गाजियाबाद
गाजियाबाद (Ghaziabad) भारतीय गणराज्य के प्रांत उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) का एक शहर और जिला है. यह यूपी और उत्तर भारत का एक औद्योगिक केन्द्र भी है जो दिल्ली एनसीआर (Delhi NCR) का भाग है. इसका क्षेत्रफल 3,971 वर्ग किलोमीटर है. यहां इस जिले का प्रशासनिक मुख्यालय (Administrative Headquarter) स्थित है.
2011 जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक गाजियाबाद की जनसंख्या (Population) लगभग 47 लाख है. इस जिले में प्रति वर्ग किलोमीटर (Density) 3,971 लोग रहते हैं और यहां का लिंग अनुपात (Sex Ratio) 881 है. गाजियाबाद की 78.07 फीसदी जनसंख्या साक्षर है. इनमें पुरुष 85.42 फीसदी और महिलाओं की साक्षरता दर 69.79 फीसदी है (Ghaziabad literacy).
गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्रों (Lok Sabha constituency) के परिसीमन के बाद बतौर निर्वाचन क्षेत्र 2008 में अस्तित्व में आया. इससे पहले, गाजियाबाद के मतदाता हापुड़ (Hapur) लोकसभा क्षेत्र के लिए मतदान करते थे. गाजियाबाद लोकसभा के अस्तित्व में आने के बाद यहां हर बार भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party, BJP भाजपा) को ही जीत मिली है. यहां से भाजपा के जनरल वीके सिंह (Gen VK Singh) लगातार दूसरी बार सांसद हैं. इससे पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) यहां से सांसद थे. गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत पांच विधानसभा क्षेत्र आते हैं (Vidhan Sabha Constituency).
भारत की स्वतंत्रता से पहले गाजियाबाद मेरठ जिला का भाग था लेकिन आजादी के बाद इसे एक अलग जिला बना दिया गया. साल 1740 में गाजीउद्दीन नाम के व्यक्ति ने इस जिले को बसाया था और इसका नाम गाजीउद्दीननगर रखा. जब 1864 में यहां रेलवे का आगमन हुआ जब इसका नाम छोटा कर, गाजियाबाद कर दिया गया (Ghaziabad History).
यह जिला हिण्डन नदी के किनारे स्थित है जो इसको दो हिस्सों में बांटती है. नदी के पश्चिमी भाग को ट्रांस-हिण्डन और पूर्वी भाग को सिस-हिण्डन कहते हैं (Hindon River).
गाजियाबाद यूपी के प्रमुख औद्योगिक नगरों में से एक है. स्वतंत्रता के बाद गाजियाबाद में स्टील निर्माण के कई कारखाने लगे जिसकी वजह से गाजियाबाद कानपुर के बाद उत्तर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा औद्योगिक शहर बन गया (Ghaziabad Industries).
भारत के कई फेमस सेलिब्रिटी गाजियाबाद से ताल्लुक रखते हैं, जिनमें एक्टर लारा दत्ता, क्रिकेटर सुरेश रैना और राजनेता मदन भईया खास हैं (Celebrity from Ghaziabad).
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में नकली दवा बनाने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है जिसमें पुलिस ने Liv-52 की नकली टैबलेट्स बनाने का खुलासा किया. इन टैबलेट्स को फर्जी दस्तावेज़, नकली जीएसटी नंबर और औषधि लाइसेंस के सहारे बाजार में बेचा जा रहा था. छापेमारी के दौरान हजारों नकली टैबलेट बरामद हुईं हैं. देखें वीडियो.
उत्तर प्रदेश के कई शहरों में घर खरीदने का सुनहरा मौका है. UPAVP का बंपर ऑफर लेकर स्कीम लाई है, जिसमें डिस्काउंट पर घर खरीदने का आपको सुनहरा मौका मिलेगा.
