माफिया अतीक अहमद के अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर अब उम्मीदों के दीप जलने जा रहे हैं. प्रयागराज के लूकरगंज में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने 76 फ्लैट बने हैं. इनमें रहने वाले गरीब परिवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन की पूर्व संध्या पर दीपोत्सव मनाएंगे.
कभी खौफ का ठिकाना रही इस जमीन पर आज जरूरतमंदों के सिर पर पक्की छत है और लाभार्थी अपने घरों को दीयों और रोशनी से सजाकर पीएम मोदी को शुभकामनाएं देने की तैयारी में हैं.
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बने फ्लैटों में रह रहे लाभार्थियों ने आजतक को बताया कि खुशी है कि गरीबों के सिर पर छत हो गई है. हम जन्मदिन मनाएगें, अच्छी बात होगी दिवाली मनाएंगे.
पूर्व मंत्री और शहर पश्चिमी से बीजेपी विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने इसे 'सबका साथ, सबका विकास' का जीता-जागता उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि इन फ्लैटों के आवंटन में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया गया है.
समाजवादी का बीजेपी पर हमला
वहीं, इस आयोजन को लेकर सियासी पारा भी चढ़ गया है. समाजवादी पार्टी ने बीजेपी पर ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है. सपा ने चुनौती दी है कि सरकार सिर्फ चुनिंदा मामलों के बजाय पूरे प्रदेश के बड़े भू-माफियाओं पर एक समान कार्रवाई करके दिखाए.
प्रयागराज शहर पश्चिम से विधायक और पूर्व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने आजतक को बताया जिस जगह पर अतीक अहमद ने कब्जा किया था, वहां पर आज फ्लैट्स बन गए हैं. उस समय जिंदा था, मगर जेल में था. लेकिन राज्य सरकार ने केंद्र के आदेश परउस जगह को खाली करवाया. प्रधानमंत्री आवास योजना है गरीबों के लिए सिर्फ एक सहायता नहीं है, एक समाधान है कि ताकि वो खुली छत के नीचे न सोएं.
76 परिवार मनाएंगे दिवाली
सिद्धार्थ नाथ सिंह ने आगे कहा, 'जो आज 76 लोगों को मिला है, तो उनके अंदर भी बड़ी खुशी है और उनका विशेष मुझे फोन आया कि विधायक जी, हम लोग चाहते हैं कि यहां पर हम हर घर में दीया जलाएं. तो मैंने कहा, ठीक है. मैंने कह दिया कि दीया हम पहुंचा रहे हैं. इसके साथ-साथ उनको मिठाई भी दे रहे हैं और वो बहुत खुश हैं.'
उन्होंने कहा कि मैं सब मीडिया को इनवाइट करूंगा और आप देखेंगे प्रयागराज में उस जगह लूकरगंज में किस तरह से 76 घर दिवाली मनाते हैं. इसका नजारा देखेंगे तो आपका दिल खुश हो जाएगा कि आज दीपावली है.
बीजेपी का अखिलेश पर निशाना
अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा, 'मुझे बताइए उस 76 घर में मुसलमान भी हैं. कोई राजनीति कर रहे होते, तो सबका साथ, सबका विकास, सबके विश्वास का जो नारा दिया है हमारे प्रधानमंत्री ने, वो हम पूरा कैसे करते? आप बताइए जो स्वास्थ्य बीमा है, उसके अंदर आयुष्मान बीमा योजना है. मुसलमानों को हम लोगों ने नहीं दिया? तो ये हिंदू-मुस्लिम की राजनीति कैसे हो गई? आपका नारा ही सांप्रदायिक है. PDA को आप परिवर्तित करते रहते हैं अखिलेश यादव, मगर वो नारा ही अपने सांप्रदायिक है.'
उन्होंने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए कहा कि आपने सबका साथ तो बात ही नहीं की. आपने तो पिछड़ों की बात की, दलित की बात की और अल्पसंख्यक की बात की. वो जो पिछड़ा था, उसको भी छोड़कर अब बोलते हैं पंडित. अब वहां से उनको लगा कि दलित भी नहीं आते, तो उन्होंने कहा उनका जो रंग है नीला, वो पहन लें, शायद खुश हो जाएंगे.
सिद्धार्थ नाथ सिंह ने दावा करते हुए कहा अभी आप देखिएगा चुनाव आते-आते अखिलेश जी और समाजवादी पार्टी के सब लोग टोपी और लुंगी पहन के घूम रहे होंगे. ये अखिलेश यादल और समाजवादी पार्टी का कैरेक्टर है.
विपक्ष का पलटवार
वहीं, सपा प्रवक्ता मनोज काका ने पूरे मामले पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि सच ये है कि आप हर तरह का वो काम करते हैं जिससे कि इस उत्तर प्रदेश में कम्युनल व्यवहार बढ़े. आप सांप्रदायिकता के नायक हो सकते हैं, आप कभी समाजवाद के, समता के, करुणा के, ममता के, संविधान के नायक नहीं हो सकते.
मनोक काका ने आगे कहा, 'अगर आपमें सच में भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने की अगर हिम्मत है, तो इसी लखनऊ में सबसे ज्यादा जमीनें किस लोगों ने कब्जा कर रखी हैं आपको बताना चाहिए. मैंने जौनपुर का कहा, मिर्जापुर का कहा, उन माफियाओं से भी जमीन आप कब्जा करिए और उनको गरीबों में बाटिए, हम सब आपकी तारीफ करेंगे.'