नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद कई परिवार अब भी अपनों की तलाश में भटक रहे हैं. नवलपरासी की एक मोर्चरी के बाहर ऐसा ही एक परिवार अपनी लापता भाभी सुमी अधिकारी की तलाश में पहुंचा है. हर गुजरते पल के साथ उनकी नजर किसी ऐसी खबर पर टिकी है, जिससे सुमी के मिलने की उम्मीद जगे.
सुमी अधिकारी ऑस्ट्रेलिया की नागरिक हैं और ईशा फाउंडेशन की सदस्य भी हैं. वह मानसरोवर यात्रा के लिए अकेले नेपाल आई थीं. यात्रा के दौरान वह ईशा फाउंडेशन के उस समूह का हिस्सा थीं, जिसमें करीब 70 से 80 लोग शामिल थे. बाढ़ आने के बाद समूह के कई सदस्यों से संपर्क टूट गया. सुमी का भी अब तक कोई पता नहीं चला है. परिवार को उम्मीद है कि वह सुरक्षित होंगी.
अस्पताल से मोर्चरी तक तलाश
आजतक की टीम नवलपरासी के एक सरकारी अस्पताल पहुंची, जहां सुमी के देवर जीवन अधिकारी मिले. वह अपनी लापता भाभी की तलाश में अस्पताल पहुंचे थे.
जीवन अलग-अलग अस्पतालों में जाकर लापता लोगों की जानकारी जुटा रहे हैं. जरूरत पड़ने पर मोर्चरी में भी रिकॉर्ड और शवों की जानकारी देखी जा रही है. उनकी कोशिश बस इतनी है कि किसी तरह सुमी की खबर मिल जाए.
पति और बच्चे भी नेपाल पहुंचे
सुमी के लापता होने की खबर मिलने के बाद उनके पति और दो बच्चे भी ऑस्ट्रेलिया से नेपाल पहुंच गए हैं. अब परिवार अलग-अलग जगहों पर जाकर उनकी तलाश कर रहा है. परिवार के लिए हर अस्पताल की ओर जाता रास्ता एक नई उम्मीद लेकर आता है. उन्हें भरोसा है कि सुमी कहीं सुरक्षित होंगी और जल्द उनके बीच लौटेंगी.
नवलपरासी में त्रिशूली और नारायणी नदी से शव मिलने के बाद लापता लोगों की तलाश तेज है. इसी बीच सुमी के परिवार की नजर भी हर सूचना पर है. परिवार के लिए यह इंतजार आसान नहीं है. फिर भी उनकी उम्मीद टूटी नहीं है. मोर्चरी के बाहर खड़े परिजन लगातार यही चाहते हैं कि अगली खबर सुमी के मिलने की हो.