गाजियाबाद के भारत सिटी सोसायटी में तीन बहनों के एक साथ सुसाइड वाले मामले में जांच के दौरान एक और चौंकाने वाली बात पुलिस को पता चली है. बताया जा रहा है कि 3 BHK फ्लैट के एक ही कमरे में चेतन अपने पूरे परिवार के साथ रहता था. जहां चेतन और उसकी तीनों पत्नी, पांच बच्चे एक साथ रहते थे. पहले जिस स्कूल में बच्चियां पढ़ती थी वहां भी टीचरों से पूछताछ होगी कि आखिर तीनों बहनों का नेचर कैसा था, क्यों उन्होंने पढ़ाई छोड़ी.
गाजियाबाद में लिवर की नकली दवाओं को बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया है. मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया और करीब 50 हजार टैबलेट बरामद किया है.
गाजियाबाद के मुरादनगर थाना क्षेत्र में नकली दवाइयों के अवैध कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है. जहां स्वॉट टीम ग्रामीण जोन और थाना मुरादनगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में लिवर की बीमारी में इस्तेमाल होने वाली Liv-52 (लिव-52) नामक दवा की भारी मात्रा में नकली खेप बरामद की गई है. पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में तीन सगी बहनों की संदिग्ध मौत का मामला नए दावों से और उलझ गया है. सोसाइटी अध्यक्ष ने कहा कि घटना के समय पिता और पत्नियों के बीच झगड़ा हो रहा था. मां के रोने-चिल्लाने और CCTV में कथित विवाद के दृश्य भी सामने आए हैं. पुलिस तीन मोबाइल और फॉरेंसिक रिपोर्ट की जांच पर फोकस कर रही है. पिता ने कोरियन गेम का एंगल बताया, लेकिन पुलिस फिलहाल अन्य कारणों से जांच कर रही है.
गाजियाबाद के मुरादनगर में पुलिस और स्वॉट टीम ने नकली Liv-52 दवाइयों की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. कार्रवाई में 50 हजार नकली टैबलेट, पैकिंग सामग्री और एक कार बरामद की गई. इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो फर्जी लाइसेंस और दस्तावेजों के सहारे दवाइयां बेचकर जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे थे.
गाजियाबाद के मुरादनगर थाना क्षेत्र में नकली दवाइयों के अवैध कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है. स्वॉट टीम ग्रामीण जोन और मुरादनगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में लिवर की बीमारी में इस्तेमाल होने वाली Liv-52 दवा की नकली फैक्ट्री पकड़ी गई.
गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की मौत के मामले में जांच के दौरान अब साल 2015 का एक सुसाइड केस भी सामने आया है, जिसमें पिता की लाइव-इन पार्टनर की मौत हुई थी. पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों के बीच फिलहाल संबंध नहीं है, लेकिन पारिवारिक पृष्ठभूमि और हालात को समझने के लिए पुरानी फाइलों को भी खंगाला जा रहा है.
गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में तीन बहनों द्वारा 9वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या के मामले में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान मौके पर पहुंचीं. उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली. बबीता चौहान ने प्रारंभिक जांच में माता-पिता की लापरवाही और बच्चों पर डिजिटल कंटेंट की अत्यधिक निर्भरता को गंभीर कारण बताया.
गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों ने नौवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली. जांच में सामने आया कि वे पिता द्वारा मोबाइल छीनकर बेच देने से डिप्रेशन में थीं और कोरियन कल्चर व ऑनलाइन संपर्क से दूर हो गई थीं. मां के फोन से ऐप नहीं चल पाया. सुसाइड नोट और सबूत एफएसएल भेजे गए हैं. पिता की तीनों पत्नियां सगी बहनें हैं. डायरी में कोरियन लगाव और पारिवारिक कलह का जिक्र मिला. साइबर टीम जांच कर रही है.
Ghaziabad Suicide Case: गाजियाबाद में तीन बहनों की आत्महत्या के बाद यूपी महिला आयोग ने बड़ा कदम उठाया है. अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कक्षा 5 तक मोबाइल पर होमवर्क भेजने पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने मोबाइल गेमिंग की लत को घातक बताते हुए जिलाधिकारियों को शैक्षणिक गतिविधियों पर नियंत्रण के पत्र लिखे हैं.
