scorecardresearch
 

बरसात में टपकती थी छत, PM आवास योजना ने दिया पक्का घर... ललितपुर की बबीता की कहानी

प्रधानमंत्री आवास योजना ने उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड की महिलाओं की जिंदगी में अच्छे बदलाव किए हैं. ललितपुर की बबीता सहित कई महिलाओं ने इस योजना के तहत पक्का मकान बनवाकर अपने जीवन स्तर को बेहतर बनाया है. बबीता बताती हैं कि पीएम आवास योजना की वजह से 40 साल बाद उनका पक्के मकान का सपना पूरा हुआ है.

Advertisement
X
बबीता खटीक को 40 साल बाद पक्का घर मिला. (Photo- ITGD)
बबीता खटीक को 40 साल बाद पक्का घर मिला. (Photo- ITGD)

उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड जैसे पिछड़े माने जाने वाले क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना महिलाओं के जीवन में एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर आई है. इस योजना ने कई महिलाओं के जीवन को एक नई उड़ान दी है, जिनके दिन कभी संघर्ष और मुश्किलों में बीतते थे.

ऐसी ही एक कहानी ललितपुर जिले के गोविंदनगर मोहल्ले में रहने वाली बबीता की है. 57 साल की बबीता बताती हैं कि करीब 40 साल पहले उनकी शादी ललितपुर के रहने वाले हरप्रसाद खटीक के साथ हुआ था, जिसके बाद वो गोविंदनगर मोहल्ले में एक टूटे-फूट कच्चे मकान में रहने आई थीं.

कई सालों तक उन्होंने बरसात के दिनों में टपकती हुई छतों के नीचे रातें काटीं और हमेशा एक पक्के मकान का सपना देखा. बकरी पालन के कारोबार से इतनी आमदनी नहीं हो पाती थी कि वे अपने दम पर पक्का मकान बना सकें.

कच्चे मकान  के गिरने का डर सताता था

कच्चे मकान के गिरने का डर और बच्चों के साथ सोते समय जहरीले जीवों के निकलने का अंदेशा हमेशा बना रहता था. लेकिन जब केंद्र सरकार ने शहरी क्षेत्रों के लिए भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वित्तीय सहायता देनी शुरू की, तो मोहल्ले की दूसरी महिलाओं के साथ बबीता ने भी साल 2019 में इसके लिए आवेदन किया. 

Advertisement
(Photo- ITGD)

योजना के तहत उन्हें ढाई लाख रुपये की सहायता राशि मिली, जिसमें उन्होंने कुछ अपने पास से पैसे जोड़े और अपने सपनों का पक्का घर तैयार करवा लिया.

पक्के मकान से की बच्चों की शादी

बबीता के चार लड़के (सचिन, अरेंद्र, अरुण और संजय) और एक बेटी है. बड़ा परिवार होने के कारण पहले उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था. लेकिन पक्का मकान बनते ही उनका आत्मविश्वास और आत्मसम्मान काफी बढ़ गया. घर के महत्वपूर्ण फैसलों में भी उनकी भूमिका और राय को अहमियत मिलने लगी. इसी पक्के मकान में उन्होंने अपनी बेटी सोनम और फिर अपने बेटों के शादी की.

आज वो अपनी तीन बहुओं और पोते-पोतियों के साथ एक खुशहाल परिवार के रूप में रह रही हैं. इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी बड़ी बहू के लिए भी बगल में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक और पक्का मकान बनवा लिया है.

बबीता बताती हैं कि योजना के तहत मकान तैयार होने के बाद जब उन्हें चाबी सौंपी जा रही थी, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉल के जरिए उनसे बातचीत की थी. उस बातचीत को याद करते हुए वो बताती हैं, 'प्रधानमंत्री ने मुझसे पूछा था कि आप कितना पढ़ी हैं, तो मैंने बताया कि मैं पांचवीं तक पढ़ी हूं. उन्होंने गैस सिलेंडर के बारे में पूछा तो मैंने बताया कि मेरे पास मोदी वाला सिलेंडर है. इसके साथ ही मुझे राशन भी मिलता है.'

Advertisement

यह भी पढ़ें: 'पीएम आवास योजना में किसी बाहरी को नहीं दी जा रही जमीन', बोले JK के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा

बबीता कहती हैं कि उस बातचीत के बाद से उनका आत्मविश्वास और ज्यादा बढ़ गया है. ये सरकारी योजना उनकी जिंदगी में एक खूबसूरत बदलाव लाई है और वो चाहती हैं कि सरकार बार-बार आए ताकि उनके जैसी जरूरतमंद महिलाओं के जीवन में भी ऐसे ही सकारात्मक बदलाव आते रहें.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement