माघ मेला, एक वार्षिक उत्सव है. माघ, जनवरी या फरवरी में पड़ता है. इस महीने में नदी के किनारे और मंदिरों के पास पवित्र तालाबों के पास मेले लगते हैं और स्नान किया जाता है. लेकिन, पुराणों के मुताबिक लगभग हर बारह साल में जब, बृहस्पति, सूर्य और चंद्रमा की ज्योतिषीय शुभ स्थिति बनती है, तब माघ मेला का आयोजन किया जाता है और श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान करते हैं, जिसे कुंभ मेला या कुंभ स्नान कहा जाता है.
मान्यता है कि माघ में किए गए पवित्र नदियों में स्नान से पूर्व जन्म के पापों से छुटकारा मिलता है. यह एक प्रायश्चित का एक साधन बन जाता है. साथ ही, पुनर्जन्म के चक्र से मुक्ति और मोक्ष मिल जाती है.
माघ मेला पर्व का उल्लेख महाभारत और कई प्रमुख पुराणों में मिलता है.
प्रयागराज के माघ मेला में एक ऐसे मौनी संत चर्चा में हैं, जिन्होंने पिछले 42 साल से एक शब्द भी नहीं बोला. लोग उन्हें चाय वाले बाबा के नाम से जानते हैं. वे सिर्फ चाय पर जीवन बिताते हैं. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को मुफ्त नोट्स और गाइडेंस देकर शिक्षा के लिए प्रेरित कर रहे हैं.
प्रयागराज में माघ मेला महाशिवरात्रि से पहले अपने शिखर पर पहुंच गया है. संगम तट पर देशभर से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. बिहार से 201 कांवड़ियों का दल चारधाम की यात्रा कर प्रयागराज पहुंचा है. इन श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान कर पवित्र जल भरा और शिव मंदिरों में जलाभिषेक के संकल्प के साथ रवाना हुए.
यूपी में प्रयागराज माघ मेला 2026 में आस्था का एक अनोखा केंद्र लोगों का ध्यान खींच रहा है- ‘राम नाम बैंक’... यहां न पैसा चलता है, न पहचान पत्र, बल्कि श्रद्धालु लाल स्याही से लिखी राम नाम की कॉपियां जमा कर भक्ति की पूंजी जोड़ते हैं. देश-विदेश से आए भक्त इस आध्यात्मिक बैंक से जुड़ रहे हैं.
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने माघ मेला से स्नान किए बिना लौटे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से लेकर अपने खिलाफ हुई एफआईआर तक, हर मुद्दा उठाया. उन्होंने सामाजिक न्याय के मुद्दे पर भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया है.
अविमुक्तेश्वरानंद के शंकराचार्य का विवाद मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. इसी बीच योगी सरकार में मंत्री धर्मपाल सिंह ने बड़ा बयान देते हुए हुए उनपर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस के तहत काम कर रही है.
उत्तर प्रदेश में संत-महंत और सियासी भिड़ंत की लड़ाई चल रही है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अब सीधा हमला उत्तर प्रदेश सरकार पर किया है. अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि अगर 40 दिन के अंदर यूपी में गौमांस का व्यापार नहीं रुका और गौमाता को राज्यमाता का दर्जा नहीं मिला तो सीएम योगी को नकली हिंदू करार दे दिया जाएगा. सवाल है कि क्या शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के आरोप तथ्यों की बुनियाद पर हैं या शिगूफा? देखें दंगल.
स्नान को टालना मुझे राहत देता है. पूस में नहाने के लिए मुझे जेठ को याद करना पड़ता है. याद करना पड़ता है पीठ की घमोरियों को, बारिश के बाद की उमस को, पिघलते तारकोल को, ग्लूकोज का विज्ञापन, अखबार में छपी दुपट्टे से चेहरा ढकी लड़की की तस्वीर, गेहूं के खेत, सहारा की रेत और सूर्य के प्रकाश की 8 मिनट 20 सेकेंड की उस लंबी यात्रा को. नहाते हुए मैं पृथ्वी से बुध हो जाना चाहता हूं.
इसी व्यवस्थित भीड़ के बीच, संगम घाट पर खड़े-खड़े मेरी नजर एक छोटे से समूह पर पड़ी. न कोई शोर, न कोई विशेष सुरक्षा घेरा, न कोई घोषणा. कुछ शिष्य, साधारण वस्त्र और शांत चाल. पहले तो लगा कि कोई सामान्य संत होंगे, लेकिन थोड़ी ही देर में पता चला- ये पुरी के शंकराचार्य हैं.
