पश्चिम बंगाल में रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव के लिए एक निर्दलीय उम्मीदवार को 2021 के राज्य चुनावों के दौरान दो गुटों के बीच हुई झड़प के 5 साल पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया है. एक एजेंसी के मुताबिक हुमायूं कबीर की अगुवाई वाली आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) से जुड़े सैफुल इस्लाम की गिरफ्तारी 19 सितंबर को हुई. इससे एक दिन पहले पुलिस ने नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को गिरफ्तार किया था. उन पर इलाके में ज़मीन अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन के दौरान दर्ज लगभग दो दशक पुराने मामले में कार्रवाई की गई थी.
6 अक्टूबर को होने वाले ये दो उपचुनाव इसलिए ज़रूरी हो गए हैं क्योंकि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट छोड़ दी थी. उन्होंने भवानीपुर सीट भी जीती थी. जबकि 2026 के विधानसभा चुनावों में दोनों सीटें जीतने के बाद कबीर ने नवादा सीट अपने पास रखी, जिससे रेजीनगर सीट खाली हो गई. एक अधिकारी ने कि बेहरामपुर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने सैफुल इस्लाम को पिछले विधानसभा चुनाव के समय दर्ज एक मामले में गिरफ्तार किया, जब दो गुटों के बीच झड़प हुई थी.
पुलिस ने AJUP को शनिवार को भेजा था नोटिस
पुलिस ने शनिवार को AJUP प्रमुख को भी नोटिस भेजा था, जिसमें उन्हें दो समुदायों के बीच तनाव भड़काने की कथित साज़िश के मामले में सोमवार को जांच अधिकारियों के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया था. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह मामला 14 सितंबर को दर्ज किया गया था, जब पुलिस ने हाल ही में बेहरामपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक ऑडियो रिकॉर्डिंग जारी की थी. पुलिस का दावा है कि बातचीत से दो समुदायों के बीच तनाव भड़काने की संभावित साज़िश का संकेत मिलता है.
इधर अधिकारियों ने बताया कि मुर्शिदाबाद ज़िले में पुलिस पिकेट पर वाहनों की जांच के दौरान AJUP के राज्य सचिव आशिक इक़बाल को भारी मात्रा में नकली मुद्रा और अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया.