प्रधानमंत्री आवास योजना
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) भारत सरकार की एक पहल है जिसमें शहरी गरीबों को 31 मार्च 2022 तक 2 करोड़ किफायती घर बनाने के लक्ष्य के साथ किफायती आवास प्रदान किया जाना है. इसके दो घटक हैं- शहरी गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) (PMAY-U) और ग्रामीण गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) (PMAY-R).
घरों में शौचालय, सौभाग्य योजना बिजली कनेक्शन, उज्ज्वला योजना एलपीजी कनेक्शन, पीने के पानी तक पहुंच और जन धन बैंकिंग सुविधाएं आदि सुनिश्चित करने के लिए इस योजना को अन्य योजनाओं के साथ जोड़ा गया है. 28 दिसंबर 2019 तक कुल 1.12 करोड़ की मांग के मुकाबले कुल 1 करोड़ घरों को मंजूरी दी गई है (Features of of PM Awas Yojana).
PMAY का लाभ उठाने के लिए 1. लाभार्थी की अधिकतम आयु 70 वर्ष, 2. ईडब्ल्यूएस (आर्थिक कमजोर वर्ग) परिवार की आय सीमा ₹3 लाख प्रति वर्ष है और एलआईजी (निम्न आय समूह) के लिए पारिवारिक आय सीमा ₹6 लाख प्रति वर्ष है और मध्यम आय समूह - (एमआईजी-आई) आय ₹6 लाख से ₹12 लाख प्रति वर्ष, (MIG-II) आय ₹12 लाख से ₹18 लाख प्रति वर्ष के बीच हो, 3. लाभार्थी के पास भारत के किसी भी हिस्से में परिवार के किसी सदस्य के नाम पर अपनी खुद की आवासीय इकाई नहीं होनी चाहिए, 4. ऋण आवेदक को पीएमएवाई योजना के तहत घर खरीदने के लिए केंद्र/राज्य सरकार की कोई सब्सिडी या लाभ नहीं लेना चाहिए था, 5. वर्तमान में, ऋण आवेदक के पास उनके नाम और परिवार के किसी भी सदस्य (आश्रितों सहित) के साथ कोई संपत्ति नहीं होनी चाहिए 6. गृह नवीनीकरण या सुधार ऋण, स्व-निर्माण ऋण केवल ईडब्ल्यूएस और एलआईजी श्रेणियों के लिए आवंटित किए जाएंगे, और 7. इस योजना के तहत दिए गए मकानों का स्वामित्व महिलाओं के पास या संयुक्त रूप से पुरुषों के पास होगा. (Conditions for PMAY).
अगर आप घर खरीदने की सोच रहे हैं या रियल एस्टेट सेक्टर पर नजर रखते हैं, तो बजट 2026 आपके लिए अहम साबित हो सकता है. इस बार डेवलपर्स से लेकर आम घर खरीदार तक चाहते हैं कि बजट ऐसा रोडमैप दे, जिससे घर खरीदना आसान हो और रियल एस्टेट को लंबी अवधि की स्थिरता मिले.
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब लोगों को पक्की छत का सपना दिखाया गया था, लेकिन कई हितधारकों की समस्याओं और देरी के कारण यह सपना अधूरा रह गया है. देश के कई हिस्सों में लाभार्थी वर्षों से किश्तों का इंतजार कर रहे हैं और कर्ज में फंसे हुए हैं. सरकार को तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं का समाधान करते हुए इस योजना को प्रभावी बनाना होगा, ताकि हर गरीब को उसका अपना आशियाना मिल सके.
पीएम आवास योजना के तहत आठ राज्यों में लाखों गरीबों के मकान फंड की कमी, तकनीकी खामियों और अफसरशाही में फंसे हैं. कई जगह किस्तें रुकीं, फ्लैट तैयार होने के बावजूद चाबियां नहीं मिलीं, लोग तिरपाल-झुग्गियों में रहने को मजबूर हैं.
आज हम दस्तक देंगे प्रधानमंत्री आवास योजना में पक्की छत का सपना देखने वालों की टूटती उम्मीदों पर. देश के शहरों और गांवों में रहने वाला गरीब प्रधानमंत्री आवास योजना की मदद से आशियाने का सपना पूरा करता है. करोड़ों लोग इस उम्मीद में जी रहे हैं आज नहीं तो कल प्रधानमंत्री आवास योजना से सपना पूरा हो जाएगा. जिन लोगों को आवास मिल गए वो किस्मत वाले हैं, लेकिन देश में बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी है जो अपनी किस्मत को कोस रहे हैं. क्योंकि सालों के इंतजार के बाद भी, इस सर्द रात में सिर पर पक्की छत से महरूम है.
अमेठी में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 40 हजार रुपये की पहली किश्त पाते ही एक महिला अपने प्रेमी के फरार हो गई. इस घटना के बाद विभाग में हड़कंप मच गया.
Janman Awas Yojana: इन आवासों की ख़ास बात ये है कि ये आवास शहरों की तर्ज पर डुप्लेक्स जैसे बनाए गए हैं. इन घरों में घर-घर नल और बिजली कनेक्शन की सुविधा दी गई है, साथ ही सड़क, सामुदायिक भवन, चौपाल आदि की सुविधा भी दी जाएगी.
9 अगस्त, 2024 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शहरी क्षेत्रों में EWS और मध्यम वर्ग के परिवारों की सहायता के लिए बनाई गई इस योजना को अपनी मंजूरी दी थी. PMAY 2.0 के रूप में सरकार 1 करोड़ नए घर बनाने का इरादा रखती है, जिसमें हर यूनिट को 2.50 लाख रुपये की वित्तीय सब्सिडी मिलेगी.
