पश्चिम बंगाल की जादवपुर यूनिवर्सिटी में SFI और ABVP के बीच झड़प के बाद तनाव का माहौल बना हुआ है. SFI पर ABVP समर्थकों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया गया है.
जानकारी के मुताबिक, दोनों गुटों के बीच यह टकराव यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर बुधवार रात को हुआ. इस घटना में दोनों पक्षों के कई समर्थकों के घायल होने की खबर है. फिलहाल जादवपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है.
SFI और अन्य वामपंथी संगठनों ने बुधवार को एक जनरल बॉडी (GB) मीटिंग बुलाई थी. ABVP का कहना है कि अभी कोई एक्टिव स्टूडेंट यूनियन नहीं है और न ही सरकार ने स्टूडेंट इलेक्शन को लेकर कोई निर्देश या नोटिफिकेशन जारी किया है. उनका सवाल है कि ऐसे हालात में वामपंथी संगठन जनरल बॉडी मीटिंग कैसे बुला सकते हैं.
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आरोप है कि 70-80 लोगों के एक ग्रुप ने मीटिंग का विरोध कर रहे ABVP समर्थकों पर हमला किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई. इसके बाद लेफ्ट स्टूडेंट्स ने आरोप लगाया कि ABVP ने बाहर के लोगों को लाकर उनपर हमला किया. आज ABVP की ओर से घटना के खिलाफ जादवपुर विश्वविद्यालय अभियान चलाया जाएगा जहां एक रैली जादवपुर यूनिवर्सिटी तक जाएगी.
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस के अंदर गुटबाजी का असर अब छात्र संगठन तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद (TMCP) के स्थापना दिवस समारोह पर भी दिखने लगा है. 28 अगस्त को होने वाले स्थापना दिवस समारोह के लिए ऋतब्रत बनर्जी के समर्थक गुट ने कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया है. इससे पहले कालीघाट तृणमूल गुट भी इसी कार्यक्रम की अनुमति के लिए अदालत में याचिका दायर कर चुका है.
ऋतब्रत बनर्जी गुट के वकील श्रीजीब चक्रवर्ती ने जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की बेंच का मामले की तरफ ध्यान खींचा. उन्होंने कोलकाता के मेयो रोड स्थित गांधी प्रतिमा के सामने बैठक करने और TMCP का स्थापना दिवस मनाने की अनुमति मांगी.