अमेरिकी एक्ट्रेस सिडनी स्वीनी का नया विज्ञापन आपने देखा क्या? अगर हां तो आपको मालूम है कि मामला क्या है और अगर नहीं तो हम आपको एक नए विवाद के बारे में बताने जा रहे हैं. उनका यह विज्ञापन विवादों के भंवर में गोते लगा रहा है. स्पोर्ट्स ट्रेडिंग ऐप नोविग के लिए किया गया यह विज्ञापन महिला खिलाड़ियों को रास नहीं आ रहा है. दिक्कत है न्यूडिटी.
इस विज्ञापन में स्वीनी लगभग न्यूड नजर आती हैं और अपने शरीर को फुटबॉल, बास्केटबॉल, हॉकी गियर और दूसरे स्पोर्ट्स इक्विपमेंट से ढकती दिखाई देती हैं. इससे नोविग का संदेश है कि उसका प्लेटफॉर्म सिर्फ स्पोर्ट्स पर केंद्रित है लेकिन जिस अंदाज में यह बात कही गई, उसने महिला खिलाड़ियों को नाराज कर दिया है. विज्ञापन के रिलीज होने के कुछ ही दिनों में कई ओलंपिक और इंटरनेशनल एथलीट इसके खिलाफ खुलकर सामने आ गईं.
इस विज्ञापन में ऐसा है क्या?
कहा जा रहा है कि विवाद का प्वॉइंट सिर्फ न्यूडिटी नहीं है बल्कि महिलाओं को देखने के नजरिए का है. इस विज्ञापन में सिडनी स्वीनी स्पोर्ट्स के अलग-अलग इक्विपमेंट के साथ नजर आती हैं. कहीं वह फुटबॉल पकड़े हैं, कहीं बास्केटबॉल, कहीं टेनिस रैकेट तो कहीं हॉकी और दूसरे खेलों से जुड़ा सामान लेकिन इन सभी सीन में या तो वह न्यूड हैं या फिर बेहद कम कपड़े पहने हुए हैं और कई जगह स्पोर्ट्स इक्विपमेंट से ही शरीर को ढकती नजर आई हैं.
वह इस एड में बार-बार कहती हैं कि नोविग... जस्ट स्पोर्ट्स यानी प्लेटफॉर्म पर सिर्फ खेलों की भविष्यवाणी या ट्रेडिंग होती है. विज्ञापन के आखिर में वह टॉपलेस होकर पूल टेबल पर बैठी नजर आती हैं. यह पूरा विज्ञापन लगभग एक मिनट का है.
लेकिन विवाद न्यूडिटी से ज्यादा उसके संदर्भ को लेकर है. अगर कोई एक्ट्रेस किसी फिल्म, फोटोशूट या फैशन कैंपेन में अपनी मर्जी से न्यूड पोज देती है तो उसे उसकी व्यक्तिगत पसंद और बॉडी ऑटोनॉमी के रूप में देखा जा सकता है. यहां समस्या आलोचना करने वाले खिलाड़ियों की नजर में यह है कि इस न्यूडिटी को स्पोर्ट्स बेचने के लिए इस्तेमाल किया गया.
महिला एथलीटों का कहना है कि उन्हें लंबे समय से अपने शरीर और खूबसूरती के बजाय अपनी ताकत, मेहनत और उपलब्धियों के जरिए पहचाने जाने के लिए संघर्ष करना पड़ा है. ऐसे में स्पोर्ट्स बेटिंग को प्रमोट करने के लिए महिला शरीर को सेक्सुअल तरीके से पेश करना उसी पुराने नजरिए को मजबूत करता है, जिससे महिला खिलाड़ियों को बाहर निकलना पड़ा है.
सबसे तीखी प्रतिक्रिया चार बार की ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट तैराक एरियार्ने टिटमस की रही. उन्होंने कहा कि इस विज्ञापन को देखकर वह बेहद नाराज हैं और सवाल उठाया कि महिलाओं के शरीर को पैसे कमाने के लिए सेक्सुअलाइज करना आज भी स्पोर्ट्स मार्केटिंग का हिस्सा क्यों है? उनके मुताबिक महिला खिलाड़ियों ने टीमवर्क, मेहनत, समर्पण और एकजुटता के जरिए अपनी जिंदगी बनाई है, इसलिए इस तरह का विज्ञापन उनके संघर्ष को कमतर दिखाता है.

इसके बाद कई महिला खिलाड़ियों ने सिडनी के विज्ञापन का जवाब अपने तरीके से दिया. अमेरिकी जिम्नास्ट ग्रेसी क्रेमर ने अपने ट्रेनिंग और जिम्नास्टिक के वीडियो के साथ संदेश दिया कि यह वह है जो एक महिला को स्पोर्ट्स में दिखना चाहिए. ब्रिटिश स्प्रिंटर एमी हंट ने रेस के बाद कैमरे पर सिडनी स्वीनी का नाम लेते हुए अपने शरीर की मांसपेशियों, मेहनत, पसीने और संघर्ष की बात की.
ऑस्ट्रेलियाई वॉटर पोलो खिलाड़ी टिली कियर्न्स ने भी विज्ञापन की तीखी आलोचना की. बॉक्सर स्काइ निकोलसन ने कहा कि मुद्दा किसी महिला के सुंदर या सेक्सी दिखने का नहीं है, बल्कि यह है कि सेक्स का इस्तेमाल स्पोर्ट्स बेचने के लिए किया जा रहा है.
