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सुबह-सुबह दो राज्यों में कांपी धरती, हिमाचल के चंबा और तेलंगाना के नारायणपेट में लगे भूकंप के झटके

शुक्रवार सुबह भूकंप हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में सुबह 6:59 बजे आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.2 मापी गई. वहीं,तेलंगाना के नारायणपेट में भूकंप के झटके सुबह 6:16 महसूस किए गए, जिसकी तीव्रता 2.5 रही.

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रिक्टर स्केल में अलग-अलग रही दोनों राज्यों में आए भूकंप की तीव्रता (Photo-ITG)
रिक्टर स्केल में अलग-अलग रही दोनों राज्यों में आए भूकंप की तीव्रता (Photo-ITG)

देश के दो अलग-अलग राज्यों में शुक्रवार सुबह भूकंप के झटके दर्ज किए गए. हिमाचल प्रदेश के चंबा और तेलंगाना के नारायणपेट में आए भूकंप से किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है.  

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक, दोनों जगह आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.2 और 2.5 मापी गई. राहत की बात यह है कि तीव्रता कम होने के कारण किसी भी तरह के बड़े नुकसान की फिलहाल कोई खबर नहीं है.

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, तेलंगाना के नारायणपेट में सुबह 6 बजकर 16 मिनट 46 सेकंड पर भूकंप आया. इसकी तीव्रता 2.5 थी और इसका केंद्र जमीन से पांच किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया. भूकंप का केंद्र 16.452 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 77.414 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था.

वहीं, हिमाचल प्रदेश के चंबा में सुबह 6 बजकर 59 मिनट 46 सेकंड पर भूकंप के झटके दर्ज किए गए. इसकी तीव्रता 3.2 मापी गई. भूकंप का केंद्र जमीन से 15 किलोमीटर नीचे था. इसका स्थान 32.719 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 76.123 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया. फिलहाल इन दोनों भूकंपों से किसी तरह के जान-माल के नुकसान या संपत्ति को क्षति पहुंचने की खबर नहीं है.

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यह भी पढ़ें: चीन में एक दिन में दूसरी बार भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 5 रही तीव्रता

कैसे आता है भूकंप?
हमारी पृथ्वी बाहर से भले ही एक ठोस गोले जैसी दिखाई देती हो, लेकिन इसके अंदर कई परतें मौजूद हैं. पृथ्वी की आंतरिक संरचना को मुख्य रूप से चार हिस्सों में बांटा गया है. सबसे अंदरूनी परत इनर कोर (Inner Core), उसके बाहर आउटर कोर (Outer Core), फिर मैंटल (Mantle) और सबसे ऊपर क्रस्ट (Crust) होती है. क्रस्ट पृथ्वी की सबसे बाहरी और ठोस परत है. इसके नीचे मैंटल मौजूद है. पृथ्वी की ऊपरी कठोर परत को लिथोस्फीयर (Lithosphere) कहा जाता है, जिसमें क्रस्ट और मैंटल का ऊपरी हिस्सा शामिल होता है. यह कई बड़ी और छोटी प्लेटों में बंटी हुई है, जिन्हें टेक्टोनिक प्लेट्स (Tectonic Plates) कहते हैं.

ये टेक्टोनिक प्लेट्स लगातार बहुत धीमी गति से खिसकती रहती हैं. जब दो प्लेटें एक-दूसरे से टकराती हैं, आपस में टकराती हैं, एक-दूसरे के ऊपर चढ़ती हैं या एक-दूसरे से दूर जाती हैं, तो पृथ्वी की सतह पर हलचल पैदा होती है. प्लेटों के बीच जमा तनाव जब अचानक ऊर्जा के रूप में बाहर निकलता है, तो धरती कांपने लगती है. इसी हलचल को भूकंप कहा जाता है.

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