उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के परशुरामपुरी थाने में पुलिस ने चार पुलिसकर्मियों और पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. 4 सितंबर की शाम तिलहर थाने की बिरियागंज चौकी के पुलिसकर्मियों ने सर्राफा व्यापारी सुंदरम क्षत्रिय को ग्राहक बनकर घर के बाहर बुलाया. इसके बाद वे व्यापारी को सुनसान जगह और चौकी ले गए, जहां गाड़ी में काली पन्नी रखकर स्मैक तस्करी के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई. मारपीट कर परिजनों से 2 लाख रुपये वसूले गए. पीड़ित की शिकायत पर दो पुलिसकर्मी गिरफ्तार हो चुके हैं और चारों को निलंबित कर दिया गया है.
व्यापारी को कैसे बनाया बंधक
परशुरामपुरी निवासी सर्राफा व्यापारी सुंदरम क्षत्रिय ने बताया कि आरोपी सादे कपड़ों में आए थे. वे उन्हें बिरियागंज चौकी ले गए और गाड़ी में काली पन्नी रखकर तस्कर बताने लगे.
पीड़ित ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की और प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डालने की बात कही. हाथ-पैर जोड़ने पर उन्होंने ऐसा नहीं किया. इसके बाद पीड़ित ने अपने पिता को फोन किया, जिन्होंने 2 लाख रुपये दिए. पैसे मिलने के बाद ही पुलिसकर्मियों ने व्यापारी को छोड़ा. पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है.
पुलिस अधिकारियों की कार्रवाई
एसपी सिटी देवेंद्र कुमार ने बताया कि पीड़ित सुंदरम ने 6 सितंबर को तहरीर दी थी. जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद अभियोग पंजीकृत किया गया. घटना में शामिल दो सिपाहियों धीरेंद्र और पंकज को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अरुण चित्तौड़िया और तुषार फरार हैं. एसपी सिटी ने बताया कि चारों पुलिसकर्मियों के आचरण को देखते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. फरार सिपाहियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं.