भारत ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को भारत दौरे के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया है. विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी. इसके साथ ही विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश के साथ संबंधों, प्रत्यर्पण से जुड़े अनुरोधों और पाकिस्तान की ओर से शाहजाद भट्टी आतंकी नेटवर्क पर दी गई प्रतिक्रिया को लेकर भी भारत का रुख स्पष्ट किया.
तारिक रहमान के संभावित भारत दौरे को लेकर पूछे गए सवाल पर रणधीर जायसवाल ने कहा, 'हमने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को भारत आने के लिए सौहार्दपूर्ण निमंत्रण दिया है.' हालांकि दौरा कब होगा, इसे लेकर उन्होंने कोई तारीख नहीं बताई. उन्होंने कहा कि इस मामले में जब भी कोई अपडेट होगा, उसे शेयर किया जाएगा.
बांग्लादेश के साथ सकारात्मक रिश्ते चाहता है भारत
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय की हालिया टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए जायसवाल ने कहा कि 'भारत बांग्लादेश के साथ आपसी हितों के आधार पर सकारात्मक, रचनात्मक और भविष्य की ओर देखने वाले संबंध चाहता है.
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री से जुड़े मामले पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर भारत अपना रुख पहले ही स्पष्ट कर चुका है और उसे दोहराने की जरूरत नहीं है. वहीं प्रत्यर्पण से जुड़े मामलों पर जायसवाल ने कहा कि भारत का लगातार यही रुख रहा है कि प्रत्यर्पण के अनुरोधों की स्थापित प्रक्रियाओं के तहत जांच की जा रही है.
शाहजाद भट्टी नेटवर्क पर पाकिस्तान को जवाब
इस बीच शाहजाद भट्टी आतंकी नेटवर्क को लेकर भारत के दावों पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया को भी विदेश मंत्रालय ने खारिज किया. रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत सरकार इस मामले में अपना पक्ष सामने रख चुकी है और वह उस पर कायम है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद से जुड़े मामलों को भारत बेहद गंभीरता से लेता है. भारत चाहता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी ऐसी एक्टिविटी की गंभीरता को समझें.
जायसवाल ने कहा कि भारत लंबे समय से आतंकवाद का शिकार रहा है और पिछले कई वर्षों में उसने आतंकवाद, खासकर सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक कार्रवाई को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने साफ किया कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि आतंकवाद की समस्या को खत्म करने के लिए जो भी जरूरी कदम उठाने होंगे, भारत उन्हें उठाता रहेगा.
विदेश मंत्रालय की इन टिप्पणियों में एक ओर बांग्लादेश के साथ संबंधों को आगे बढ़ाने और उच्चस्तरीय संपर्क बढ़ाने का संकेत दिया गया है, वहीं दूसरी ओर आतंकवाद और सीमा पार आतंकी गतिविधियों को लेकर पाकिस्तान के प्रति भारत ने अपना सख्त रुख दोहराया है.