पश्चिम बंगाल राज्य चुनाव आयोग ने नगर निकाय चुनावों के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की गंभीर कमी का हवाला देते हुए एक बार फिर कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
आयोग को कई लंबित कानूनी मामलों से जुड़ी ईवीएम को सुरक्षित रखने के कोर्ट के आदेशों के कारण मशीनों की उपलब्धता में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है.
नवंबर-दिसंबर में होने हैं निकाय चुनाव
आयोग ने कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने का अनुरोध किया. राज्य चुनाव आयोग ने अदालत को अवगत कराया कि नवंबर और दिसंबर के महीनों में राज्य भर की कई नगर पालिकाओं में आम चुनाव होने तय हैं. हालांकि, पिछली चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़ी लंबित कानूनी याचिकाओं के चलते भारी तादाद में ईवीएम अदालती आदेश के तहत सीलबंद या सुरक्षित रखी गई हैं. इससे आगामी चुनाव कराने के लिए पर्याप्त मशीनें उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं.
प्रभावित हो सकता है चुनाव कार्यक्रम
आयोग ने हाईकोर्ट से लंबित याचिकाओं और मुकदमों के त्वरित समाधान का अनुरोध किया है. आयोग का कहना है कि मामलों का जल्द निपटारा होने पर ही इन सुरक्षित रखी गई मशीनों को रिलीज कराया जा सकेगा. मशीनों की कमी को दूर किए बिना तय वक्त पर निकाय चुनाव संपन्न कराना आयोग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है. आयोग का कहना है कि मौजूदा स्थिति में मशीनों की कमी चुनाव कार्यक्रम को प्रभावित कर सकती है.
कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रवींद्र वी. घुगे और न्यायमूर्ति ओम नारायण राय की खंडपीठ के समक्ष ये मामला रखा गया है. खंडपीठ ने संकेत दिया कि आयोग की इस याचिका पर अगले मंगलवार को सुनवाई की जा सकती है.