गाजियाबाद में तीन बहनों की आत्महत्या का हवाला देते हुए, कांग्रेस सांसद ने कहा, "सोशल मीडिया आज सबसे प्रभावशाली मीडियम बन गया है और केंद्र सरकार से एक व्यापक सोशल मीडिया पॉलिसी बनाने का आग्रह किया."
गाजियाबाद की भारत सिटी सोसायटी में तीन नाबालिग बहनों की आत्महत्या के मामले में पुलिस हर दावे की गहन जांच कर रही है. कोरियाई ऐप की लत का पिता का दावा फिलहाल सबूतों से मेल नहीं खाता. बरामद डायरी घरेलू तनाव की ओर इशारा करती है. पोस्टमॉर्टम के बाद देर रात हुए अंतिम संस्कार पर भी सवाल उठे हैं, हालांकि पुलिस इसे पारिवारिक निर्णय मान रही है.
Ghaziabad Triple Suicide: गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों द्वारा बिल्डिंग से कूदकर आत्महत्या की गुत्थी हर पल उलझती जा रही है. हाल मेें बच्चियों के पिता ने बताया कि वे 2 साल से स्कूल तो नहीं जा रही थीं लेकिन कोचिंग जाती थीं. टीचर कहती थी ये नही
गाजियाबाद में तीन बहनों के सुसाइड केस में पुलिस जांच के दौरान बड़ा अपडेट सामने आया है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अब तक ऐसा कोई तकनीकी सबूत नहीं मिला है, जिससे साबित हो कि तीनों बहनें किसी कोरियन टास्क-बेस्ड ऐप का इस्तेमाल कर रही थीं. हालांकि कमरे से मिली डायरी में कोरियन कल्चर और के-पॉप की बातें और पारिवारिक तनाव का जिक्र मिला है.
गाजियाबाद में 12, 14 और 16 साल की तीन नाबालिग बहनों की मौत ने झकझोर कर रख दिया है. इस केस की जांच में कोरियन आइडेंटिटी, बदले नाम, सोशल मीडिया अकाउंट और मोबाइल फोन की एक ऐसी कड़ी सामने आई है, जिसने पूरे केस को नया मोड़ दे दिया. सवाल है कि आखिर इन तीनों बहनों ने एक साथ मौत का रास्ता क्यों चुना?
गाजियाबाद की तीन बहनों ने कोरियन कल्चर से दूर किए जाने और पिता की पाबंदियों से आहत होकर 9वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी. पुलिस को मिली डायरी में बच्चियों ने भारतीय संस्कृति के प्रति नफरत और कोरियन के-पॉप के प्रति अपनी जान देने तक की दीवानगी का चौंकाने वाला खुलासा किया है.
गाजियाबाद की एक हाई-राइज बिल्डिंग से गिरकर तीन किशोरियों की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है. ये घटना ऐसे समय में आई है जब हालिया आर्थिक सर्वेक्षण में डिजिटल एडिक्शन के गंभीर सामाजिक और मानसिक परिणामों को लेकर चेतावनी दी गई थी. विशेषज्ञों ने इसे एक बड़ी चेतावनी माना है.
गाजियाबाद के टीला मोड़ क्षेत्र में तीन नाबालिग बहनों की आत्महत्या के मामले में पुलिस डिजिटल जांच तेज कर रही है. बच्चियों के दो बेचे गए मोबाइल फोन रिकवर किए जाएंगे. पिता ने बताया कि बच्चियां कोरियन पर्सनैलिटी बना चुकी थीं और कोरिया जाने की जिद करती थीं. पुलिस डायरी, मोबाइल और ऐप्स की जांच कर रही है.
गाजियाबाद में तीन बहनों की सुसाइड की घटना के बाद इन दिनों कोरियन गेम की काफी चर्चा हो रही है.इसके बाद से कोरियन कल्चर पर सवाल उठने लगे हैं. ऐसे में समझते हैं कि ये कल्चर क्या है और कैसे ये आज की Gen-z पीढ़ी को प्रभावित कर रही है.