पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही है. क्रिकेट के मैदान पर खतरनाक तेज गेंदबाज, मैदान के बाहर ग्लैमर और नाइट क्लबों की चर्चाओं में रहने वाला स्टार, बॉलीवुड की एक हसीना से कथित रिश्ते को लेकर सुर्खियों में आया शख्स, फिर 1992 में पाकिस्तान को वर्ल्ड कप जिताने वाला कप्तान और उसके बाद देश का प्रधानमंत्री... आज वही इमरान खान जेल की चहारदीवारी में हैं.
21 अगस्त 2026 को इमरान खान को इस्लामाबाद के एक अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद ‘मेडिकली फिट’ घोषित किया और उन्हें वापस जेल भेज दिया गया. वह अगस्त 2023 से जेल में हैं और उनके खिलाफ 100 से ज्यादा मामले चल रहे हैं. इमरान इन मामलों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते रहे हैं.
... लेकिन अडियाला जेल तक पहुंचने वाले इमरान खान की कहानी को समझने के लिए करीब पांच दशक पीछे जाना होगा, जब वह सिर्फ 19 साल के युवा तेज गेंदबाज थे.
19 साल की उम्र में टेस्ट डेब्यू, फिर टीम से बाहर
क्रिकेटिंग परिवार से आने वाले इमरान खान ने लाहौर के ऐचिसन कॉलेज में पढ़ाई की और बाद में ऑक्सफोर्ड से डिग्री हासिल की. उनके चचेरे भाई जावेद बर्की और माजिद खान पाकिस्तान की कप्तानी कर चुके थे.
1971 में 19 साल की उम्र में इमरान ने इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन में टेस्ट डेब्यू किया. हालांकि शुरुआत शानदार नहीं रही और उन्हें इसके बाद टीम से बाहर कर दिया गया. करीब तीन साल बाद 1974 में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स टेस्ट से वापसी की.
इसके बाद इमरान ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. कप्तान मुश्ताक मोहम्मद और साथी तेज गेंदबाज सरफराज नवाज के मार्गदर्शन में उनकी गेंदबाजी में धार आती गई और वह पाकिस्तान के प्रमुख तेज गेंदबाज बन गए.
ऑस्ट्रेलिया में चमके, लेकिन विवाद भी साथ आया
1976-77 का ऑस्ट्रेलिया दौरा इमरान के करियर में बड़ा मोड़ साबित हुआ. सिडनी टेस्ट में उन्होंने 12 विकेट लेकर पाकिस्तान को ऐतिहासिक जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई.
लेकिन इसी टेस्ट में उनका आक्रामक अंदाज विवादों में भी आया. ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के खिलाफ इमरान लगातार बाउंसर डाल रहे थे. डेनिस लिली और रॉड मार्श के साथ मैदान पर तनाव बढ़ा और इमरान का नाम सिर्फ शानदार गेंदबाजी नहीं, बल्कि उनकी आक्रामकता के कारण भी सुर्खियों में रहा.
इसी प्रदर्शन के बाद ऑस्ट्रेलिया में वह स्टार बन गए. पाकिस्तान लौटे तो उनकी लोकप्रियता क्रिकेटर से आगे निकल चुकी थी.
क्रिकेटर से ज्यादा ‘स्टार’ बन चुके थे इमरान
1970 के दशक के आखिर तक इमरान खान की जिंदगी क्रिकेट से बाहर भी अखबारों की खबर बनने लगी थी. ब्रिटिश मीडिया में उनकी नाइटलाइफ और महिलाओं से जुड़े किस्से छपते थे. पाकिस्तान टीम जिन शहरों में जाती, वहां नाइट क्लबों में इमरान की मौजूदगी की खबरें भी आतीं.
भारत दौरे पर उनकी यही ग्लैमरस छवि और ज्यादा चर्चा में आई.
1979 में पाकिस्तान की टीम भारत आई तो भारतीय अखबारों ने पहली बार इमरान को ‘प्लेबॉय’ के तौर पर पेश करना शुरू किया. इसी दौरे में उनका नाम बॉलीवुड की उस दौर की सबसे बड़ी अभिनेत्रियों में शामिल जीनत अमान से जोड़ा गया.
जीनत अमान से जुड़ा नाम और भारत में मचा बवाल
जीनत अमान उस दौर में बॉलीवुड की सबसे लोकप्रिय और ग्लैमरस अभिनेत्रियों में थीं. इमरान के साथ उनकी नजदीकियों की खबरें सामने आईं तो भारत और पाकिस्तान दोनों जगह इसकी चर्चा होने लगी.
