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5 करोड़ का सोना पहनते हैं, डर नहीं लगता? गूगल गोल्डन बाबा बोले- गिरधारी साथ हैं, बाल भी बांका नहीं होगा

प्रयागराज माघ मेले की रेती पर एक बाबा हर किसी की नजरें रोक लेते हैं. सिर से पांव तक सोने-चांदी से लदे गूगल गोल्डन बाबा उर्फ मनोज आनंद महाराज करीब 5 करोड़ रुपये के आभूषण पहनते हैं. जब उनसे पूछा गया कि इतना सोना पहनकर डर नहीं लगता? तो मुस्कुराते हुए बोले - जिसके साथ प्रभु हों, उसका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता.

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गूगल गोल्डन बाबा ने बताई सोना पहनने की पूरी कहानी. (Photo: ITG)
गूगल गोल्डन बाबा ने बताई सोना पहनने की पूरी कहानी. (Photo: ITG)

प्रयागराज के संगम तट पर लगे माघ मेले में ऐसे बाबा चर्चा में हैं, जिन्हें देखकर हर कोई देखता ही रह जाता है. सिर से लेकर पांव तक सोने-चांदी से लदे, हाथों में दर्जनों अंगूठियां, कंगन, मोटी चेन, गले में रुद्राक्ष और शंकर की माला, सिर पर चांदी का मुकुट... दरअसल, गूगल गोल्डन बाबा का असली नाम मनोज आनंद महाराज है. बाबा के शरीर पर पहना गया सोना-चांदी आज के समय में करीब पांच करोड़ रुपये से ज्यादा का बताया जा रहा है. 

बाबा से पूछा गया कि इतने कीमती आभूषण पहनकर डर का सवाल नहीं आता? इस पर बाबा मुस्कुराते हैं और कहते हैं कि चार बार हमले हो चुके हैं, लेकिन गिरधारी साथ हों तो डर किस बात का? प्रयागराज माघ मेले की रेती पर रोजाना लाखों श्रद्धालु संगम स्नान के लिए पहुंचते हैं. साधु-संतों की अलग-अलग वेशभूषा नजर आती है.

यहां देखें Video

यहां गूगल गोल्डन बाबा का अंदाज सबसे अलग है. लोग दूर से ही उन्हें पहचान लेते हैं. कोई मोबाइल निकालकर वीडियो बनाता है तो कोई सेल्फी लेने के लिए आगे बढ़ता है. बाबा चांदी के बर्तनों में भोजन करते हैं और चांदी के गिलास में पानी पीते हैं. उनके शिविर के बाहर श्रद्धालुओं भीड़ लगी रहती है.

कौन हैं गूगल गोल्डन बाबा?

गूगल गोल्डन बाबा मूल रूप से कानपुर के रहने वाले हैं और खुद को करौली वाले बाबा का भक्त बताते हैं. करीब 20 सालों से ज्यादा समय से वह सोना पहन रहे हैं. बाबा बताते हैं कि शुरुआत में उन्होंने सिर्फ एक सोने की चेन पहनी थी, लेकिन शौक धीरे-धीरे बढ़ता गया. आज भरपूर सोने-चांदी के आभूषण हैं. बाबा के पास लड्डू गोपाल की स्वर्ण प्रतिमा है, जिसे वे हमेशा अपने हाथ में थामे रहते हैं.

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google golden baba wears 5 crore gold faith in god prayagraj magh mela

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सोना पहनने के पीछे की वजह बताते हुए बाबा कहते हैं कि हम क्षत्रिय हैं. इतिहास उठाकर देखिए- द्वापर, त्रेता, हर युग में राजा-महाराजा सोना पहनते थे. सोना शौर्य, समृद्धि और परंपरा का प्रतीक रहा है. मैं इसे घमंड में नहीं पहनता, बल्कि अपने शौक के लिए धारण करता हूं. बाबा आगे कहते हैं कि जैसे किसी को माउंट एवरेस्ट फतह करने का शौक होता है, किसी को पतंग उड़ाने का, वैसे ही उन्हें सोना पहनने का शौक है.

चांदी की चप्पल छोड़ नंगे पांव चलने का संकल्प

गूगल गोल्डन बाबा कभी आगरा से बनवाए गए चांदी के जूते पहनते थे, जिनकी कीमत करीब 5 लाख रुपये है. बाबा बताते हैं कि जब चांदी का भाव 40 हजार रुपये किलो था, तब जूते बने थे. लेकिन अब उन्होंने वह त्याग दिए हैं. इसके पीछे बाबा का संकल्प है. बाबा ने 2024 से यह प्रतिज्ञा ली है और बीते दो वर्षों से बिना जूते-चप्पल के देशभर में यात्रा कर रहे हैं. संकल्प पूरा होने के बाद ही दोबारा चांदी के करीब साढ़े चार किलो वजनी जूते पहनेंगे.

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डर नहीं लगता? चार हमलों की कहानी

जब बाबा से पूछा गया कि इतने करोड़ों का सोना पहनने में डर नहीं लगता, तो वह बेबाकी से बोले- डर किस बात का? जिसके साथ गिरधारी हो, उसका कौन बाल बांका कर सकता है. 

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वे दावा करते हैं कि उन पर चार बार हमले हो चुके हैं, लेकिन हर बार हमला करने वाले पकड़े गए और जेल पहुंचे. उन्होंने बताया कि एक बार बदमाशों ने धमकी दी थी, तो उन्होंने पूरे कानपुर में होर्डिंग लगवा दिए- आओ, धमकी का परिणाम देख लो. बाबा कहते हैं कि उन्हें पूरा भरोसा है कि ईश्वर उनका रक्षक है.

बाबा बोले- भाग्य फल प्रभु देता है

गूगल गोल्डन बाबा कहते हैं कि उनकी परमात्मा में आस्था है. माघ मेले में वह रोज पूजा-पाठ, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं. माघ मेले में बाबा सबसे बड़ा आकर्षण बने हुए हैं. सोने-चांदी धारण किए हुए बाबा के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. खुद बाबा कहते हैं- भाग्य फल प्रभु देता है, जिसके भाग्य में जो लिखा है, उसे वही मिलता है.

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