हरिद्वार
हरिद्वार (Haridwar) भारत के राज्य उत्तराखंड का एक जिला है. यह जिला गढ़वाल मंडल का एक हिस्सा है. इस जिले का क्षेत्रफल 2,360 वर्ग किलोमीटर है (Haridwar Geographical Area).
हरिद्वार जिले में एक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र (Lok Sabha constituency) और 11 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र हैं (Haridwar Assembly Constituency).
2011 जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक हरिद्वार की जनसंख्या (Population) लगभग 19 लाख है और यहां प्रति वर्ग किलोमीटर 801 लोग रहते हैं (Density). यहां का लिंग अनुपात (Sex Ratio) 880 है. इसकी 73.43 फीसदी जनसंख्या साक्षर है. इनमें पुरुष 81.04 फीसदी और महिलाओं की साक्षरता दर 64.79 फीसदी है (Haridwar literacy).
हरिद्वार हिंदुओं के लिए प्रमुख तीर्थ स्थानों में से एक है. चार धाम यानी बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जाने के लिए हरिद्वार से ही रास्ते निकलते हैं. यह चारों धाम का एक केन्द्र बिंदु है. हरिद्वार का अर्थ हरि यानी ईश्वर का द्वार होता है. मैदानी क्षेत्र में सबसे पहले गंगा नदी हरिद्वार में प्रवेश करती हैं इसलिए हरिद्वार को गंगाद्वार भी कहा जाता है (Ganges River).
हरिद्वार उन चार स्थानों में से एक है, जहां हर छह साल बाद अर्ध कुंभ और हर बारह साल बाद कुंभ मेले का आयोजन किया जाता है. इस विशेष दिन पर ब्रहमकुंड में किया गया स्नान बहुत शुभ माना गया है (Haridwar Kumbh Mela).
यह जिला आयुर्वेदिक दवाओं और हर्बल उपचारों के लिए भी प्रसिद्ध है साथ ही गुरुकुल विद्यालय, प्राकृतिक सुंदरता और हरियाली के लिए भी एक आकर्षण का केन्द्र है.
हरिद्वार जिले में स्थित मशहूर पर्यटक स्थलों में हर की पौड़ा, चंडी देवी मंदीर, मनसा देवी मंदीर और राजाजी राष्ट्रीय पार्क खास हैं (Haridwar Tourism).
हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान दो पक्षों के बीच कांवड़ खंडित करने को लेकर विवाद हो गया. इस मामले में एक आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.
UP के मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा के दौरान मैक्लॉरेन जैसी डमी स्पोर्ट्स कार में सजे भोलेनाथ की अनोखी कांवड़ चर्चा का केंद्र बनी. दिल्ली के छह शिवभक्तों ने करीब 8 लाख रुपये में तैयार इस विशेष कांवड़ से आस्था का अनोखा संदेश दिया. श्रद्धालुओं और राहगीरों ने इसे उत्सुकता से देखा और इसकी फोटोज़ व वीडियो भी रिकॉर्ड किए.
हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान चंडीगढ़ से आए 16 कांवड़ियों के दल में शामिल चार युवकों की गंगा में डूबने से मौत हो गई. हादसा ज्वालापुर क्षेत्र में जटवाड़ा पुल के पास हुआ. सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जल पुलिस और स्थानीय पुलिस ने रेस्क्यू अभियान चलाया, लेकिन चारों को बचाया नहीं जा सका. शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं.
हरिद्वार के ज्वालापुर में गंगा में डूबने से चंडीगढ़ के चार कांवड़ियों की मौत हो गई. घटना के बाद सहारनपुर में कांवड़ यात्रा की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. पूरे मार्ग पर 3000 CCTV कैमरों और नए कंट्रोल रूम के जरिए 24 घंटे निगरानी की जा रही है. साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खोया-पाया केंद्र भी स्थापित किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके.
