उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र से ठीक पहले विधान भवन में सर्वदलीय बैठक हुई. इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी राजनीतिक दलों से राज्य के विकास के लिए सदन में खुलकर चर्चा करने की अपील की. उन्होंने कहा कि 'लोकतंत्र में बातचीत ही सबसे बड़ा जरिया है. जनप्रतिनिधियों को जनता से जुड़े हर मुद्दे को प्रमुखता से उठाना चाहिए, ताकि समस्याओं का सही समाधान निकल सके.
यह बैठक विधान भवन में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में हुई. 3 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र की तैयारियों को लेकर बुलाई गई इस बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने हिस्सा लिया. इस दौरान, सीएम योगी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता की समस्याओं और जरूरतों से जुड़े मुद्दे सदन में उठाने चाहिए. इन पर खुलकर चर्चा होने से लोगों की परेशानियों का समाधान निकालने में मदद मिलती है.
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते नौ वर्षों में यूपी विधानसभा ने कार्यवाही चलाने का बेहतरीन तरीका पूरे देश के सामने रखा है. सभी दलों के साथ आने से ही सदन में सकारात्मक माहौल बन पाया है. इसी का नतीजा है कि आज उत्तर प्रदेश को लेकर देश-दुनिया का नजरिया पूरी तरह बदल चुका है.
सदन को शांतिपूर्वक चलाने पर जोर
इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने साफ कहा कि जब सदन में खुलकर बात होती है, तो विकास के नए रास्ते अपने आप खुलते हैं. लिहाजा, जनप्रतिनिधियों का फर्ज बनता है कि वे आम जनता के सुख-दुख और जरूरतों को पटल पर लाएं, ताकि साथ मिलकर हर समस्या का सही हल खोजा जा सके. बैठक के दौरान सत्र की कार्यवाही को बिना किसी रुकावट के चलाने पर विशेष चर्चा हुई. इस दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों के नेताओं से सहयोग मांगते हुए कहा कि 'जनता के सवालों के जवाब तभी मिल पाएंगे जब सदन सही तरीके से चलेगा'.
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भी सभी सदस्यों से सत्र के सुचारु संचालन में मदद की बात कही. 3 अगस्त से शुरू हो रहे इस मानसून सत्र को लेकर बुलाई गई बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, वित्त/संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, डॉ. संजय निषाद, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर, आराधना मिश्रा, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी से रघुराज प्रताप सिंह, निषाद पार्टी विधानमंडल दल के नेता रमेश सिंह, अपना दल (एस) के आरके पटेल और राष्ट्रीय लोकदल के राजपाल बालियान समेत कई नेता मौजूद रहे.