उत्तर प्रदेश के लखनऊ में शिवा शर्मा की मौत के मामले में पुलिस विभाग पर कार्रवाई हुई है. डीसीपी सेंट्रल जोन विक्रांत वीर को पद से हटा दिया गया है. उन्हें डीजीपी मुख्यालय से अटैच किया गया है. इससे पहले हजरतगंज थाने के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को भी लाइन अटैच किया गया था. शिवा शर्मा की मौत के मामले में श्रद्धा दुबे समेत कई लोग आरोपी हैं. पुलिस उनकी तलाश कर रही है.
इंस्पेक्टर के बाद DCP पर कार्रवाई
शिवा शर्मा हत्याकांड में पहले हजरतगंज थाने के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया गया. अब डीसीपी सेंट्रल जोन विक्रांत वीर को भी उनके पद से हटा दिया गया है. उन्हें डीजीपी मुख्यालय से अटैच किया गया है. अधिकारियों पर कार्रवाई के बीच पुलिस मामले की जांच और फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की 9 अक्टूबर को हजरतगंज इलाके के अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी. शुरुआत में इसे हादसा माना गया था. हालांकि, शिवा के परिवार ने उनकी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा दुबे और उससे जुड़े लोगों पर मारपीट और हत्या का आरोप लगाया. परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी मौत से पहले लगी गंभीर चोटों का जिक्र हुआ.
पुलिस ने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और तनवीर अली उर्फ दानिश समेत आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है. तीन आरोपियों पर पहले 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था. पुलिस उनकी तलाश में जुटी है. श्रद्धा दुबे ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है.