नेपाल में बूढ़ी गंडक नदी में अचानक आई बाढ़ से कई इलाकों में खतरा बढ़ गया है. नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद प्रशासन ने आसपास के लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी है. नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने लोगों को सतर्क रहने को कहा है.
अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ का पानी एक पुल और नदी की निगरानी करने वाले केंद्र को बहा ले गया. इसके बाद वहां से जलस्तर की जानकारी मिलना बंद हो गई है. दरअसल, यह बाढ़ नेपाल के गोरखा जिले के चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड नंबर 6 स्थित तुम्जे इलाके में आई. नदी की एक सहायक धारा से अचानक पानी का बहाव तेज हुआ. अधिकारियों को सुबह करीब 6 बजे इसकी जानकारी निली.
भूस्खलन से नदी का रास्ता बंद होने की आशंका
नेपाल के जल और ऊर्जा आयोग सचिवालय के बाढ़ पूर्वानुमान विभाग का कहना है कि, पिछले 24 घंटे में इलाके में बहुत कम और छिटपुट बारिश हुई थी. इसलिए अचानक आई बाढ़ की वजह बारिश नहीं मानी जा रही है. शुरुआती जांच और सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर आशंका जताई गई है कि भूस्खलन के कारण नदी का रास्ता बंद हो गया था. इससे पानी जमा होकर अस्थायी बांध जैसा बन गया. बाद में यह रुकावट टूट गई और पानी तेजी से नीचे की ओर बहने लगा. हालांकि, बाढ़ की असली वजह जानने के लिए जांच जारी है.
अधिकारियों ने बताया कि, आरूघाट में बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर सुबह 6.30 बजे 2.28 मीटर से बढ़कर 3.66 मीटर हो गया था. यहां वार्निंग लेवल 4.50 मीटर है. सुबह 7.50 बजे जलस्तर 5.01 मीटर पहुंच गया. यह खतरे के निशान 5 मीटर से ऊपर था.
इसके बाद नदी का पानी कुछ समय के लिए कम हुआ, लेकिन फिर तेजी से बढ़ने लगा. सुबह 8.30 बजे जलस्तर 6.22 मीटर और 8.40 बजे 8.43 मीटर तक पहुंच गया. इसके कुछ ही देर बाद बाढ़ का पानी निगरानी केंद्र और एक पुल को बहा ले गया. इसके कारण आगे के जलस्तर का रिकॉर्ड नहीं मिल सका.
करीब 2 लाख SMS भेजकर लोगों को किया गया अलर्ट
बाढ़ का खतरा देखते हुए अधिकारियों ने सुबह से ही लोगों को चेतावनी देनी शुरू कर दी थी. नदी किनारे रहने वाले लोगों को SMS भेजे गए. प्रशासन ने बेनीघाट तक के इलाकों में लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा. अधिकारियों के मुताबिक, दो चरणों में करीब 2 लाख SMS भेजे गए.
नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि बूढ़ी गंडक और त्रिशूली नदी के आसपास के इलाकों में खतरा बना हुआ है. बेनीघाट तक के लोगों को ऊंचाई वाले सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है. मुग्लिंग तक के इलाके में रहने वालों को भी बेहद सतर्क रहने को कहा गया है.
गोरखा, धादिंग, तनहूं और चितवन जिलों के नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है. नवलपरासी और चितवन के आसपास के नदी क्षेत्रों में भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. अधिकारियों ने कहा है कि नदी का बहाव कम दिखाई देने पर भी खतरा खत्म नहीं माना जाना चाहिए.
लोगों से नदी के किनारे जाने, बाढ़ के खतरे वाले पुलों और सड़कों का इस्तेमाल करने से बचने को कहा गया है. स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है. नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी की बैठक में बाढ़ की लगातार निगरानी की जा रही है. संबंधित विभागों को हालात के मुताबिक जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए जा रहे हैं.