उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) चुनावों के खत्म होने के बाद राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने बड़ा दावा किया है. चंदौली में एक खास बातचीत के दौरान उन्होंने विश्वास जताया कि बीजेपी इन चुनावों की सभी सीटों पर भारी मतों से जीत हासिल करेगी.
उन्होंने कहा कि शिक्षक और स्नातक दोनों ही वर्गों के मतदाताओं ने दिल खोलकर बीजेपी उम्मीदवारों का समर्थन किया है और 27 तारीख को आने वाले परिणाम पार्टी की झोली में होंगे.
अनिल राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से चुनाव में धांधली और गड़बड़ी के आरोपों पर भी पलटवार किया. उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि अखिलेश हमेशा पुराना राग अलापते रहते हैं.
उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही अखिलेश अपनी हार के बहाने तलाशने लगते हैं. वो पहले से ही माहौल बनाना शुरू कर देते हैं कि जनता के जनादेश का अनादर कैसे करना है या चुनाव आयोग को कैसे कटघरे में खड़ा करना है.
'बीजेपी चुनाव जीतने जा रही है...'
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, 'अखिलेश यादव अच्छी तरह जानते हैं कि बीजेपी चुनाव जीतने जा रही है. अपनी जनता और कार्यकर्ताओं को कैसे गुमराह करना है, ये नौटंकी उन लोगों ने एक बार फिर से शुरू कर दी है.' बीजेपी के इस चुनाव को गंभीरता से लड़ने के सवाल पर राजभर ने बताया कि पार्टी के लिए कोई भी चुनाव छोटा या बड़ा नहीं होता. सरकार की सेहत पर भले ही इस परिणाम का सीधा असर न पड़े, लेकिन बीजेपी हर मुकाबले को पूरी ताकत और संजीदगी से लड़ती है.
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
सपा और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग के सवाल पर मंत्री अनिल राजभर ने चुटकी लेते हुए कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी एक बार फिर छुट्टी लेकर किसी गुप्त स्थान पर चले गए हैं. जब वो लौटेंगे, तब देखा जाएगा कि क्या होता है. उन्होंने दावा किया कि पूरा विपक्ष मिलकर भी लड़ ले, तो भी बीजेपी को नहीं रोक सकता. वहीं, असदुद्दीन ओवैसी के अकेले या किसी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इससे बीजेपी की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है.
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अखिलेश यादव और आजम खान की हालिया मुलाकात पर भी उन्होंने हमला बोला. राजभर ने कहा कि इस मुलाकात से बीजेपी को कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो नेता इतने सालों में अपनी पढ़ाई-लिखाई का कोई प्रमाण नहीं दे सके, वो 20 मिनट की मुलाकात में 403 विधानसभा सीटों पर चर्चा करने का दावा कर रहे हैं. आखिर इतनी कम देर में इतनी बड़ी चर्चा कैसे हो सकती है?