प्रयागराज माघ मेले से वाराणसी लौटे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने गोहत्या और मांस निर्यात के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए सीधे चुनौती दी है कि यदि शर्तें पूरी नहीं हुईं, तो वे मुख्यमंत्री को 'नकली हिंदू' घोषित कर देंगे.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज तो छोड़ दिया है, लेकिन माघ मेला प्रशासन के साथ हुए टकराव को लेकर तनाव बरकरार है. अपने अपने दावों को लेकर दोनों पक्ष आपने सामने है. निशाने पर यूपी में सत्ताधारी बीजेपी है, इसलिए विपक्ष भी बहती गंगा में रगड़ रगड़कर हाथ धो रहा है.
प्रयागराज माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच टकराव गहराने के बाद उन्होंने बिना स्नान किए मेला छोड़ दिया. पुलिस कार्रवाई, आरोप-प्रत्यारोप और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच यह मामला प्रशासनिक, धार्मिक और राजनीतिक बहस का विषय बन गया है, जो अब न्यायिक स्तर तक पहुंच चुका है.
प्रयागराज माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के सम्मानजनक स्नान को लेकर विवाद गहरा गया है. एक तरफ शंकराचार्य खेमा प्रशासन द्वारा संपर्क किए जाने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक अधिकारियों ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है. मारपीट का यह मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट की दहलीज तक पहुंच गया है.
माघ मेले का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में भीड़, खर्च और झंझट की तस्वीर उभर आती है, लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है. प्रयागराज के संगम पर चल रहे माघ मेले में अगर आप थोड़ा स्मार्ट प्लान करें, तो महज 500 रुपये में भी पूरा अनुभव लिया जा सकता है.
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने तीखे तेवर दिखाते हुए खुद को 'बुलडोजर' बताया और गौ हत्यारों को चेतावनी दी. उन्होंने UGC के नए नियमों को हिंदू धर्म बांटने वाली साजिश करार दिया. वहीं, अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत पर संदेह जताते हुए उन्होंने सरकार से जनता का भ्रम दूर करने हेतु जांच की बात कही.
प्रयागराज माघ मेले में प्रशासन से विवाद के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शिविर के बाहर धरने पर हैं. गणतंत्र दिवस पर उन्होंने समर्थकों संग तिरंगा फहराया. पदवी विवाद और दुर्व्यवहार के आरोपों के बीच सियासत तेज है. स्वामी का संकल्प है कि माफी मांगे जाने तक वे संगम स्नान और शिविर में प्रवेश नहीं करेंगे.
माघ मेले में अकेले घूमना जितना सुकून भरा हो सकता है, उतना ही सतर्कता भी मांगता है. संगम की रेती पर लाखों लोगों की भीड़ के बीच छोटी सी लापरवाही बड़ी परेशानी बन सकती है. ऐसे में सही समय, सुरक्षित घाट और समझदारी से किया गया सफर आपकी सोलो ट्रिप को यादगार बना सकता है.
गंगा स्नान कब करेंगे? स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने दिया जवाब. प्रयागराज के माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर के बाहर हंगामे के बाद माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है. बीती रात कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा नारेबाजी करते हुए शिविर में जबरन घुसने की कोशिश का आरोप लगा है
प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से आप नेता संजय सिंह ने मुलाकात की. इस दौरान बीजेपी सरकार और CM योगी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि शिष्यों को पीटा जा रहा है.
प्रयागराज के संगम स्थल पर स्नान के दौरान लोगों के बीच जोश देखने को मिला. हर व्यक्ति संगम में स्नान करने पहुंचता है, लेकिन भीड़ इकट्ठी होने से रोकने के लिए कड़ी व्यवस्थाएं की गई हैं. पुलिस फोर्स और सिविल डिफेंस के कर्मचारी जगह जगह तैनात हैं ताकि कहीं भी भीड़ न हो और भगदड़ जैसी स्थिति न बने.
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी ने जनजीवन प्रभावित किया है. हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी के चलते 565 सड़कें बंद हो गई हैं. भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला 23 जनवरी को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया. इस मुकाबले में भारतीय टीम ने 7 विकेट से जीत हासिल की.
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और माघ मेला प्रशासन के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसी बीच अविमुक्तेश्वरानंद ने डिप्टी सीएम केशव मौर्य के बयान की तारीफ की और कहा कि उन्हें प्रदेश का मुख्यमंत्री होना चाहिए.