हरिद्वार के कांगड़ा घाट पर गंगा नदी में डूब रहे 16 वर्षीय श्रद्धालु की जान एसडीआरएफ के एक जवान ने अपनी सूझबूझ और साहस से बचा ली. युवक तेज बहाव में फंस गया था, जिसके बाद जवान ने बिना देर किए नदी में छलांग लगाकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला. इस साहसिक बचाव अभियान की सराहना की जा रही है.
हरिद्वार से एक बेहद खौफनाक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है. शहर के सबसे व्यस्त ललताराव पुल के पास सड़क पर आराम से चल रही एक महिला अचानक जमीन में समा गई. 1 सेकंड पहले जो सड़क बिल्कुल ठीक दिख रही थी, वो अगले ही पल धंस गई और वहां एक गहरा गड्ढा बन गया.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान अपना इस्तीफा लहराने वाले उत्तराखंड पुलिस के पूर्व सिपाही शेर सिंह का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें उन्होंने कुमाऊं आईजी निवेदिता कुकरेती के बयान को चुनौती देते हुए खुद को हिस्ट्रीशीटर कहे जाने पर तीखा पलटवार किया है.
कांवड़ मेला 2026 औपचारिक रूप से शुरू भी नहीं हुआ है और सावन भी अभी शुरू नहीं हुआ, लेकिन हरिद्वार में आस्था के रंग दिखने लगे हैं. दिल्ली के शाहदरा से आए एक युवक ने 90 वर्ष से अधिक उम्र की अपनी दादी को कांवड़ में बैठाकर गंगाजल यात्रा शुरू की है. मां और बेटे की इस अनोखी सेवा भाव ने हर किसी का दिल जीत लिया.
हरिद्वार से कांवड़ यात्रा पर निकले एक परिवार की अनोखी तस्वीर सामने आई है. दिल्ली का एक युवक 90 वर्ष से अधिक आयु की अपनी दादी को कांवड़ में बैठाकर गंगाजल ले जा रहा है. परिवार की यह आस्था लोगों का ध्यान खींच रही है. कांवड़ के एक पलड़े में गंगाजल और दूसरे में दादी बैठी हैं.
पंचदशनाम जूना अखाड़ा ने कनखल के हरिहर आश्रम में आयोजित एक समारोह में डॉ. उदिता त्यागी को 'महामंडलेश्वर' की उपाधि से नवाजा है. संन्यास दीक्षा के बाद उन्हें 'यति मां प्रत्यंगिरा गिरि' नाम दिया गया. संन्यास से पहले वे ब्यूटी पेजेंट विजेता और बीजेपी से जुड़ी रही हैं.
हरिद्वार के कनखल थाना क्षेत्र के गणपति धाम में उस समय हंगामा हो गया, जब एक युवक अपनी दोस्त से मिलने उसके घर पहुंचा था. इसकी जानकारी मिलने पर कुछ लोग घर में घुस आए और युवक के साथ जमकर मारपीट की. हमलावरों ने युवक के गले में कुत्ते वाला पट्टा डालकर उसे खंभे से बांध दिया. युवक और युवती अलग-अलग समुदाय से हैं.
Monsoon destinations in Uttarakhand: अगर आप इस मानसून पहाड़ों की सैर का प्लान बना रहे हैं तो उत्तराखंड आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है. आज हम आपको यहां की कुछ खूबसूरत जगहों के बारे में बताएंगे, जहां आप दोस्तों, परिवार या सोलो ट्रिप के लिए घूमने का प्लान बना सकते हैं.
योग गुरु बाबा रामदेव के हिंदू राष्ट्र और पूर्वजों को लेकर बयान ने सियासत में हलचल मचा दी है. रामदेव ने कहा था कि हिंदू राष्ट्र की अवधारणा से डरने की जरूरत नहीं है और सभी के पूर्वज सनातनी हिंदू आर्य-वैदिक थे. इस पर कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि संविधान में सभी धर्मों की आस्था सुरक्षित है.
