
यूपी के शामली धर्मांतरण मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए तथ्य और सवाल सामने आ रहे हैं. आयुष मलिक के फिर से हिंदू धर्म अपनाने के बाद एक ई-मेल आईडी का पासवर्ड, घर से बरामद एक डायरी, उस पर लिखे कुछ शब्द और फरार बताए जा रहे एक मौलवी की तलाश है. पुलिस और खुफिया एजेंसियां इन सभी पहलुओं को जोड़कर यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि मामला केवल धर्म परिवर्तन तक सीमित था या इसके पीछे कोई व्यापक नेटवर्क सक्रिय था. हालांकि, इन बिंदुओं पर जांच अभी जारी है.
जांच में सामने आया '2047' पासवर्ड
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान जब आयुष मलिक से उसकी ई-मेल आईडी का पासवर्ड पूछा गया तो उसने जो बताया उसमें 2047 भी था. इसके बाद जांच एजेंसियों ने इस पासवर्ड के महत्व की पड़ताल शुरू की. सूत्रों का दावा है कि जांच एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या इस संख्या का किसी विचारधारा, संगठन या किसी अन्य संदर्भ से कोई संबंध है. फिलहाल पुलिस ने इस संबंध में कोई आधिकारिक निष्कर्ष जारी नहीं किया है.
आखिर क्यों चर्चा में है 2047
जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और अन्य एजेंसियों की पूर्व जांच में प्रतिबंधित संगठन पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) से जुड़े कुछ दस्तावेजों में 2047 का उल्लेख सामने आया था. इसी वजह से शामली मामले में भी इस पासवर्ड की जांच की जा रही है. हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि शामली धर्मांतरण मामले में अब तक किसी आरोपी का पीएफआई से संबंध अदालत में सिद्ध नहीं हुआ है और पुलिस ने भी इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. जांच एजेंसियां केवल उपलब्ध तथ्यों का सत्यापन कर रही हैं.

तलाशी में क्या मिला
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जब जांच टीम आयुष मलिक के घर पहुंची तो वहां से एक बड़ा चाकू और एक निजी डायरी बरामद हुई. बताया जा रहा है कि डायरी के एक पन्ने पर अंग्रेजी में I Am On Mission लिखा मिला. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस कथित नोट का संदर्भ क्या था और इसका इस मामले से कोई संबंध है या नहीं. फिलहाल पुलिस ने डायरी की सामग्री पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है.

फरार मौलवी की तलाश जारी
जांच में एक और अहम पहलू सामने आया है. पुलिस एक ऐसे मौलवी की तलाश कर रही है, जिसका नाम इस मामले की जांच में सामने आया है. सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को आशंका है कि वह उत्तर प्रदेश छोड़कर अंडमान या चेन्नई क्षेत्र में कहीं छिपा हो सकता है. उसकी तलाश के लिए विभिन्न राज्यों की एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है. हालांकि, पुलिस ने उसकी पहचान और लोकेशन को लेकर आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है.
आयुष ने की घर वापसी
इस बीच मामले ने नया मोड़ तब लिया जब आयुष मलिक ने दोबारा सनातन धर्म अपना लिया. घर वापसी के बाद सामने आए वीडियो में आयुष पूजा-पाठ करते दिखाई देता है. वीडियो में उसने कहा कि उसने पहले इस्लाम धर्म स्वीकार किया था, लेकिन अब अपने पिता और परिवार की परेशानियों को देखते हुए अपनी इच्छा से दोबारा सनातन धर्म अपनाया है. इससे पहले आयुष का दावा था कि उसने कई वर्ष पहले अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म अपनाया था. उसका कहना था कि उसने यह बात सार्वजनिक इसलिए नहीं की क्योंकि उसकी तीन बहनों की शादी बाकी थी. उसे आशंका थी कि यदि परिवार और समाज को धर्म परिवर्तन की जानकारी मिल जाती तो बहनों के रिश्तों पर असर पड़ सकता था. आयुष के अनुसार, बहनों की शादी होने के बाद उसने अपनी नई पहचान सार्वजनिक की थी.
पिता का आरोप
दूसरी ओर आयुष के पिता देवराज मलिक का पक्ष उस समय अलग था. उन्होंने पुलिस में दी शिकायत में आरोप लगाया था कि उनके बेटे का कथित रूप से ब्रेनवॉश किया गया और शादी के बहाने उसका धर्म परिवर्तन कराया गया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इसके पीछे परिवार की संपत्ति पर कब्जा करने की साजिश हो सकती है. इन आरोपों की जांच पुलिस कर रही थी.
चांदनी और उसके पिता गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार किया था .पुलिस ने इस मामले में एक मौलाना सहित कुल नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था. आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के अलावा उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई थी.
किन सवालों के जवाब तलाश रही है
- ई-मेल पासवर्ड 2047 का वास्तविक संदर्भ क्या है.
- डायरी में लिखे I Am On Mission का क्या अर्थ था.
- फरार मौलवी की भूमिका क्या रही.
- धर्म परिवर्तन पूरी तरह स्वेच्छा से हुआ या किसी साजिश के तहत.
- डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों से क्या नए तथ्य सामने आते हैं.