यहां एक दिलचस्प बात यह भी है कि विरोध सिर्फ कुछ खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रहा. ऑस्ट्रेलियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स ने भी THIS is sport संदेश के साथ महिला खिलाड़ियों की ट्रेनिंग, कंपटीशन और परफॉर्मेंस से वीडियो शेयर किए यानी एक तरफ नोविग का विज्ञापन था, जिसमें स्पोर्ट्स इक्विपमेंट के साथ स्वीनी का ग्लैमरस और लगभग न्यूड शरीर था, वहीं जवाब में महिला खिलाड़ियों ने अपनी वास्तविक ट्रेनिंग, चोट, पसीने, मांसपेशियों और प्रतियोगिता की तस्वीरें सामने रखीं.
स्वीनी सिर्फ इस विज्ञापन की अभिनेत्री नहीं हैं. वह नोविग की स्ट्रैटेजिक पार्टनर और इक्विटी होल्डर भी है. कंपनी के सीईओ जैकब के मतुबािक, उन्होंने खुद कंपनी से संपर्क किया था. विज्ञापन के विजुअल और मैसेजिंग तैयार करने में स्वीनी की बड़ी भूमिका थी यानी यह कहना पूरी तरह सही नहीं होगा कि उन्हें सिर्फ किसी ब्रांड ने न्यूड होकर खड़े होने को कहा और उन्होंने वह कर दिया. वह कैंपेन की क्रिएटिव प्रक्रिया में शामिल थीं और कंपनी में उनकी हिस्सेदारी भी थी.
सिडनी ने इस विज्ञापन पर विवाद के बाद अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर ईएसपीएन के मशहूर बॉडी इश्यू की कुछ तस्वीरें भी शेयर कीं, जिनमें सेरेना विलियम्स, रोंडा राउजी, रॉब ग्रानोव्सकी और दूसरे बड़े एथलीट न्यूड या लगभग न्यूड फोटोशूट में नजर आए थे. यही तस्वीरें सिडनी के बचाव का सबसे बड़ा संकेत मानी जा रही हैं कि अगर पेशेवर महिला और पुरुष एथलीट अपने शरीर को आर्ट और स्पोर्ट्स के संदर्भ में दिखा सकते हैं, तो एक अभिनेत्री को ऐसा करने का अधिकार क्यों नहीं?

इस नजरिए से देखें तो न्यूडिटी अपने आप में समस्या नहीं होनी चाहिए. एक महिला को यह तय करने का अधिकार है कि वह अपने शरीर को किस तरह पेश करना चाहती है लेकिन आलोचकों का जवाब है कि ईएसपीएन बॉडी इश्यू जैसे फोटोशूट का संदर्भ और एक स्पोर्ट्स बेटिंग विज्ञापन का संदर्भ एक जैसा नहीं है. वहां एथलीट के शरीर को उसके खेल और उपलब्धि के संदर्भ में दिखाया जाता है, जबकि नोविग के विज्ञापन में स्वीनी खुद एथलीट नहीं हैं और उनका शरीर एक बेटिंग प्लेटफॉर्म का ध्यान खींचने वाला मार्केटिंग टूल बनता है.
नोविग भी पीछे हटने के बजाय विज्ञापन के साथ खड़ा है. सीईओ जैकब ने साफ कहा कि कंपनी का उद्देश्य महिला खेलों को दिखाना था ही नहीं. उनके मुताबिक स्वीनी एक एक्ट्रेस हैं और कहानी नोविग के स्पोर्ट्स ओनली प्लेटफॉर्म की थी. उन्होंने यह भी कहा कि स्वीनी ने विज्ञापन के विजुअल और मैसेजिंग को काफी हद तक खुद ड्राइव किया.
लेकिन इस विज्ञापन को पसंद करने वाले लोग भी हैं. सोशल मीडिया पर एक बड़ा हिस्सा ऐसा है जो इसे अटेंशन ग्रैबिंग विज्ञापन के रूप में देख रहा है. नोविग का तर्क है कि स्वीनी की स्टार पावर का इस्तेमाल करके ब्रांड को लोगों तक पहुंचाना ही कैंपेन का मकसद था. कुछ लोगों का यह भी तर्क है कि अगर पुरुष एथलीटों के न्यूड फोटोशूट को सामान्य माना जा सकता है, तो महिला के मामले में अलग पैमाना नहीं होना चाहिए.
लेकिन विरोध करने वालों की असली चिंता इससे थोड़ी अलग है. वे यह नहीं कह रहे कि महिलाओं को सेक्सी दिखने या न्यूड होने का अधिकार नहीं होना चाहिए. उनकी आपत्ति यह है कि जिस समय महिला खेल अपनी पहचान और बराबरी के लिए संघर्ष कर रहा है, उस समय खेल से जुड़े विज्ञापन में महिला शरीर को मुख्य आकर्षण बनाना एक पुरानी समस्या को दोहरा सकता है. स्काई निकोलसन ने भी इसी फर्क की ओर इशारा किया कि महिला का स्पोर्ट्स करने की वजह से आकर्षक दिखना और महिला के शरीर का इस्तेमाल स्पोर्ट्स बेचने के लिए करना दो अलग बातें हैं.