इंडोनेशिया के ईस्ट नुसा तेंगारा प्रांत में 15 अगस्त को आए 7.7 तीव्रता के भूकंप ने भारी नुकसान किया है. ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भूकंप में अब तक 70 लोगों की मौत हो चुकी है. 132 लोग घायल हैं. सबसे ज्यादा असर फ्लोरेस द्वीप और उसके आसपास के इलाकों में हुआ है. Photo: AP
भूकंप के बाद 1500 से ज्यादा आफ्टरशॉक यानी छोटे-बड़े झटके आ चुके हैं. इससे लोगों में डर बना हुआ है. भूकंप के तेज झटकों से कई घर और दूसरी इमारतें टूट गईं या उन्हें नुकसान पहुंचा है. कुछ जगहों पर सड़कें भी बंद हो गई हैं. Photo: AP
कई रास्तों पर मिट्टी और पत्थर गिरने से राहत टीमों के लिए प्रभावित इलाकों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है. बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया है. कई परिवार अभी भी टेंट या खुले इलाकों में रह रहे हैं. लापता लोगों की संख्या को लेकर अभी कोई पक्का सरकारी आंकड़ा नहीं आया है. Photo: Reuters
भूकंप के बाद कई जगह बिजली और फोन की सुविधा भी प्रभावित हुई है. कुछ अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को भी नुकसान पहुंचा है. घायलों के इलाज के लिए कुछ जगहों पर अस्थायी मेडिकल कैंप बनाए गए हैं. Photo: Reuters
प्रभावित लोगों तक खाना, पानी, दवाइयां और टेंट पहुंचाए जा रहे हैं. सेना, पुलिस और सरकारी टीमें राहत और बचाव के काम में लगी हैं. कई गांव पहाड़ी और दूर के इलाकों में हैं. ऊपर से रास्ते बंद होने की वजह से वहां पहुंचना मुश्किल है. प्रशासन इन इलाकों में मदद पहुंचाने की कोशिश कर रहा है. Photo: AFP
मुख्य भूकंप के बाद लगातार आफ्टरशॉक आ रहे हैं. अब तक 1500 से ज्यादा आफ्टरशॉक दर्ज किए गए हैं. इन झटकों की वजह से लोग अपने घरों में वापस जाने से डर रहे हैं. जिन घरों में दरारें आई हैं या जो पहले से कमजोर हो गए हैं, वहां वापस जाना खतरनाक हो सकता है. इसलिए लोग सुरक्षित जगहों पर रह रहे हैं. Photo: AP
आफ्टरशॉक के बीच बचाव टीम भी सावधानी से मलबा हटा रही हैं और लोगों की तलाश कर रही हैं. भूकंप के बाद कुछ समय के लिए सुनामी की चेतावनी भी जारी की गई थी. समुद्र के नीचे भूकंप आने के बाद बड़ी लहरें उठने का खतरा था. हालांकि बाद में यह चेतावनी हटा दी गई. Photo:AP
अधिकारियों ने लोगों से समुद्र और टूटे हुए घरों से दूर रहने को कहा है. लोगों को आफ्टरशॉक के दौरान सुरक्षित और खुले स्थान पर रहने की सलाह दी गई है. प्रशासन ने यह भी कहा है कि बिना जांच के कमजोर या टूटे घरों में वापस न जाएं. Photo: AP
इंडोनेशिया में भूकंप का खतरा ज्यादा रहता है. इसकी एक बड़ी वजह देश की भौगोलिक स्थिति है. इंडोनेशिया पैसिफिक रिंग ऑफ फायर में आता है. इस इलाके में जमीन के नीचे मौजूद कई बड़ी टेक्टोनिक प्लेट्स एक-दूसरे के आसपास घूमती और खिसकती रहती हैं. Photo: Reuters
इन प्लेटों की हलचल से जमीन के अंदर दबाव बनता है और कई बार अचानक भूकंप आ जाता है. इसी वजह से इंडोनेशिया में भूकंप और ज्वालामुखी से जुड़ी घटनाएं अक्सर होती रहती हैं. फिलहाल राहत टीमों का ध्यान घायलों के इलाज, लोगों तक खाना-पानी पहुंचाने और मलबे में फंसे लोगों की तलाश पर है. साथ ही भूकंप से हुए नुकसान का जायजा लिया जा रहा है. आफ्टरशॉक जारी रहने की वजह से बचाव दल सावधानी से काम कर रहे हैं. Photo: Reuters