ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए नया समुद्री रास्ता बनाने को लेकर बातचीत चल रही थी, लेकिन अब इस पर भी पेच फंस गया है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि सुरक्षा से जुड़ी बाधाओं की वजह से इस समुद्री ट्रांजिट रूट को अंतिम रूप देने में देरी हो रही है. ईरान का कहना है कि मौजूदा हालात अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों से पैदा हुए हैं.
ईरान और ओमान के बीच बातचीत बंद नहीं हुई है. दोनों देश लगातार बातचीत कर रहे हैं. एक साझा बयान के साथ ऐसा सुरक्षित मैकेनिज्म बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे दोनों देशों के हितों की रक्षा हो सके. लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ईरान को अब किससे खतरा है और होर्मुज को लेकर इतना तनाव क्यों बढ़ गया है.
यह भी पढ़ें: अमेरिकी सैनिकों को मारने या पकड़ने पर 30,000 डॉलर का इनाम... ईरानी कमांडर का ऐलान
ओमान के साथ नया समुद्री रास्ता क्यों जरूरी?
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के मुताबिक, होर्मुज से गुजरने वाले पुराने समुद्री रास्ते फिलहाल काम नहीं कर रहे हैं. इसलिए दोनों देश एक अस्थायी रूट तैयार करने पर काम कर रहे हैं, जिसे बाद में स्थायी रास्ते में बदला जा सकता है. लेकिन अराघची ने साफ किया है कि ओमान के साथ समुद्री रास्ते पर बातचीत और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने का फैसला अलग-अलग मुद्दे हैं. यानी ओमान के साथ समझौता हो भी जाता है तो इसका मतलब यह नहीं होगा कि होर्मुज तुरंत सामान्य आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा.
ट्रंप की धमकी से बढ़ा तनाव
होर्मुज को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा कि अमेरिका जल्द ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अमेरिकी क्षेत्र घोषित कर सकता है. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी नाकेबंदी के चलते कोई जहाज उनकी अनुमति के बिना वहां से नहीं गुजर सकता.
ईरान ने ट्रंप के इस दावे को सीधे खारिज किया है. ईरानी अधिकारियों का कहना है कि होर्मुज पर नियंत्रण ईरान के हाथ में है और इसे किसी ट्वीट, सैन्य ताकत या आदेश से छीना नहीं जा सकता.
यह भी पढ़ें: ईरान ने अमेरिका-इजरायल युद्ध में जीत का ठोका दावा! सैन्य मोर्चे पर नाकाम हुआ दुश्मन!
ईरान को अब समुद्री सुरक्षा की चिंता
ईरान का कहना है कि अमेरिका की नाकेबंदी, सैन्य गतिविधियों और धमकियों ने होर्मुज और आसपास के समुद्री इलाके को असुरक्षित बना दिया है. हाल के दिनों में जहाजों की आवाजाही भी बेहद कम हुई है. रॉयटर्स के मुताबिक, होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की संख्या सामान्य स्तर के मुकाबले काफी नीचे चली गई है.
ऐसे में ईरान एक तरफ ओमान के साथ सुरक्षित समुद्री रास्ता तैयार करने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के दबाव और सैन्य मौजूदगी का सामना कर रहा है. फिलहाल सबसे बड़ी अड़चन यही है कि समुद्री रास्ते पर सहमति से पहले सुरक्षा की गारंटी कैसे तय होगी.