ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस को फ्रीज बैंक खातों के मामले में कोलकाता हाईकोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है. पार्टी ने चार बैंक खातों को फिर से इस्तेमाल करने की इजाजत मांगी थी, लेकिन अदालत ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने सभी पक्षों को अगले पांच हफ्तों में अपना जवाब दाखिल करने को कहा है. इसके बाद मामले की सुनवाई दुर्गा पूजा की छुट्टियों के दो हफ्ते बाद होगी.
मामले की शुरुआत 18 जून 2026 को हुई थी. पश्चिम बंगाल के विधायक विश्वनाथ दास ने बिधाननगर साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया कि कुछ संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के जरिए पार्टी के पैसों का इस्तेमाल किया गया. इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने 23 जून को ECIR (Enforcement Case Information Report) दर्ज कर जांच शुरू की.
ED ने क्या आरोप लगाया?
जांच के दौरान ED ने आरोप लगाया कि TMC के एक बैंक खाते से करीब 133.84 करोड़ रुपये केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को ट्रांसफर किए गए. एजेंसी का कहना है कि यह रकम कथित तौर पर पार्टी के फंड को दूसरी जगह भेजने की योजना का हिस्सा थी. इसी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत ED ने TMC के तीन HDFC बैंक खातों को फ्रीज किया था. इन खातों में करीब 440.42 करोड़ रुपये होने की बात अदालत में सामने आई थी.
कोर्ट ने राहत क्यों नहीं दी?
कोर्ट का कहना है कि इस स्तर पर यह तय नहीं किया जा सकता कि रकम का लेनदेन कानूनी था या नहीं. इस मामले में दूसरे पक्षों को अपना जवाब दाखिल करने का मौका देना जरूरी है. जुलाई में भी हाईकोर्ट ने ED की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार किया था. बाद में TMC ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी.
फिलहाल फ्रीज किए गए खातों पर रोक बरकरार रहेगी. सभी पक्षों के जवाब मिलने के बाद कोर्ट मामले पर आगे सुनवाई करेगा. इस बीच खातों से जुड़े विवाद की कानूनी लड़ाई जारी रहेगी.