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7 शर्तें नहीं मानीं तो होर्मुज नहीं खुलेगा! ईरान ने अमेरिका को भेजा नया परमाणु प्रपोजल

US को ईरान ने कतर के जरिए परमाणु प्रस्ताव भेजा है. एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी के मुताबिक, अमेरिका इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है. हालांकि, ईरान ने साफ किया है कि परमाणु मुद्दे पर बातचीत से पहले अमेरिका को उसकी सात मांगें माननी होंगी.

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ईरान का कहना है कि  7 शर्तें मानने के बाद ही US से परमाणु मुद्दे पर बातचीत होगी. (File Photo-ITG)
ईरान का कहना है कि 7 शर्तें मानने के बाद ही US से परमाणु मुद्दे पर बातचीत होगी. (File Photo-ITG)

ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच बातचीत की नई कोशिश शुरू हुई है. ईरान ने कतर के जरिए अमेरिका को एक परमाणु प्रस्ताव भेजा है. मीडिया से बात करने वाले एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी. हालांकि, ईरान ने साफ कर दिया है कि इस प्रस्ताव पर बातचीत तभी होगी, जब अमेरिका उसकी सात मांगें पूरी करेगा. ईरानी अधिकारी ने पहचान न बताने की शर्त पर बताया कि अमेरिका इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है. 

ईरान की 7 मांगें पूरी होने पर ही होगी बातचीत

ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रजाई ने भी गुरुवार को अपनी शर्तों को दोहराया. रूस दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि ईरान ने अमेरिका के सामने सात शर्तें रखी हैं. जब तक अमेरिका इन शर्तों को पूरा नहीं करता, तब तक न तो होर्मुज स्ट्रेट खोला जाएगा और न ही किसी भी तरह की बातचीत होगी.

ईरान की मांगों में अमेरिकी प्रतिबंध हटाना, विदेशों में फ्रीज की गई ईरानी संपत्ति जारी करना और युद्ध का हर्जाना देना शामिल है. इसके अलावा ईरान ने अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करने और क्षेत्र से अमेरिकी सेना की वापसी जैसी मांगें भी रखी हैं. ये शर्तें ईरान की ओर से रखी गई हैं, अमेरिका ने इन्हें अब तक स्वीकार नहीं किया है. 

यह भी पढ़ें: अमेरिका ने युद्ध को कहा ना...', मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की हार पर ईरानी संसद के स्पीकर गालिबाफ की चेतावनी

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वहीं अमेरिका का कहना है कि किसी भी शुरुआती बातचीत में परमाणु मुद्दे को शामिल करना जरूरी है. यानी दोनों देशों के बीच बातचीत की प्रक्रिया को लेकर भी मतभेद बने हुए हैं.

ईरान ने कतर के जरिए प्रस्ताव भेजा है, लेकिन उसने इसे अपनी सात मांगें पूरी होने की शर्त से जोड़ दिया है. दूसरी तरफ अमेरिका इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है. फिलहाल यह साफ नहीं है कि वॉशिंगटन इस पर क्या जवाब देगा और दोनों देशों के बीच अगली बातचीत कब होगी. 

युद्ध फिर शुरू होने की आशंका

इस बीच ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध खत्म कराने के लिए मध्यस्थ देश लगातार कोशिश कर रहे हैं. चिंता इस बात की है कि अमेरिका के मिडटर्म चुनाव के बाद दोनों देशों के बीच फिर से सैन्य टकराव शुरू हो सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को मिडटर्म चुनाव के बाद दोबारा सैन्य कार्रवाई शुरू करने की संभावना से इनकार नहीं किया था. ईरान ने भी युद्ध दोबारा शुरू होने पर पहले से ज्यादा जवाबी  कार्रवाई की चेतावनी दी है. 

यह भी पढ़ें: ईरान के तेल जहाजों की मदद पर US का एक्शन, भारत-तुर्किये की 9 कंपनियों पर प्रतिबंध

28 फरवरी को शुरू हुआ था वॉर

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मालूम हो, अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था. इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और उन खाड़ी देशों पर हमले किए, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं.

इस संघर्ष का असर लेबनान तक भी पहुंचा, जहां ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच लड़ाई शुरू हुई. बाद में यमन के हूती विद्रोही भी संघर्ष में शामिल हुए. उन्होंने सऊदी अरब में ऊर्जा ठिकानों, हवाई अड्डों और दूसरे ठिकानों को निशाना बनाया. फिलहाल कतर के जरिए भेजे गए परमाणु प्रस्ताव से बातचीत की एक नई संभावना बनी है, लेकिन ईरान की शर्तों और अमेरिका के रुख के बीच मतभेद बने हुए हैं.
 

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