तिब्बत के गिरोंग काउंटी में आए भीषण लैंडस्लाइड और बाढ़ के बाद चीन के भी 100 नागरिक लापता हैं. चीन के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि नेपाल में ज़बरदस्त भूस्खलन और बाढ़ से प्रभावित इलाके में चीन के लगभग 100 नागरिक लापता हैं.
बीजिंग में एक रेगुलर प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि लापता चीनी नागरिकों में पर्यटक, तीर्थयात्री और अन्य लोग शामिल हैं. चीन, नेपाल के साथ मिलकर खोज और बचाव अभियान पर लगातार संपर्क बनाए हुए है और संबंधित दूतावासों को भी स्थिति की जानकारी दे रहा है.
जब लापता विदेशियों की राष्ट्रीयता के बारे में विस्तार से पूछा गया, तो लिन ने कहा कि इस बारे में सटीक जानकारी की अभी पुष्टि की जा रही है.
चीन इस हादसे में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए जी-जान से लगा हुआ है. चीन PLA वेस्टर्न थिएटर कमांड, आर्म्ड पुलिस और अन्य टीमों को भेजा है.
चीन को तगड़ा नुकसान
इस लैंडस्लाइड से चीन को तगड़ा नुकसान हुआ है. नेपाल-चीन का मुख्य लैंड क्रॉसिंग बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इमारतें मिट्टी/मलबे में दब गईं, मल्टी-लेवल पार्किंग ढह गई, कारें-बसें बह गईं. वीडियो में पानी-मिट्टी की दीवार इमारतों पर गिरते दिखी.
सड़कें पोर्ट तक पूरी तरह नष्ट हो गए या तबाह हो गए हैं. नेपाल-चीन बॉर्डर पर मौजूद फ्रेंडशिप ब्रिज से कई घंटों तक कम्युनिकेशन स्थापित नहीं हो पाया है. संचार और बिजली आपूर्ति कट गई. यहां चीन की टीमें पावर ग्रिड की मरम्मत कर रही है. सरकार ने जेनरेटर और उपकरण भेजे हैं.
आसपास के गांव खतरे वाले जोन में खाली कराए गए. अपस्ट्रीम में एक और झील के मौजूद होने की जानकारी चीनी अधिकारियों को मिली है. इसकी निगरानी बढ़ा दी गई है.
जिनपिंग हुए सक्रिय
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बुधवार सुबह दक्षिण-पश्चिम चीन के शिजैंग ऑटोनॉमस रीजन में गिरोंग बॉर्डर पोर्ट पर मडस्लाइड (कीचड़ और मलबे का बहाव) के कारण हुए नुकसान के बाद लापता लोगों की खोज और बचाव के लिए हर संभव कोशिश करने का आदेश दिया है.
शी ने खतरे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और घायलों को समय पर इलाज देने की बात कही ताकि नुकसान को कम किया जा सके.
उन्होंने गिरोंग काउंटी में पोर्ट पर मडस्लाइड आने और उससे हुए भारी नुकसान के बाद ये निर्देश दिए.
प्रधानमंत्री ली कियांग ने भी निर्देश जारी किए हैं. जिसमें लापता और प्रभावित लोगों की संख्या की तुरंत पुष्टि करने और बचाव व राहत के लिए हर संभव प्रयास करने को कहा गया.
CPC सेंट्रल कमेटी के पॉलिटिकल ब्यूरो की स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य ली ने विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया कि वे संबंधित देशों के साथ बातचीत और तालमेल बेहतर करें, तुरंत जानकारी साझा करें और बचाव व राहत कार्यों को ठीक से संभालने के लिए मिलकर काम करें.
CPC सेंट्रल कमेटी के पॉलिटिकल ब्यूरो के सदस्य और उप-प्रधानमंत्री झांग गुओकिंग ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ घटनास्थल का दौरा किया और बचाव व आपदा-प्रबंधन कार्यों का मार्गदर्शन किया.
भारत के लिए अच्छी खबर
इस बीच नेपाल से भारत के लिए अच्छी खबर आई है. यहां नेपाली अधिकारियों ने बाढ़ के बाद लापता लगभग 100 भारतीय पर्यटकों को खोज निकाला है. 25 चाइनीज वर्कर भी नेपाल के अधिकारियों ने खोज निकाले हैं.
अब तक 177 लोगों की मौत
नेपाल में हाल के सालों की सबसे बड़ी आपदाओं में से एक अचानक आई इस फ्लैश फ्लड में मरने वालों की संख्या बढ़कर 270 हो गई है. अधिकारी गुरुवार को सैकड़ों लापता लोगों को खोजने के लिए तेज़ी से काम कर रहे हैं, जिनमें 300 भारतीय पर्यटक भी शामिल हैं.
बुधवार को आई इस अचानक बाढ़ ने नेपाल के तीन ज़िलों में भारी तबाही मचाई.
नेपाल पुलिस ने गुरुवार को बताया कि भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ में 12 और शव मिलने के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 177 हो गई है.
रसुवा में दो, नुवाकोट में 12, धाडिंग में 27, चितवन में 69, गोरखा में 20, तनहुं में नौ, नवलपरासी ईस्ट में 32 और नवलपरासी वेस्ट में छह लोगों की मौत हुई, जिससे कुल मरने वालों की संख्या 165 हो गई.
चितवन, जो अपनी जंगल सफारी के लिए मशहूर एक टूरिस्ट हॉटस्पॉट है, उन कई नगर पालिकाओं में से एक है जिन्हें बाढ़ का पानी बढ़ने के कारण हाई अलर्ट पर रखा गया है.
यह अचानक बाढ़ तब आई जब एक हिमस्खलन ने भोटेकोशी की सहायक नदी 'ल्हेन्डे' के बहाव को रोक दिया और सबसे पहले रसुवागढ़ी में चीन के साथ नेपाल की सीमा के पास 'तिमुरे' इलाके को अपनी चपेट में ले लिया.
विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने गुरुवार को कहा कि अचानक आई बाढ़ में लापता हज़ारों लोगों में लगभग 300 भारतीय पर्यटक भी शामिल हैं.
खनाल ने यह भी पुष्टि की कि रसुवा क्षेत्र में हुई इस त्रासदी के बाद 160 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और हज़ारों लोग अभी भी लापता हैं.
खनाल ने कहा, "हज़ारों परिवारों के घर उजड़ गए हैं और वे अभी लापता हैं। हम अभी भी इस आपदा के पूरे असर का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं."