पैंक्रियाज में होने वाले कैंसर को पैंक्रियाटिक कैंसर कहते हैं. इससे अधिकतर मामले आखिरी स्टेज में सामने आते हैं. ऐसे में मरीजों की जान बचाना बहुत मुश्किल हो जाता है. लेकिन अब एक नई दवा ने उम्मीद जगाई है. अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने नई दवा रासोंक को मेटास्टैटिक पैंक्रियाटिक कैंसर यानी जो कैंसर शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल गया है उसके इलाज के लिए मंजूरी दे दी है. यह दवा खासतौर पर उन मरीजों के लिए मंजूर की गई है, जिनका पहले इलाज हो चुका है या जो किसी कारण से सामान्य कीमोथेरेपी नहीं ले सकते.
खास बात यह है कि इसे दिन में सिर्फ एक बार गोली के रूप में लिया जा सकता है. इस दवा को लेकर ट्रायल किए गए थे. ट्रायल में दवा काफी फायदेमंद मिली है. इससे पैंक्रियाटिक कैंसर के मरीजों के जीवन को बढ़ाने में मदद मिली है. हालांकि ये कैंसर का इलाज नहीं है, लेकिन इस बीमारी से मौत के खतरे को कम कर सकती है.
मरीजों के जिंदा रहने की दर बढ़ी
दवा को मंजूरी देने से पहले किए गए बड़े क्लिनिकल ट्रायल में इसके बहुत अच्छे नतीजे सामने आए हैं. इस दवा से पैंक्रियाटिक कैंसर के जिन मरीजों की बीमारी एडवांस यानी अंतिम स्टेज के आसपास पहुंच गई है उनके जिंदा रहने की दर में सुधार देखा गया है. कुछ मरीजों में सर्वाइवल का फायदा पहले से इस्तेमाल हो रहे इलाज की तुलना में करीब दोगुना तक रहा है. हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि दवा कैंसर को पूरी तरह खत्म कर देती है. लेकिन फायदा यह है कि जिन मरीजों में पैंक्रियाज का कैंसर शरीर के दूसरे अंगों में फैल गया था उनमें मरीजों की जिंदगी को लंबा करने और
लक्षणों को कम करने में मदद मिली है.
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किस तरह काम करती है यह दवा?
पैंक्रियाटिक कैंसर के कई मामलों में KRAS नाम के जीन में बदलाव या म्यूटेशन पाया जाता है. यह बदलाव कैंसर कोशिकाओं को तेजी से बढ़ने और शरीर में फैलने में मदद कर सकता है. नई दवा इसी कैंसर पैदा करने वाले रास्ते को निशाना बनाकर काम करने के लिए विकसित की गई है. यही वजह है कि इसे पैंक्रियाटिक कैंसर के इलाज में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
हर मरीज के लिए नहीं होगी दवा
FDA की मंजूरी का मतलब यह नहीं है कि पैंक्रियाटिक कैंसर का हर मरीज इस गोली को ले सकता है. डॉक्टर मरीज के कैंसर की स्टेज, पहले हुए इलाज, ट्यूमर की जेनेटिक जांच और उसकी कुल स्वास्थ्य स्थिति को देखकर तय करेंगे कि यह दवा उसके लिए सही है या नहीं है.