scorecardresearch
 

फैक्ट चेक: नीट पर मचे बवाल के बीच लखीमपुर खीरी थार कांड के इकलौते गवाह की हत्या? नहीं, ये रही सच्चाई

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि लखीमपुर खीरी थार कांड के इकलौते गवाह उमाशंकर भारती की हत्या कर दी गई और उनका शव रेलवे ट्रैक पर मिला. आजतक के फैक्ट चेक में यह दावा झूठा निकला.

Advertisement

आजतक फैक्ट चेक

दावा
जब लोग कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में व्यस्त थे, उसी बीच 2021 के लखीमपुर खीरी कांड के इकलौते गवाह की हत्या कर दी गई.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
ये फोटो उमाशंकर भारती नाम के सिपाही की है जो लखीमपुर खीरी कांड के गवाह अंग्रेज सिंह की सुरक्षा में तैनात था. वो खुद इस मामले का गवाह नहीं था.

“जब सबका ध्यान कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन की तरफ था, उसी बीच किसी ने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी थार कांड के इकलौते गवाह की हत्या कर दी”- ये कहना है कुछ सोशल मीडिया यूजर्स का. ऐसा दावा करने वाले, पुलिस की वर्दी में एक शख्स की तस्वीर भी शेयर करते हुए उसे श्रद्धांजलि दे रहे हैं.

मिसाल के तौर पर, एक फेसबुक यूजर ने इस बारे में लिखा, "लखीमपुर खीरी में आठ किसानों की कुचलकर हत्या के मामले में इकलौते गवाह उमाशंकर भारती की हत्या कर दी गई. उनका शव फिरोजाबाद रेलवे ट्रैक पर मिला उन पर बयान बदलने का दबाव था पर वे नहीं माने थे. सब छात्र आंदोलन में बिजी थे इधर? इस वीर को विनम्र श्रद्धांजलि."

Lakhimpur Kheri Fact Check

ऐसे ही कुछ पोस्ट्स का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये तस्वीर उमाशंकर भारती नाम के सिपाही की है जो लखीमपुर खीरी थार कांड के एक गवाह अंग्रेज सिंह की सुरक्षा में तैनात था. वो खुद इस मामले में गवाह नहीं था.
 
कैसे पता लगाई सच्चाई?  

वायरल फोटो को रिवर्स सर्च करने से ये हमें अमर उजाला की 17 जुलाई की रिपोर्ट में मिली. रिपोर्ट के अनुसार, ये फोटो उमाशंकर भारती नाम के एक सिपाही की है, जो साल 2021 में हुए तिकुनिया हिंसा कांड के गवाह अंग्रेज सिंह की सुरक्षा में तैनात था. अंग्रेज सिंह, लखीमपुर खीरी के मुकारिनपुरवा गांव के रहने वाले हैं.

Advertisement

खबर के अनुसार, कुछ दिन पहले उमाशंकर बिना बताए जलालपुर, फिरोजाबाद स्थित अपने घर चला गया था. उसका शव उसके गांव के पास ही एक रेलवे ट्रैक के पास मिला. शुरुआती जांच में ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत की आशंका जताई जा रही है.

हिंदुस्तान की 27 जुलाई की रिपोर्ट के अनुसार, गनर कांस्टेबल उमाशंकर भारती, 7 दिसंबर, 2024 से अंग्रेज सिंह की सुरक्षा में तैनात था. उसकी कार्बाइन गन और कारतूस उसके घर से बरामद हुए थे.

लखीमपुर खीरी के एडिशनल एसपी वेस्ट, अमित राय ने आजतक को बताया कि उमाशंकर को शराब पीने की लत थी. उसकी मौत के कारणों की जांच चल रही है.

हमने इस बारे में अंग्रेज सिंह से भी बात की. वो किसान हैं और राकेश टिकैत के संगठन भारतीय किसान यूनियन से जुड़े हुए हैं. उन्होंने हमें बताया, "मुझे 2021 से ही प्रशासन की तरफ से गनर मिला हुआ है. जब ये घटना हुई तब मैं एक शादी में शामिल होने के लिए पंजाब गया हुआ था."

क्या था 2021 का लखीमपुर खीरी मामला?

3 अक्टूबर, 2021 को लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई थी. इस घटना में चार किसानों सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी. प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि किसानों को एक एसयूवी कार ने रौंद दिया जिस पर अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र और उसके आदमी सवार थे. किसानों का ये भी आरोप था कि आशीष और उसके साथियों ने गोलियां चलाईं जिससे एक किसान की जान चली गई. हालांकि टेनी का कहना था कि घटना के वक्त उनका बेटा वहां मौजूद नहीं था.

Advertisement

इस मामले में दो मुकदमे दर्ज हुए थे- पहला, आशीष मिश्र सहित 14 लोगों के खिलाफ, जिन पर किसानों को थार गाड़ी से रौंदने का आरोप है. वहीं, दूसरा मुकदमा बीजेपी कार्यकर्ता सुमित जायसवाल ने चार किसानों के खिलाफ दर्ज कराया था.  

खबरों के मुताबिक इस मामले में कुल 131 गवाह थे. इनमें से कम से कम तीन गवाहों पर हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं.

वहीं, हाल ही में उत्तर प्रदेश पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इस मामले में अजय मिश्र टेनी और उनका बेटा गवाहों को डराने-धमकाने में शामिल नहीं थे और इसीलिए उनके खिलाफ कोई चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है. 

(इनपुट: अभिषेक वर्मा)

---- समाप्त ----
Live TV

क्या आपको लगता है कोई मैसैज झूठा ?
सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement