कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार से एक दुखद घटना सामने आई है. ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र में गंगा में डूबने से चार कांवड़ियों की मौत हो गई. एसडीआरएफ ने रेस्क्यू अभियान चलाकर चारों शव बरामद कर लिए हैं. बताया जा रहा है कि सभी कांवड़िये चंडीगढ़ से हरिद्वार आए थे. घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है. चारों कांवड़ियों के शव बरामद होने के बाद प्रशासन आगे की कार्रवाई में जुट गया है.
हरिद्वार की इस दुखद घटना के बीच कांवड़ यात्रा को लेकर सहारनपुर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. कांवड़ियों की सुरक्षा और पूरे कांवड़ मार्ग की निगरानी के लिए पुलिस लाइन में एक नए मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम की शुरुआत की गई है. सहारनपुर मंडल के डीआईजी अभिषेक सिंह ने फीता काटकर इस कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया.
कांवड़ यात्रा को लेकर सहारनपुर में हाई अलर्ट
कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पूरे सहारनपुर जिले में करीब 3 हजार सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. इनमें 350 से अधिक नाइट विजन कैमरे भी शामिल हैं, जो रात के समय भी कांवड़ मार्ग पर लगातार निगरानी करेंगे. पुलिस ने देवबंद, काली नदी चौकी और गंगोह क्षेत्र में तीन अलग-अलग सब-कंट्रोल रूम भी स्थापित किए हैं.
इन केंद्रों से स्थानीय स्तर पर निगरानी और समन्वय किया जाएगा. पुलिसकर्मियों की अलग-अलग ड्यूटी लगाई गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके. पुलिस प्रशासन उत्तराखंड, हरिद्वार, रुड़की और यमुनानगर की पुलिस के साथ भी लगातार संपर्क में है. अधिकारियों के अनुसार, ट्रैफिक, रूट डायवर्जन और कांवड़ियों की भीड़ से जुड़ी किसी भी स्थिति पर तुरंत समन्वय कर कार्रवाई की जाएगी.
कांवड़ मार्ग पर हर गतिविधि की हो रही मॉनिटरिंग
कांवड़ियों की सुविधा के लिए खोया-पाया केंद्र भी बनाया गया है. यहां बिछड़े लोगों की सूचना दर्ज की जाएगी और उन्हें उनके परिवार या साथियों से मिलाने का प्रयास किया जाएगा. पुलिस का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है, ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके.