फिर अपने यूरोपीय साथियों पर भड़क उठे. ट्रंप ने एक बयान देते हुए कहा कि जंग में मदद ने मिलने पर ट्रंप ने कहा कि अब अमेरिका मदद नहीं करेगा. ट्रंप ने ब्रिटेन को जेट फ्यूल की कमी पर नसीहत भी दी. साथ ही अनय देशों को कहा कि होर्मुज जाकर खुद तेल ले ले ये अमेरिका से खरीद लें.
फ्रांस ने होर्मुज को युद्ध के बाद फिर से खोलने के लिए 35 देशों से बातचीत शुरू की है. यह पहल पूरी तरह रक्षात्मक बताई गई है, जिसका मकसद समुद्री रास्तों को सुरक्षित बनाना और तेल सप्लाई को बहाल करना है. फ्रांस और ब्रिटेन इस योजना में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जून में फ्रांस में होने वाले G7 समिट में हिस्सा लेंगे, जहां मिडिल ईस्ट संकट, ईरान के परमाणु मुद्दे और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ी चर्चा होगी.
ईरान ने कतर के रास लाफान हीलियम प्लांट पर हमला करके पूरी दुनिया को हिला दिया है. टेक और मेडिकल इंडस्ट्री लाइफ सपोर्ट पर आ गई है. सैमसंग, TSMC, SK Hynix जैसी चिप फैक्टरियां और MRI मशीनें संकट में हैं. दक्षिण कोरिया, ताइवान, जापान, भारत, अमेरिका समेत 12 देश प्रभावित हुए हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया समेत 5 देशों के शीर्ष नेताओं से बातचीत में होर्मुज के रास्ते मुक्त आवाजाही पर जोर दिया है. उन्होंने खाड़ी देशों के राष्ट्राध्यक्षों से बात कर ईद की भी बधाई दी. पीएम कुछ देशों के नेताओं से ईरान जंग शुरू होने के बाद दो-दो बार बात कर चुके हैं.