यूपी के कानपुर में रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर के घर दिनदहाड़े लूट हो गई. अब पुलिस ने इस केस का पर्दाफाश कर दिया है. जांच में सामने आया कि वारदात का मास्टरमाइंड परिवार का ही एक करीबी था. रिटायर्ड इंस्पेक्टर के बड़े बेटे के साले ने घर की पूरी जानकारी बदमाशों को दी और लूट की साजिश रची. मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है.
यह घटना कानपुर के श्याम नगर में हुई. यहां रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर स्व. जय नारायण त्रिपाठी के घर में सोमवार की दोपहर बहू रचना और उनका बेटा मौजूद था. तभी तीन बदमाश घर में घुस आए. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने दोनों को बंधक बनाया, उन्हें रसोई में बंद कर दिया और हथियारों के बल पर घर में रखे करीब 15 लाख रुपये के जेवर और नकदी लेकर फरार हो गए.
वारदात के बाद आसपास घरों में सनसनी फैल गई. मामले की खबर पुलिस को दी गई. पुलिस मौके पर पहुंची और जायजा लिया. घटना की जांच शुरू हुई. सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. सर्विलांस लगाया गया. फोन कॉल की डिटेल खंगाली गई. और फिर जो कहानी सामने आई, उसने सभी को हैरान कर दिया.

पुलिस के मुताबिक, इस पूरी वारदात की साजिश रचने वाला परिवार का ही सदस्य निकला. आरोप है कि रिटायर्ड इंस्पेक्टर के बड़े बेटे का साला प्रशांत इस लूट का मास्टरमाइंड था. पुलिस का दावा है कि प्रशांत को घर की पूरी जानकारी थी. उसे पता था कि घर में कौन-कौन रहता है, किस समय कौन मौजूद होगा और कहां कीमती सामान रखा है. इसी जानकारी के आधार पर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पूरी साजिश तैयार की.
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जांच में सामने आया कि प्रशांत ने कथित तौर पर सफीक और रफीक नाम के आरोपियों से संपर्क किया. बाद में कमल और विजय भी इस साजिश में शामिल हुए. इसके बाद वारदात को अंजाम दिया गया. पुलिस के मुताबिक, लूट होने के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच कर रही थी, तब भी प्रशांत घर के बाहर गेट पर बाइक पर बैठा रहा. वह खुद को नॉर्मल दिखाते हुए पुलिस की कार्रवाई देख रहा था, ताकि किसी को उस पर शक न हो.
पुलिस के साथ मुठभेड़ के दौरान पकड़े गए आरोपी
सर्विलांस और कॉल रिकॉर्ड की मदद से पुलिस पहले प्रशांत तक पहुंची. पूछताछ के बाद बाकी आरोपियों की पहचान हुई. बुधवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि दो आरोपी एक लोडर वाहन से भाग रहे हैं. पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की. पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में सफीक और कमल घायल हो गए.
दोनों को गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. पुलिस का कहना है कि इन दोनों के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं, दो अन्य आरोपी रफीक और विजय अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है. जॉइंट पुलिस कमिश्नर विपिन टांडा ने बताया कि शुरुआती जांच में प्रशांत की भूमिका पूरे षड्यंत्र में सामने आई है. वहीं डीसीपी सत्यजीत गुप्ता के मुताबिक, पुलिस बाकी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है.