उत्तर प्रदेश के बीजेपी विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने पीएम आवास योजना में भ्रष्टाचार का खुलासा किया है. एक वीडियो में विधायक को अधिकारी को फटकार लगाते हुए देखा गया, जिसने एक दलित दिव्यांग व्यक्ति का मकान कैंसिल कर दिया था. त्रिपाठी ने अधिकारी पर आरोप लगाया कि वह सिफारिश और रिश्वत के बिना गरीबों को मकान नहीं दे रहा है. यह मामला प्रधानमंत्री आवास योजना में व्याप्त भ्रष्टाचार और अधिकारियों की मनमानी को उजागर करता है.
आजतक के स्टिंग ऑपरेशन में डीडीए फ्लैट्स की धोखाधड़ी का पर्दाफाश होने के बाद, डीडीए ने गोविंदपुरी पुलिस थाने में बिचौलियों और धोखेबाजों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. यह कार्रवाई फ्लैट्स के अवैध बिक्री के खुलासे के बाद हुई.
दिल्ली का कालकाजी इलाका एक वक्त झुग्गियों के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यहां का नजारा बिल्कुल बदल चुका है. झुग्गियों की जगह अब पांच बड़े टावर खड़े हैं. नवंबर 2022 में प्रधानमंत्री मोदी ने खुद इन फ्लैट्स की चाबियां उन लोगों को सौंपी, जिनकी झुग्गियां हटाकर ये घर दिए गए थे. लेकिन अब कुछ लोग इन फ्लैट्स को धंधा बनाने में जुट गए हैं.
दिल्ली में PM आवास योजना के तहत बने मकान अवैध तरीके से बेचे जा रहे हैं. माफिया और भ्रष्टाचारी अधिकारियों की मिलीभगत से सब्सिडी वाले मकानों को अपात्र लोगों को बेचा जा रहा है. इसका खुलासा आजतक के स्टिंग ऑपरेशन में हुआ है. देखें ऑपरेशन आवास EXCLUSIVE.
PM Awas Yojana Haryana: मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत इस राज्य के लोगों को घर बनाने के लिए सरकार की तरफ से प्लॉट दिए जा रहे हैं. तो चलिए जानते हैं इसके लिए कौन अप्लाई कर सकता है.
MP News: पीएम आवास योजना के तहत प्रदेश में लोगों के लिए घरों का निर्माण किया जा रहा है. केंद्र सरकार और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से कम कीमत पर आवास तैयार कर गरीबों को दिए जा रहे हैं, लेकिन नगर निगम अफसरों की लापरवाही के चलते पैसा जमा करने के बावजूद हितग्राहियों को सालों बाद भी आवास नहीं मिल पा रहे हैं.
PM Narendra Modi के नेतृत्व में मोदी 3.0 शपथ ग्रहण के तुरंत बाद ही एक्शन मोड में आ गई है और सबसे पहले किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए PM Kisan Samman Nidhi की 17वीं किस्त पास की गई है.
भाजपा ने आज अपना संकल्प पत्र पेश कर दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान सरकार की योजनाओं का दायरा बढ़ाने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि फ्री राशन योजना अगले पांच साल के लिए और बढ़ाया जाएगा.
Delhi-NCR में 1 करोड़ रुपये के घर सबसे ज्यादा बिके हैं. साल 2024 में जनवरी से मार्च के दौरान दिल्ली एनसीआर में 1 करोड़ रुपये के 10,558 यूनिट बेचे गए हैं.
उत्तरप्रदेश के बदायूं का एक वीडियो वायरल है. ये 'विकसित भारत संकल्प यात्रा' का है. इसमें बीजेपी सांसद धर्मेंद्र कश्यप एक महिला लाभार्थी को 'पीएम आवास योजना' के तहत घर की चाबी सौंपते दिख रहे हैं. इस दौरान सांसद ने महिला से एक सवाल पूछा था, जिसका वीडियो अब वायरल हो रहा है.
वायरल हो रहे वीडियो में बीजेपी सांसद धर्मेंद्र कश्यप एक महिला लाभार्थी को 'पीएम आवास योजना' के तहत घर की चाबी सौंप रहे हैं. चाबी सौंपते हुए सांसद बुजुर्ग महिला से पूछते हैं कि किसी ने पैसे (घूस) तो नही लिए? इसपर महिला ने माइक पर ही कह दिया- "हां लिए हैं, 30 हजार रुपये."
पीएम मोदी ने आवास योजना के लाभार्थियों को संबोधित किया. देखें क्या-कुछ बोले प्रधानमंत्री मोदी.
महुआ ब्लॉक के राजू ने बताया कि उसने अपनी पत्नी कुंता के नाम कई माह पहले PM आवास का फॉर्म भरा था. जांच के बाद सभी कागजात ब्लॉक में जमा किया, जिसके बाद PM आवास की स्वीकृति मिली थी.
फंड रोकने के आरोप के साथ आज टीएससी नेता जंतर मंतर पर धरना देंगे. टीएमसी का आरोप है कि केंद्र सरकार की तरफ से मनरेगा का फंड नहीं मिल रहा है. टीएमसी का आरोप है कि केंद्र ने मनरेगा और पीएम आवास य़ोजना का 15,000 करोड़ रुपये रोक रखा है। इसी मुद्दे पर आज जंतर मंतर पर धरना है. दोपहर एक बजे टीएमसी के नेता जंतर मंतर पर जुटेंगे.