हरिद्वार की नदी में काले रंग की थार फंसी हुई थी, जिसकी तस्वीरें सामने आई हैं. नदी की उफनती धारा के बीच थार फंसी हुई थी और उसे बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा था. इस ऑपरेशन में जेसीबी का उपयोग किया गया था ताकि थार को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। यह घटना हरिद्वार की नदी के किनारे हुई जहां वाहन बहने के कारण फंसा था.
हरिद्वार की हर की पौड़ी पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं ने शायद यह आवाज कभी न कभी जरूर सुनी होगी- 'भंडारा कर दो बाबूजी... 100 में 5 बाबा, 200 में 11 बाबा खाएंगे.' यह आवाज किसी भीख मांगने वाले की नहीं थी. यह उस शख्स की थी, जो अपने लिए नहीं, भूखों के लिए हाथ जोड़ता था. सालों तक हर की पौड़ी के पास शिवसेतु पर बैठकर हजारों जरूरतमंदों के लिए भोजन जुटाने वाले 'भंडारा किंग बाबा' रमाशंकर गुप्ता अब इस दुनिया में नहीं रहे.
उत्तराखंड पर मौसम की दोहरी मार पड़ रही है. आसमान से बादल बरस रहे हैं तो दरकते पहाड़ से बोल्डर गिर रहे हैं. ऐसी तस्वीरें लगातार आ रही हैं. हरिद्वार के बैरागी कैंप में कुछ युवकों ने थार को गंगा की मुख्य धारा में उतार दिया. जिसके बाद JCB बुलाकर थार को बाहर निकाला गया. देखें वीडियो.
हरिद्वार की हर की पौड़ी के पास शिवसेतु पर वर्षों से तीर्थयात्रियों से गरीबों के लिए भोजन कराने की अपील करने वाले भंडारा किंग बाबा रमाशंकर गुप्ता का निधन हो गया. उनकी पहचान भंडारा कर दो बाबूजी की पुकार से थी. उनके निधन के बाद शिवसेतु पर बैठने वाले जरूरतमंदों के सामने भोजन की व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है.
हरिद्वार के शिवसेतु पर जरूरतमंदों के लिए भंडारा कराने की अपील करने वाले 'भंडारा किंग बाबा' रमाशंकर गुप्ता का निधन हो गया. उनकी सेवा और समर्पण को स्थानीय लोग भावुक होकर याद कर रहे हैं. उनके जाने के साथ हरिद्वार की एक परिचित आवाज और सामाजिक सेवा से जुड़ी एक पहचान भी लोगों की यादों में सिमट गई है.
रुतबा दिखाने के लिए थार को गंगा की मुख्य धारा में उतार दिया. सोच थी कि एसयूवी पानी चीरते हुए निकल जाएगी. लेकिन कुछ ही मिनटों में गाड़ी बीच नदी में फंस गई, पानी भरने लगा और जान बचाने की नौबत आ गई. फिर शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन और आखिर में पुलिस ने थार ही सीज कर दी.
हरिद्वार में गंगा की मुख्य धारा में थार उतारकर स्टंट करना लड़कों को भारी पड़ गया. एसयूवी बीच नदी में फंस गई, जिसके बाद रेस्क्यू अभियान चलाना पड़ा. पुलिस ने गाड़ी सीज कर कार्रवाई की और स्टंटबाजी से बचने की अपील की. पुलिस ने लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के जोखिम भरे स्टंट से बचने की अपील की है.
हरिद्वार के कनखल थाना क्षेत्र के बैरागी कैंप में कुछ युवकों ने अपनी थार कार को गंगा की नील धारा में स्टंट के लिए उतार दिया. गाड़ी नदी के बीच में फंसकर डूबने लगी, जिस पर स्थानीय लोगों ने गाड़ी में बैठे दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से गाड़ी को गंगा से बाहर निकाला गया.