इमरान ने बेंगलुरु में टीम के साथ अपना 27वां जन्मदिन मनाया. इसी दौरान कुछ भारतीय अखबारों ने दावा किया कि उन्हें जीनत अमान के साथ देखा गया था.
इसके बाद मामला सिर्फ बॉलीवुड की खबर नहीं रहा. भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान का प्रदर्शन खराब रहा. इमरान भी पूरी तरह फिट नहीं थे. दूसरे टेस्ट में पीठ में खिंचाव के कारण वह दूसरी पारी में एक ओवर से ज्यादा गेंदबाजी नहीं कर सके.
पाकिस्तान के रूढ़िवादी उर्दू मीडिया के एक हिस्से ने इमरान की चोट और टीम के खराब प्रदर्शन को जीनत अमान से जोड़ दिया. यहां तक कि पाकिस्तान की हार का जिम्मेदार भी जीनत को ठहराने जैसी खबरें सामने आईं.
यानी एक कथित अफेयर ने क्रिकेट की हार का रंग भी बदल दिया.
हालांकि इस पूरे मामले में एक अहम बात याद रखना जरूरी है. वर्षों बाद जब लेखिका शोभा डे ने जीनत अमान से इस रिश्ते के बारे में पूछा तो उन्होंने इसे गंभीर रिश्ता नहीं बताया. उन्होंने इमरान के व्यवहार को लेकर भी अपनी नाखुशी जाहिर की थी.
... इसलिए इमरान-जीनत की कहानी को एक स्थापित प्रेम कहानी की बजाय उस दौर में सामने आई रिश्ते की चर्चाओं और मीडिया रिपोर्टों के रूप में देखना ज्यादा सही है.
... लेकिन असली इमरान अभी सामने आना बाकी था
1979 वाला इमरान सिर्फ एक युवा तेज गेंदबाज और ग्लैमर स्टार था. अगले दशक में वही खिलाड़ी पाकिस्तान क्रिकेट की सबसे बड़ी ताकत बनने वाला था.
इमरान ने पाकिस्तान की कप्तानी संभाली और टीम को एक नई पहचान दी. उनकी कप्तानी में पाकिस्तान ने 1992 का वनडे विश्व कप जीता.
मेलबर्न के फाइनल में पाकिस्तान ने इंग्लैंड को हराया और इमरान ने अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल की.
जिस इमरान के बारे में कभी नाइट क्लबों और निजी जिंदगी की खबरें छपती थीं, वही अब पाकिस्तान के सबसे बड़े खेल नायकों में शामिल हो चुका था.
क्रिकेट से राजनीति तक
1992 के विश्व कप के बाद इमरान ने धीरे-धीरे राजनीति की तरफ रुख किया. 1996 में उन्होंने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ यानी PTI की स्थापना की.
राजनीति में उनका सफर आसान नहीं था. लंबे समय तक उनकी पार्टी सत्ता से दूर रही. लेकिन इमरान पीछे नहीं हटे.
2018 में वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने. यानी जिस शख्स को कभी विदेशी मीडिया उसके ग्लैमरस जीवन के लिए पहचानता था, वही अब पाकिस्तान की सत्ता के सबसे ऊंचे पद पर बैठ चुका था.
PM की कुर्सी से जेल तक
प्रधानमंत्री के तौर पर इमरान का कार्यकाल 2018 से 2022 तक रहा. अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए उनकी सरकार गिर गई.
इसके बाद उनके खिलाफ कानूनी मामलों का सिलसिला तेज हुआ. अगस्त 2023 में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. उनके खिलाफ 100 से ज्यादा मामले सामने आए, जिनमें राज्य के गोपनीय दस्तावेजों से जुड़े आरोप और सरकारी उपहारों से संबंधित मामले भी शामिल हैं. इमरान और उनकी पार्टी ने इन मामलों को राजनीतिक प्रतिशोध बताया.
21 अगस्त 2026 को उनकी जिंदगी का एक और अध्याय सामने आया. इस्लामाबाद के अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें फिट घोषित किया और उन्हें वापस जेल भेज दिया गया.
बॉलीवुड की हसीना से अडियाला जेल तक...
करीब पांच दशक की इमरान खान की जिंदगी को देखें तो तस्वीरें लगातार बदलती दिखाई देती हैं.
इमरान खान की कहानी इसलिए भी असाधारण है क्योंकि उनकी जिंदगी में क्रिकेट, ग्लैमर, बॉलीवुड, राजनीति और जेल...सब एक ही कहानी में आ गए. जिस शख्स ने कभी पाकिस्तान को क्रिकेट की दुनिया का चैम्पियन बनाया था, आज वही अपने देश की जेल में कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लड़ रहा है.