गाजियाबाद में एक बिल्डिंग के छज्जे का एक बड़ा हिस्सा अचानक टूटकर नीचे आ गिरा. मलबा सीधे नीचे खड़ी कारों पर जा गिरा. तीन कारें इसकी चपेट में आ गईं और क्षतिग्रस्त हो गईं. जिस शख्स की कार वहां खड़ी थी, वह ऐन वक्त पर उसे वहां से आगे ले गया. यानी कुछ सेकंड का फर्क और कहानी कुछ और हो सकती थी.
घटना कौशांबी थाना क्षेत्र की है. वैशाली सेक्टर-4 स्थित देविका अपार्टमेंट में शुक्रवार को अचानक तेज आवाज हुई. ऊपर से छज्जे का हिस्सा टूटकर नीचे गिरा तो सोसायटी में अफरा-तफरी मच गई. मलबा जिस जगह गिरा, वहां तीन कारें खड़ी थीं. भारी हिस्सा गिरने से कारों को नुकसान पहुंचा. आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति देखी.
जिस कार को लेकर चर्चा है, उसे एक व्यक्ति घटना से ठीक पहले बैक कर रहा था. छज्जा गिरने से कुछ ही समय पहले उसने कार को वहां से आगे कर लिया था. कार आगे बढ़ी और उसके कुछ ही पल बाद 12वीं मंजिल से छज्जे का हिस्सा नीचे आ गिरा. यानी जिस जगह कुछ सेकंड पहले कार मौजूद थी, वहां अब भारी मलबा पड़ा था. गनीमत रही कि हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है. लेकिन तीन कारों को नुकसान जरूर हुआ है.

यह भी पढ़ें: पहली ही बारिश नहीं झेल पाई करोड़ों की लागत से बनी बलिया रेलवे स्टेशन की बिल्डिंग, गुम्बद का छज्जा गिरा
घटना के बाद देविका अपार्टमेंट के लोगों में नाराजगी है. मामला सिर्फ एक छज्जे के टूटकर गिरने का नहीं है. रेजिडेंट्स अब सोसायटी के रखरखाव को लेकर सवाल उठा रहे हैं. लोगों का आरोप है कि मेंटेनेंस के नाम पर हर महीने बड़ी रकम ली जाती है.
इसके बावजूद बिल्डिंग की हालत और उसके कमजोर हिस्सों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा. अब सवाल ये है कि 12वीं मंजिल का छज्जा अचानक टूटा क्यों? क्या बिल्डिंग के इस हिस्से में पहले से कोई कमजोरी थी? क्या इसकी समय रहते जांच की गई थी? क्या सोसायटी में बाकी छज्जों और बाहरी हिस्सों की भी जांच होगी? इन सवालों के जवाब अभी सामने नहीं आए हैं.
इस घटना में किसी की जान नहीं गई. किसी के घायल होने की भी खबर नहीं है. लेकिन हादसे ने एक ऐसा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है, जिसे नजरअंदाज करना मुश्किल है. ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों के लिए बालकनी, छज्जे और बिल्डिंग के बाहरी हिस्से सिर्फ सीमेंट और लोहे का ढांचा नहीं होते. इनके कमजोर होने का मतलब नीचे मौजूद लोगों और वाहनों के लिए सीधा खतरा है.