गोरखपुर बूथ सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. सीएम योगी ने अपने बयान में पिछली सपा सरकार के दौरान लोक सेवा आयोग में हुई भर्तियों में अनियमितताओं, 86 में से 56 पद एक जाति विशेष को देने और अयोग्य व्यक्ति को टॉप कराने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि विपक्षी दल समाज को जाति के आधार पर बांटने, फेक अकाउंट्स से नफरत फैलाने और युवाओं व छात्रों को भड़काने का काम कर रहे हैं. सीएम के मुताबिक दिल्ली में संसद का घेराव भी छात्रों को बदनाम करने के लिए किया गया.
सपा शासन के भर्ती घोटाले और जातिवाद पर प्रहार
सीएम योगी ने कहा कि सपा सरकार के दौरान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद पर अयोग्य व्यक्ति को बैठाया गया था. एसडीएम भर्ती में 86 में से 56 पदों पर एक जाति विशेष के लोगों का चयन किया गया और हाईस्कूल-इंटर में थर्ड डिवीजन पास उम्मीदवार को टॉप करा दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल समाज को बांटने और नकारात्मक नैरेटिव सेट करने का प्रयास कर रहे हैं.
'माफियाओं के प्रति थी विपक्ष की संवेदना'
CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा और कांग्रेस की संवेदना गरीब, किसान या आम परिवार के प्रति नहीं बल्कि माफियाओं के प्रति थी. आज उत्तर प्रदेश माफिया-मुक्त, गुंडा-मुक्त, उपद्रव-मुक्त और कर्फ्यू-मुक्त हो चुका है. उन्होंने कहा कि विपक्ष को यह बदलाव स्वीकार नहीं हो रहा है क्योंकि उनके शासनकाल में प्रदेश में दंगे, कर्फ्यू, लूट-खसोट और अराजकता का माहौल रहता था.
दिल्ली प्रदर्शन और छात्रों को भड़काने का आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल युवाओं, किसानों और छात्रों को भड़काने की शरारत कर रहे हैं. दिल्ली में संसद सत्र का घेराव और तोड़-फोड़ भी छात्रों को बदनाम करने के लिए सपा और कांग्रेस द्वारा कराई गई थी. जबकि सपा चीफ अखिलेश यादव और उनकी पार्टी ने दिल्ली में नीट एग्जाम में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन किया था.