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जापान से जंग लड़ने की तैयारी में पुतिन? न्यूक्लियर सबमरीन लेकर पहुंची सेना

रूस और जापान के बीच विवादित आइलैंड को लेकर तनाव बढ़ता दिख रहा है. रूस ने कुरील आइलैंड्स के पास बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास शुरू किया है, जिसमें न्यूक्लियर पावर से चलने वाली सबमरीन और गाइडेड मिसाइल क्रूजर भी शामिल हैं. रूस ने एटोरुफू आइलैंड से एंटी-शिप मिसाइलों का परीक्षण किया, जिस पर जापान ने कड़ी आपत्ति जताई है.

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कुरिल आईलैंड पर जापान अपना दावा करता है. (Photo- ITG)
कुरिल आईलैंड पर जापान अपना दावा करता है. (Photo- ITG)

रूस और जापान के बीच विवादित आइलैंड्स को लेकर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. रूस ने जापान के कब्जे वाले दावे वाले कुरील आइलैंड्स में बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास किया है. इस अभ्यास में न्यूक्लियर पावर से चलने वाली सबमरीन और गाइडेड मिसाइल क्रूजर भी शामिल रहे. रूस ने यहां से एंटी-शिप मिसाइलों का परीक्षण भी किया है.

रूस की पैसिफिक फ्लीट ने गुरुवार को एटोरुफू आइलैंड से बास्टियन एंटी-शिप मिसाइलें दागीं. रूस के मुताबिक, इस अभ्यास में दुश्मन के जहाजों पर हमले की स्थिति का अभ्यास किया गया और करीब 300 किलोमीटर दूर मौजूद सभी लक्ष्यों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया.

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यह सैन्य अभ्यास ऐसे समय हुआ है जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पिछले हफ्ते ही एटोरुफू आइलैंड पहुंचे थे. यह चार विवादित द्वीपों में सबसे बड़ा है. जापान इन्हें नॉर्दर्न टेरिटरीज या फोर नॉर्दर्न आइलैंड्स कहता है, जबकि रूस इन्हें कुरील आइलैंड्स का हिस्सा मानता है.

जापान ने जताई कड़ी नाराजगी

रूस की सैन्य गतिविधियों पर जापान ने कड़ा विरोध जताया है. जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी ने कहा कि फोर नॉर्दर्न आइलैंड्स पर रूस की सैन्य ताकत बढ़ाने की कोशिश को जापान बर्दाश्त नहीं कर सकता. उनका कहना है कि यह जापान के रुख के खिलाफ है.

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इन द्वीपों को लेकर रूस और जापान का विवाद काफी पुराना है. द्वितीय विश्व युद्ध के अंत में सोवियत संघ ने इन द्वीपों पर कब्जा कर लिया था. तब से ही दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र को लेकर विवाद बना हुआ है.

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13 हजार से ज्यादा सैनिक शामिल

रूस की सरकारी न्यूज एजेंसी TASS के मुताबिक, इस सैन्य अभ्यास में करीब 60 युद्धपोत, सबमरीन और सपोर्ट जहाज शामिल हैं. इसके अलावा करीब 30 विमान, हेलीकॉप्टर और ड्रोन सिस्टम तथा 13 हजार से ज्यादा सैनिक भी अभ्यास का हिस्सा हैं.

राष्ट्रपति पुतिन ने 12 अगस्त को रूस के फ्लैगशिप वेरियाग से इन सैन्य अभ्यासों को देखा था. उन्होंने कहा था कि इस क्षेत्र में संघर्ष का खतरा बढ़ रहा है और नए हथियारों की तैनाती रूस के लिए खतरा पैदा कर सकती है. रूस का यह सैन्य अभ्यास 29 अगस्त तक चलने वाला है. हालांकि, मौजूदा घटनाक्रम से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका जरूर गहरा गई है.

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