पिछले 10 महीनों में स्टरलाइट के शेयरों में बड़ी तेजी आई है, जो करीब 8 गुना तक चढ़ गया है. उनका मानना है कि डेटा सेंट से बढ़ती डिमांड, कैपेसिटी बढ़ाने, मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और मजबूत ऑर्डर बुक की वजह से स्टाक मौजूदा लेवल से दोगुना से ज्यादा हो सकता है.
स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज के शेयर गुरुवार को 5 परसेंट की लोअर सर्किट लिमिट को पार करते हुए 757 रुपये पर आ गए, जिससे इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 39,000 करोड़ रुपये से नीचे आ गया. यह स्टॉक 7 अक्टूबर, 2026 को अपने 52-हफ्ते के हाई 1,054.45 रुपये से 28 परसेंट से ज़्यादा गिर गया है. इस करेक्शन के बावजूद, यह स्टॉक 27 जनवरी, 2026 को अपने 52-हफ्ते के लो 84.65 रुपये से लगभग 795 परसेंट ऊपर चढ़ गया है.
स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज ने बताया कि नेट प्रॉफिट में साल-दर-साल (YoY) लगभग 128 गुना की बढ़ोतरी हुई और यह 517 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल इसी समय में यह 4 करोड़ रुपये था. ऑपरेशन से रेवेन्यू 145 परसेंट YoY बढ़कर 2,529 करोड़ रुपये हो गया, जबकि EBITDA पांच गुना बढ़कर 846 करोड़ रुपये हो गया, और इस दौरान मार्जिन 27.1 परसेंट रहा. कंपनी की ऑर्डर बुक 35,274 करोड़ रुपये के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गई.
कंपनी का अच्छा मुनाफा
स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज ने Q2FY27 में शानदार परफॉर्मेंस दिया, जिसमें रेवेन्यू, एडजस्टेड EBITDA और PAT तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) क्रम से 32 परसेंट, 69 परसेंट और 100 परसेंट बढ़े. JM फाइनेंशियल ने कहा कि मल्टी-ईयर ग्रोथ विजिबिलिटी बहुत अच्छी है, जिसे 35,274 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड ऑर्डर बैकलॉग का सपोर्ट मिला है, जिसमें 1.2 बिलियन का मल्टी-ईयर हाइपरस्केलर ऑर्डर जीतना, $1.11 बिलियन का लैंडमार्क AI डेटा सेंटर कॉन्ट्रैक्ट और बड़े घरेलू टेलीकॉम ऑर्डर शामिल हैं.
कहां तक जाएगा ये शेयर?
मैनेजमेंट ने FY29 के लिए 20,000 करोड़ रुपये का रेवेन्यू टारगेट बनाए रखा, लेकिन अपने FY29 EBITDA मार्जिन टारगेट को अपग्रेड करके 30 परसेंट कर दिया. इसे उम्मीद है कि अपग्रेडेड टारगेट के हिसाब से, FY27 के बाकी समय में Q2FY27 में दर्ज मार्जिन से बेहतर मार्जिन मिलेगा. JM फाइनेंशियल ने कहा कि हमें उम्मीद है कि यह FY26–FY29E के दौरान क्रमशः 51 परसेंट, 91 परसेंट और 302 परसेंट कंसोलिडेटेड रेवेन्यू, EBITDA और PAT CAGRs हासिल करेगा और 1,020 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ अपनी 'बाय' रेटिंग दोहराई.
कंपनी में कई रिस्क
हालांकि, एनालिस्ट ने कई खास रिस्क बताए, जिनमें जरूरी रॉ मटीरियल सोर्स करने में मुश्किलें, हाइपरस्केलर और डेटा सेंटर कैपिटल खर्च में भारी कमी, एंटी-डंपिंग ड्यूटी और चल रहे टैरिफ वॉर जैसी ट्रेड रुकावटें, टेलीकॉम कैपिटल खर्च की कम इंटेंसिटी, और कानूनी और रेगुलेटरी रिस्क शामिल हैं.
स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज़ अपनी मजबूत ऑर्डर बुक, टेक्नोलॉजिकल क्षमताओं और बढ़ती कैपेसिटी के दम पर डेटा सेंटर और हाइपरस्केल इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूत ग्लोबल डिमांड का फ़ायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है. निर्मल बांग इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ ने कहा कि मज़बूत एग्ज़िक्यूशन विज़िबिलिटी, डेटा सेंटर और क्लाउड बिज़नेस से बढ़ता योगदान, और लगातार मार्जिन में बढ़ोतरी से अच्छी अर्निंग्स ग्रोथ की उम्मीद है.
इसमें आगे कहा गया कि हमारा अनुमान है कि FY27E में नॉर्मलाइज़्ड EBITDA मार्जिन 26.3 परसेंट और FY29E में 30.9 परसेंट रहेगा, जिसका मतलब है FY27E–FY29E के दौरान 42 परसेंट EBITDA CAGR और 53 परसेंट PAT CAGR. हम FY28E/FY29E EV/EBITDA के 20 गुना के अपने वैल्यूएशन मल्टीपल को बनाए रखते हैं और 1,544 रुपये के रिवाइज़्ड टारगेट प्राइस के साथ अपनी 'बाय' रेटिंग दोहराते हैं.
दूसरी ब्रोकरेज फर्मों में, अरिहंत कैपिटल मार्केट्स ने 1,229 रुपये का टारगेट दिया है. नोमुरा का टारगेट प्राइस 1,350 रुपये है और नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का टारगेट प्राइस 1,460 है. CLSA, जिसका स्टॉक पर सबसे ज़्यादा टारगेट प्राइस 1,644 रुपये है. यह 117 फीसदी बढ़ोतरी की संभावना जताती है.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)