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रक्षाबंधन से पहले मुजफ्फरनगर में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई... मावे में मिलाए जा रहे थे सेलखड़ी, वनस्पति और ईसबगोल

मुजफ्फरनगर में रक्षाबंधन से पहले खाद्य विभाग ने मिलावटी मावे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. छपार में देर रात हुई छापेमारी के दौरान करीब 10 क्विंटल मावा मिला, जिसे मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए जाने पर नष्ट कराया गया. टीम ने मिलावट में इस्तेमाल होने वाली कई सामग्री जब्त की और बिना लाइसेंस कारोबार करने पर FIR दर्ज कराई.

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बिना लाइसेंस चल रही थी मावे की भट्टी.(Photo: Screengrab)
बिना लाइसेंस चल रही थी मावे की भट्टी.(Photo: Screengrab)

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में रक्षाबंधन के त्योहार से पहले खाद्य विभाग ने मिलावटी मावे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. मंगलवार देर रात करीब 1.30 बजे टीम ने छपार थाना क्षेत्र में टिंकू नाम के खाद्य कारोबारी की मावे की भट्टी पर छापा मारा. जांच के दौरान मौके पर बड़ी मात्रा में तैयार मावा और उसमें मिलाए जाने वाले कई पदार्थ मिले.

अधिकारियों के मुताबिक, परिसर में मावा तैयार करने के दौरान सेलखड़ी, वनस्पति, SMP, ईसबगोल और हाइड्रो समेत कई पदार्थों के इस्तेमाल की पुष्टि हुई. प्रथम दृष्टया तैयार उत्पाद मानव उपभोग के योग्य नहीं पाया गया. इसके अलावा मावा अस्वच्छ और अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में रखा हुआ था.

यह भी पढ़ें: धर्मांतरण केस के बीच मुजफ्फरनगर में मदरसे पर बुलडोजर एक्शन, अवैध निर्माण का बड़ा हिस्सा ध्वस्त

खाद्य विभाग की टीम ने मौके पर मौजूद करीब 1000 किलोग्राम यानी 10 क्विंटल मावा नष्ट करा दिया. इसकी अनुमानित कीमत करीब 2 लाख रुपये बताई गई है. अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई जनहित में नियमानुसार की गई, ताकि संदिग्ध खाद्य सामग्री बाजार तक न पहुंच सके.

मावे में मिलाए जा रहे थे कई पदार्थ

छापेमारी के दौरान विभाग ने मावे के तीन विधिक नमूने लिए. इसके अलावा सेलखड़ी को अपमिश्रक के रूप में एक नमूना, वनस्पति का एक, SMP का एक, ईसबगोल का एक, हाइड्रो का एक, रसोई गोल्ड वनस्पति का एक और इंटरस्ट्रेटिफाइड वेजिटेबल फैट का एक विधिक नमूना संग्रहित किया गया. इस तरह कुल 10 विधिक नमूने लिए गए.

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विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि खाद्य कारोबारी इन पदार्थों को मावा तैयार करने की प्रक्रिया में इस्तेमाल कर रहा था. मौके से करीब 648 किलोग्राम SMP बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2 लाख रुपये है. इसके अलावा 176 किलोग्राम वनस्पति की कीमत करीब 37 हजार 678 रुपये और 43 किलोग्राम इंटरस्ट्रेटिफाइड फैट की अनुमानित कीमत करीब 10 हजार रुपये बताई गई है.

इन सभी सामग्री को खाद्य विभाग ने नियमानुसार जब्त कर लिया और खाद्य कारोबारकर्ता की अभिरक्षा में सौंप दिया. फूड अधिकारी अर्चना धीरान के मुताबिक, जब्त किए गए सामान का कुल वजन करीब 900 किलोग्राम के आसपास है, जबकि इसकी अनुमानित कीमत करीब 4 से 4.5 लाख रुपये है.

बिना लाइसेंस चल रही थी मावे की भट्टी

जांच के दौरान यह भी पता चला कि संबंधित कारोबारी खाद्य विभाग से लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन प्राप्त किए बिना ही खाद्य व्यवसाय चला रहा था. विभाग की ओर से नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित थाने में खाद्य कारोबारी के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत FIR दर्ज कराई गई है.

इसके साथ ही संबंधित प्रतिष्ठान पर खाद्य कारोबार का संचालन पूरी तरह बंद करा दिया गया है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मामले में आगे की कार्रवाई जांच और लिए गए विधिक नमूनों की प्रक्रिया के आधार पर की जाएगी. विभाग की टीम ने मौके से मिले सभी संदिग्ध पदार्थों को कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई की.

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रक्षाबंधन से पहले और तेज होगी कार्रवाई

फूड अधिकारी अर्चना धीरान ने बताया कि टीम को छपार में टिंकू नाम के कारोबारी द्वारा मावे की भट्टी चलाए जाने की सूचना मिली थी. सूचना के आधार पर टीम रात करीब 1.30 बजे मौके पर पहुंची. वहां बड़ी मात्रा में मावा मिला. पूछताछ के दौरान मावे में सेलखड़ी, ईसबगोल, वनस्पति और हाइड्रो जैसे पदार्थ मिलाने की जानकारी सामने आई.

अर्चना धीरान के मुताबिक, मौके से करीब 10 क्विंटल मावा मिला, जिसे नियमों के अनुसार नष्ट कराया गया. वहीं, ईसबगोल, सेलखड़ी और तीन तरह की वनस्पति समेत अन्य सामग्री को सीज किया गया. उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के पर्व को देखते हुए इस तरह की जांच और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.

उन्होंने बताया कि खाद्य विभाग की टीमें लगातार सक्रिय हैं और जहां भी मिलावट से जुड़ी गतिविधियां सामने आएंगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी. विभाग का फोकस त्योहार के दौरान बाजार में मिलावटी खाद्य पदार्थों की सप्लाई रोकने पर है.

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